कांग्रेस-जेडीएस में मतभेद की खबरों के बीच पार्टी नेताओं ने कहा- All is Well

कांग्रेस और जेडीएस से उठती असहमति कि आवाजों को लेकर कांग्रेस मंत्री यूटी खादर ने कहा, वे आज हमारी पार्टी के खिलाफ बोल सकते हैं, लेकिन वे ये भी जानते हैं कि बीजेपी उनके साथ कैसा व्यवहार करेगी.

News18Hindi
Updated: May 24, 2019, 9:45 PM IST
कांग्रेस-जेडीएस में मतभेद की खबरों के बीच पार्टी नेताओं ने कहा- All is Well
बंगलुरू में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम कुमारस्वामी एवं अन्य नेता
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Updated: May 24, 2019, 9:45 PM IST
(दीपा बालाकृष्णन) 

कर्नाटक में जनता दल (सेक्युलर) और कांग्रेस में घमासान चल रहा है, जबकि विपक्षी पार्टी बीजेपी में कई नेता खुले तौर पर कह रहे हैं कि वे सरकार को गिराएंगे.



मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शुक्रवार को एक 'अनौपचारिक' कैबिनेट मीटिंग बुलाई, जिसमें दोनों पार्टियों के वरिष्ठ मंत्रियों ने हिस्सा लिया. इसके बाद कुमारस्वामी और कांग्रेस पार्टी के नेता तथा राज्य के उप-मुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने गठबंधन सरकार के गिरने पर बने संदेह को लेकर एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया.

कांग्रेस मंत्री प्रियांक खड़गे ने बैठक के बाद कहा, "बेशक उन्हें (बीजेपी को) नया विश्वास मिला है, नई ताकत के साथ वे इसे करेंगे (दलबदल की कोशिश), लेकिन मैं लोगों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि यह सरकार यहां स्थिर रहने के लिए है, हम अपना कार्यकाल पूरा करेंगे. मुझे नहीं लगता कि आने वाले वक्त में बीजेपी सत्ता में आने वाली है."

बता दें कि प्रियांग खड़गे पूर्व विपक्षी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे हैं, जिन्हें गुलबर्ग सीट से पहली बार हार का सामना करना पड़ा.

लोकसभा चुनावों के साथ कर्नाटक की दो विधानसभा सीटों पर उप-चुनाव भी हुए थे, जिसमें से एक बीजेपी के खाते में गई. इस जीत के साथ 224 सदस्यों वाली कर्नाटक विधानसभा में बीजेपी के 105 विधायक हो गए हैं, जो बहुमत के आंकड़े से आठ कम हैं. बीजेपी का दावा है कि उसे दो निर्दलीय विधायकों और बहुजन समाज पार्टी के एक अन्य विधायक का समर्थन प्राप्त है.

जेडीएस मंत्री बंदेपा कासेमपुर ने कहा, "हमारे पास अब भी बहुमत है. हमारी सरकार सुरक्षित है."
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चिंचोली विधानसभा सीट पर हुए उप-चुनाव में मिली जीत ने बीजेपी को कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों को साधने के लिए और अधिक बल दे दिया है. कई बीजेपी नेता गठबंधन सरकार को गिराने का संकेत दे रहे हैं, उनका दावा है कि सत्तारूढ़ पार्टियों के कम से कम 10 विधायक उनके संपर्क में हैं. बीजेपी के 'ऑपरेशन कमल' ने सत्तारूढ़ गठबंधन को चिंता में डाल दिया है.

हालांकि राज्य के मुख्यमंत्री का दावा है कि वे अपने विधायकों के साथ रहने को लेकर आश्वस्त हैं, क्योंकि उनके विधायकों का बीजेपी में कोई भविष्य नहीं होगा.

कांग्रेस और जेडीएस से उठती असहमति कि आवाजों को लेकर कांग्रेस मंत्री यूटी खादर ने कहा, "वे आज हमारी पार्टी के खिलाफ बोल सकते हैं, लेकिन वे ये भी जानते हैं कि बीजेपी उनके साथ कैसा व्यवहार करेगी."

प्रियांक खड़गे ने कहा कि चिंचोली में जीत का अर्थ ये नहीं है कि आप हर जगह जीत जाएंगे.

प्रियांक ने कहा, "अगर वे ऑपरेशन कमल की कोशिश करते हैं तो क्या इसका मतलब ये है कि वे इन असंवैधानिक कार्यों को जारी रखेंगे? और आपने ऐसा कैसे सोच लिया कि यह तकनीक बीजेपी के खिलाफ नहीं अपनाई जा सकती? अगर ऑपरेशन कमल हो सकता है तो फिर ऑपरेशन हाथ क्यों नहीं हो सकता?"

यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस भी बीजेपी के विधायकों को तोड़ने की कोशिश करेगी, उन्होंने कहा पार्टी कुछ भी असंवैधानिक नहीं करेगी, लेकिन जब हमारे अस्तित्व की बात आती है तो, हम वह करने पर मजबूर होंगे जो सही लगता है."

वहीं फरवरी के दौरान ऑपरेशन कमल में प्रमुख भूमिका निभाने वाले बीजेपी के विधायक और रणनीतिकार कहते हैं, "लोकसभा और विधानसभा उप-चुनाव में शानदार प्रदर्शन के चलते बीजेपी उत्साहित है."

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