लोकसभा चुनाव के पांचवे चरण के लिए मतदान आज, इन सीटों पर घमासान मुकाबला

News18Hindi
Updated: May 6, 2019, 7:10 AM IST
लोकसभा चुनाव के पांचवे चरण के लिए मतदान आज, इन सीटों पर घमासान मुकाबला
लोकसभा चुनाव के पांचवे चरण के लिए मतदान आज

पांचवे चरण में यूपी की 14, बिहार की 5, जम्मू-कश्मीर की 2 सीटों पर, मध्य प्रदेश की 7, राजस्थान की 12, झारखंड की 4 और पश्चिम बंगाल की 7 सीटों पर मतदान होगा.

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(काज़ी फराज अहमद)

लोकसभा चुनाव 2019 के पांचवे चरण में सोमवार को सात राज्यों की 51 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. पांचवे चरण में करीब नौ करोड़ मतदाता 674 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे. इस चरम में राजनाथ सिंह, सोनिया गांधी, स्मृति ईरानी और राहुल गांधी जैसे दिग्गज नेताओं के भाग्य का फैसला होना है.

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ से दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं तो केंद्र में उनकी सहयोगी स्मृति ईरानी फिर एक बार अमेठी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को टक्कर दे रही हैं. वहीं रायबरेली में सोनिया गांधी को कभी कांग्रेस में रहे दिनेश प्रताप सिंह से चुनौती मिल रही है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद धौरहरा लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद रेखा वर्मा के खिलाफ मैदान में हैं. एसपी-बीएसपी गठबंधन ने मुकाबले को त्रिकोणीय बनाते हुए इस इस सीट पर अहमद सिद्दकी को उम्मीदवार बनाया है.

यूपी की राजधानी लखनऊ में 1991 के बाद से बीजेपी लगातार जीत दर्ज कर रही है. साल 1991 में पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने यहां से जीत दर्ज की थी. एसपी-बीएसपी गठबंधन ने लखनऊ से शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस की तरफ से आचार्य प्रमोद कृष्णम मैदान में हैं.

इस बीच मोहनलालगंज लोकसभा सीट पर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है, यहां बीएसपी के पूर्व नेता और कांशीराम के करीबी आरके चौधरी, मायावती के करीबी माने जाने वाले सीएल वर्मा के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं. आरके चौधरी को कांग्रेस ने टिकट दिया है, जबकि बीजेपी की तरफ से कौशल किशोर को मैदान में उतारा गया है. कौशल किशोर इस सीट पर मौजूदा सांसद हैं और उनके बारे में कहा जाता है कि उनकी पासी समुदाय के बीच अच्छी पकड़ है.

एक अन्य दिलचस्प मुकाबला बाराबंकी (आरक्षित) सीट पर होगा, यहां से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया के बेटे तनुज पुनिया, बीजेपी के उपेंद्र रावत और एसपी के राम सागर रावत के खिलाफ लड़ रहे हैं. एसपी प्रत्याशी राम सागर रावत, बाराबंकी से पूर्व सांसद रहे हैं और इस बार उन्हें बीएसपी का भी समर्थन प्राप्त है. वहीं बीजेपी ने अपनी मौजूदा सांसद प्रियंका रावत को बदलकर उपेंद्र रावत को मैदान में खड़ा किया है.
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तनुज के पिता पीएल पुनिया पूर्व सांसद और क्षेत्र में चर्चित चेहरा रहे हैं, जिसका उन्हें फायदा हो रहा है और वह बीजेपी और गठबंधन के उम्मीदवार को टक्कर देते नजर आ रहे हैं.

पड़ोसी लोकसभा सीट कैसरगंज से बीजेपी के बृजभूषण शरण सिंह एसपी-बीएसपी के उम्मीदवार चंद्रदेव राम यादव के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं.

अमेठी और रायबरेली, इन दोनों सीटों को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है. साल 2014 में मोदी लहर के बावजूद कांग्रेस ने अपनी इन दो सीटों को बचा लिया था. यूपी में केवल यहीं दो सीटें थी जिन पर कांग्रेस को जीत मिली थी. अमेठी में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी फिर एक बार राहुल गांधी के खिलाफ खड़ी हैं. 2014 में हार के बावजूद स्मृति अमेठी में काफी सक्रीय रहीं.

रायबरेली लोकसभा सीट पर पूर्व कांग्रेस एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं.

सीतापुर लोकसभा सीट, जो फिर एक बार आरक्षीत सीट हैं, यहां बीजेपी प्रत्याशी राजेश वर्मा और एसपी-बीएसपी गठबंधन के उम्मीदवार नकुल दुबे के बीच करीबी मुकाबला नजर आ रहा है. कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़ रहे बीएसपी के पूर्व सांसद केसर जहान, नकुल दूबे को चुनौती दे सकते हैं.

गोंडा में तीन बार सांसद रह चुके कीर्तिवर्धन सिंह इस बार बीजपी की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं. कीर्तिवर्धन इससे पहले दो बार एसपी की टिकट से इस सीट से चुनाव जीते थे. हालांकि वह अभी तक लगातार चुनाव नहीं जीत सके हैं, ऐसे में इस बार उनके सामने इस ट्रेंड को तोड़ने की भी चुनौती है. एसपी-बीएसपी गठबंधन ने विनोद कुमार सिंह उर्फ ​​पंडित सिंह को गोंडा सीट से मैदान में उतारा है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है.

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बहराइच सीट पर कांग्रेस की तरफ से सावित्री बाई फुले चुनाव मैदान में हैं. सावित्री बाई फुले को इस बार बीजेपी ने टिकट देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया. इस सीट पर बीजेपी ने अक्षयवर लाल गौड़ और एसपी-बीएसपी गठबंधन ने शब्बीर बाल्मीकि को टिकट दिया है. माना जाता है कि शब्बीर बाल्मीकि का इस क्षेत्र के पिछड़े और मुस्लिम मतदाताओं पर अच्छा प्रभाव है.

कौशाम्बी संसदीय सीट पर बीजेपी ने सांसद विनोद सोनकर को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने गिरीश चंद्र पासी को और सपा-बसपा गठबंधन ने इंद्रजीत सरोज पर दांव खेला है. इस सीट पर एक अन्य महत्वपूर्ण उम्मीदवार शैलेन्द्र कुमार हैं, जिन्हें रघुराज प्रताप सिंह उर्फ ​​राजा भैया की राजनीतिक पार्टी जनसत्ता दल ने मैदान में उतारा है.

इस बीच एक और सीट जिस पर पूरे देश की नजरे हैं वह है फैजाबाद लोकसभा सीट. इस सीट के अंतर्गत ही राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद जैसे विवादित स्थल हैं. वर्तमान में बीजेपी के लल्लू सिंह फैजाबाद से सांसद हैं. वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता निर्मल खत्री और एसपी-बीएसपी गठबंधन के उम्मीदवार आनंद सेन यादव के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे.

बांदा संसदीय सीट पर भी त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा, क्योंकि कांग्रेस ने इस सीट से डकैत ददुआ के भाई बाल कुमार पटेल को उम्मीदवार बनाया है. पटेल बीजेपी के श्यामाचरण गुप्ता और एसपी-बीएसपी गठबंधन के उम्मीदवार आरके पटेल के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं.

बता दें कि पांचवे चरण में यूपी की 14, बिहार की 5, जम्मू-कश्मीर की 2 सीटों पर, मध्य प्रदेश की 7, राजस्थान की 12, झारखंड की 4 और पश्चिम बंगाल की 7 सीटों पर मतदान होगा.

पांचवे चरण की 51 सीटों पर मतदान के लिए चुनाव आयोग ने 94,000 मतदान केंद्र/बूथ बनाए हैं और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं. पांचवें और सबसे छोटे चरण में कुल 8.75 करोड़ मतदाता 674 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे. इस चरण के साथ 424 सीटों पर चुनाव संपन्न हो जाएगा. बाकी बची 118 सीटों पर 12 और 19 मई को मतदान होगा.

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First published: May 6, 2019, 2:39 AM IST
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