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किसान संघर्ष समन्वय समिति का बड़ा बयान; सरकार MSP की गारंटी दे, बाकी बातचीत में देखेंगे

सरकार और किसान संगठनों में रार के बीच अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति का बड़ा बयान सामने आया है. (फोटो साभार-ANI)
सरकार और किसान संगठनों में रार के बीच अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति का बड़ा बयान सामने आया है. (फोटो साभार-ANI)

Farmers Protest: अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के नेता सरदार वीएम सिंह ने कहा, 'हम एमएसपी पर आश्वासन चाहते हैं. हम इसके तहत अपनी उपज की खरीद की गारंटी चाहते हैं. एमएसपी गारंटी विधेयक लाने पर किसान लाभान्वित होंगे.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 12, 2020, 4:23 PM IST
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नई दिल्‍ली. कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ किसानों के आंदोलन (Farmers Protest) का आज सत्रहवां दिन है. किसान संगठनों ने कई राजमार्गों पर यातायात ठप करने की चेतावनी दी है. जबकि हरियाणा (Haryana) के किसानों ने टोल प्‍लाजा को घेरने का आह्वान किया है. इस बीच, अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (All India Kisan Sangharsh Coordination Committee) ने बड़ा बयान जारी किया है. अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के नेता सरदार वीएम सिंह ने न्‍यूज 18 से खास बातचीत में कहा, 'बाकी संगठन सरकार से बात करें ना करें हम बातचीत के लिए तैयार हैं. उनका डेडलॉक है हमारा नहीं. सरकार हमसे बात करे. हमारी मुख्‍य मांग एमएसपी की गारंटी है. बाकी बातचीत में देखेंगे.'

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के नेता सरदार वीएम सिंह ने कहा, 'हम एमएसपी पर आश्वासन चाहते हैं. हम इसके तहत अपनी उपज की खरीद की गारंटी चाहते हैं. एमएसपी गारंटी विधेयक लाने पर किसान लाभान्वित होंगे.' उत्‍तर प्रदेश के किसान नेता डूंगर सिंह ने कहा कि हम आलू, गन्‍ना, अनाज, सब्‍जी और दूध समेत सभी उपज पर एमएसपी चाहते हैं. हम लिखित रूप ये यह गारंटी नहीं चाहते हैं. लेकिन हम एमएसपी के लिए एक कानून चाहते हैं.

हरियाणा में टोल प्लाजा के पास जमा हुए किसान, यात्रियों से नहीं वसूलने दिया शुल्क
केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ अपने आंदोलन को तेज करते हुए किसानों ने शनिवार को हरियाणा में कुछ टोल प्लाजा पर कब्जा कर लिया और अधिकारियों को यात्रियों से शुल्क की वसूली नहीं करने दी. आंदोलनकारी किसानों ने कहा था कि नए कृषि कानूनों को वापस लेने की अपनी मांग के लिए दबाव बनाने के खातिर वे टोल प्लाजा पर एकत्रित होंगे. भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के 100 से अधिक किसान मल्कीत सिंह और मनीष चौधरी के नेतृत्व में अंबाला-हिसार राजमार्ग पर टोल प्लाजा पर इकट्ठे हुए.
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भाकियू कार्यकर्ता नारे लगा रहे थे और कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे थे. टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने वाहनों को बिना शुल्क अदा किए जाने दिया. कानून व्यवस्था को कायम रखने के लिए टोल प्लाजा पर बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे. किसानों ने करनाल के बस्तारा और पियोंट टोल प्लाजा पर भी यात्रियों से शुल्क की वसूली नहीं करने दी. पंजाब में एक अक्टूबर से किसान विभिन्न टोल प्लाजा पर धरने पर बैठे हैं और यहां भी यात्रियों से शुल्क नहीं वसूला जा रहा.

पंजाब में राष्ट्रीय राजमार्गों पर कुल 25 टोल प्लाजा हैं और यहां किसानों के प्रदर्शन के चलते यात्रियों से शुल्क की वसूली नहीं होने के कारण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को प्रतिदिन तीन करोड़ रूपये का घाटा उठाना पड़ रहा है. कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हजारों किसान दिल्ली से लगने वाली सीमाओं पर डटे हुए हैं. (भाषा इनपुट के साथ)
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