केंद्र सरकार के सभी दफ्तरों में शुरू होंगी मीटिंग, उससे पहले होगा कोरोना संदेश

हर बैठक से पहले कोरोना प्रोटोकॉल संबंधी मैसेज दिया जाएगा. (सांकेतिक तस्वीर)
हर बैठक से पहले कोरोना प्रोटोकॉल संबंधी मैसेज दिया जाएगा. (सांकेतिक तस्वीर)

इस संदेश (messages on Covid-19 related precautions) में कोरोना संबंधी एहितायत जैसे मास्क (Mask), सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) और सैनेटाइजेशन जैसे प्रोटोकॉल के बारे में बताया जाएगा. सरकारी आदेश में कहा गया है कि मीटिंग्स के दौरान कोरोना संबंधी प्रोटोकॉल फॉलो करना बेहद आवश्यक है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 15, 2020, 8:56 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र सरकार के सभी दफ्तरों (Central govt offices) की मीटिंग अब कोरोना संदेश (messages on Covid-19 related precautions) के साथ शुरू होगी. इस संदेश में कोरोना संबंधी एहितायत जैसे मास्क , सोशल डिस्टेंसिंग और सैनेटाइजेशन जैसे प्रोटोकॉल के बारे में बताया जाएगा. सरकारी आदेश में कहा गया है कि मीटिंग्स के दौरान कोरोना संबंधी प्रोटोकॉल फॉलो करना बेहद आवश्यक है. गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कोरोना वैक्सीन से संबंधित जानकारी देश को उपलब्ध कराई है.

वैक्सीन के बारे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने दी थी जानकारी
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन (Dr Harsh Vardhan) ने बताया था कि कोरोना की वैक्सीन अगले साल की शुरुआत में आ सकती है. इसके लिए तेजी से काम चल रहा है. कोरोना की वैक्सीन पहले किन्हें लगाई जाएगी, इसके लिए भी एक्सपर्ट ग्रुप ने रणनीति बना ली है.

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की मीटिंग में ये बातें कही थीं. उन्होंने कहा, 'भारत के बड़े जनसंख्या आकार को ध्यान में रखते हुए, एक टीका या वैक्सीन निर्माता पूरे देश में टीकाकरण की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम नहीं होगा. इसलिए हम भारतीय आबादी के लिए उनकी उपलब्धता के अनुसार देश में कई कोरोना टीकों को पेश करने की व्यवहार्यता का आकलन करने के लिए तैयार हैं. यह भी सुनिश्चित करने की जरूरत है कि सबसे कमजोर समूह इसे पहले प्राप्त करें.'




भारत है इस वक्त कोरोना का वैश्विक एपिसेंटर
गौरतलब है कि भारत इस वक्त कोरोना का दुनिया में एपिसेंटर है. कुल केस के मामले में अमेरिका के बाद भारत का दूसरा नंबर है. इस वक्त देश में कुल कोरोना मरीजों की संख्या का आंकड़ा 73 लाख के पार जा चुका है. हालांकि इनमें करीब 64 लाख लोग रिकवर भी हो चुके हैं. 111,266 लोगों ने जान गंवाई है और 812,390 एक्टिव केस हैं.
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