असम NRC से 'आसू' खफा, सुप्रीम कोर्ट में लिस्ट पर रखेगा अपनी बात

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Updated: August 31, 2019, 3:01 PM IST
असम NRC से 'आसू' खफा, सुप्रीम कोर्ट में लिस्ट पर रखेगा अपनी बात
साल 1985 में हुए असम समझौते में आसू एक पक्षकार है.

साल 1985 में हुए असम (Assam) समझौते में ऑल असम स्टुडेंट्स यूनियन (All Assam Students Union) एक पक्षकार है, जिसमें असम में रह रहे अवैध विदेशियों को पहचानने, हटाने और निकालने का प्रावधान है.

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असम (Assam) की ऑल असम स्टुडेंट्स यूनियन (All Assam Students Union) शनिवार को जारी अंतिम राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) से निकाले गए नामों के आंकड़े से खुश नहीं है. आसू ने अब इसके खिलाफ उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) का रुख करने का मन बना लिया है.

साल 1985 में हुए असम समझौते में आसू एक पक्षकार है, जिसमें असम में रह रहे अवैध विदेशियों को पहचानने, हटाने और निकालने का प्रावधान है. असम में एनआरसी को अपडेट करने का काम उच्चम न्यायालय की देखरेख में किया जा रहा है ताकि केवल वास्तविक भारतीयों को ही शामिल किया जाए. आसू के महासचिव लुरिनज्योति गोगोई ने कहा, हम इससे बिल्कुल खुश नहीं हैं. ऐसा लगता है कि अद्यतन प्रक्रिया में कुछ खामियां हैं. हम मानते हैं कि एनआरसी अपूर्ण है. हम एनआरसी की खामियों को दूर करने के लिए उच्चतम न्यायालय से अपील करेंगे.

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एनआरसी को अपडेट करने का काम सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में किया जा रहा है.


गोगोई ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अंतिम आंकड़े कई मौकों पर प्रशासन की ओर से घोषित आंकड़ों से मेल नहीं खाते. गौरतलब है कि असम में बहुप्रतीक्षित अपडेटेड नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स शनिवार को जारी किया गया, जिसमें 19 लाख से अधिक लोगों के नाम शामिल नहीं हैं. एनआरसी में शामिल होने के लिए कुल 3,30,27,661 लोगों ने आवेदन किया था. एनआरसी के स्टेट कोआर्डिनेटर प्रतीक हजेला का कहना है कि 3,11,21,004 लोगों को अंतिम सूची में शामिल करने के लिए योग्य पाया गया. हजेला ने बताया कि 'जो लोग परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं, वे विदेशी ट्रिब्यूनल के समक्ष अपील दायर कर सकते हैं.' अपील दायर करने की समय सीमा 60 से 120 दिनों तक बढ़ा दी गई है.

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बता दें कि करीब 20वीं सदी की शुरुआत से ही बांग्लादेश से अवैध घुसपैठियों की समस्या से जूझ रहा असम अकेला राज्य है जहां पहली बार 1951 में राष्ट्रीय नागरिक पंजी तैयार किया गया था. तब से ऐसा पहली बार है जब एनआरसी अपडेट किया गया है.

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First published: August 31, 2019, 3:01 PM IST
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