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जानें क्या है 'चैंपियंस ऑफ द अर्थ अवॉर्ड? क्यों मिलता है यह सम्मान

जानें क्या है 'चैंपियंस ऑफ द अर्थ अवॉर्ड? क्यों मिलता है यह सम्मान

यूएन महासचिव एंतोनियो गुतारेस के साथ पीएम नरेंद्र मोदी

यूएन महासचिव एंतोनियो गुतारेस के साथ पीएम नरेंद्र मोदी

पीएम मोदी को 'चैंपियंस ऑफ अर्थ अवॉर्ड' यूनाइटेड नेशन के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने एक कार्यक्रम में अपने हाथों से दिया. बता दें कि गुतारेस पीएम मोदी को यह अवॉर्ड देने खुद दिल्ली पहुंचे.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 3 अक्टूबर बुधवार को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार 'चैंपियंस ऑफ द अर्थ' अवॉर्ड से नवाजा गया. पीएम मोदी को 'चैंपियंस ऑफ अर्थ अवॉर्ड' यूनाइटेड नेशन के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने एक कार्यक्रम में अपने हाथों से दिया. बता दें कि गुतारेस पीएम मोदी को यह अवॉर्ड देने खुद दिल्ली पहुंचे. यह कार्यक्रम प्रवासी भारतीय केंद्र में आयोजित किया गया. संयुक्त राष्ट्र ने 26 सितंबर को महासभा की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ये अवॉर्ड देने की घोषणा की थी.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्यों मिला अवार्ड?
    पर्यावरण के क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए ये सम्मान दिया जाता है.  पीएम मोदी को सतत विकास, जलवायु परिवर्तन पर अपने अनुकरणीय नेतृत्व और सकारात्मक कदम उठाने को लेकर 'चैंपियंस ऑफ द अर्थ' अवॉर्ड से सम्मानित किया जा रहा है. मोदी को अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के नेतृत्व और 2022 तक भारत को एकल इस्तेमाल वाले प्लास्टिक से मुक्त कराने के संकल्प को लेकर 'चैंपियंस ऑफ द अर्थ' अवॉर्ड के लिए चुना गया है. उन्हें पॉलिसी लीडरशिप यानि नीति नेतृत्व श्रेणी के तहत यह अवॉर्ड मिला है.

    इस अवॉर्ड के बारे में विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक संबंध) टी एस तिरुमूर्ति ने कहा, 'यह (यूएन) सर्वोच्च पर्यावरण पुरस्कार है. यह पुरस्कार प्रधानमंत्री के उल्लेखनीय कार्य और सौर गठबंधन की जोरदार पैरवी करने और पर्यावरण के क्षेत्र में सहयोग के क्षेत्रों के संवर्धन को लेकर विश्व मंच पर उनके साहसी पर्यावरण नेतृत्व को एक पहचान देता है. उनके प्रयासों में 2020 तक एकल उपयोग प्लास्टिक को पूरी तरह हटाने का उनका अप्रत्याशित संकल्प है. '

    चैंपियंस ऑफ द अर्थ है क्या?
    संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने 2005 में सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों, और नागरिक समाज से उत्कृष्ट पर्यावरणीय नेताओं को पहचानने के लिए वार्षिक पुरस्कार कार्यक्रम के रूप में पृथ्वी के चैंपियंस की स्थापना की थी. आम तौर पर, सालाना पांच से सात विजेताओं का चयन किया जाता है. प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक ट्रॉफी प्राप्त करने के लिए एक पुरस्कार समारोह में आमंत्रित किया जाता है. विजेता स्वीकृति भाषण देते हैं और एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाग लेते हैं. यह यूएन के बड़े पुरस्कारों में से एक है लेकिन यहां कोई वित्तीय पुरस्कार प्रदान नहीं किया जाता है.

    यह पुरस्कार कार्यक्रम यूएनईपी के ग्लोबल 500 रोल ऑफ ऑनर अवार्ड की तर्ज पर शुरु किया गया.  2017 में, कार्यक्रम में युवा चैंपियंस ऑफ द अर्थ को शामिल करने के लिए इसे बढ़ाया गया. यह 18-30 की आयु वाले उन प्रतिभाशाली इन्नोवेटर युवाओं के लिए है जो सकारात्मक पर्यावरणीय प्रभाव पैदा करने के लिए उत्कृष्ट क्षमता का प्रदर्शन करते हैं.

    यह कार्यक्रम कोवेस्ट्रो के साथ साझेदारी में चलाया जाता है. कोवेस्ट्रो एक जर्मन स्टॉक कॉर्पोरेशन है.

    'चैंपियंस ऑफ अर्थ ' से सम्मानित हुए पीएम मोदी


    मोदी के अलावा कौन कौन चैंपियंस ऑफ द अर्थ
    मोदी के अलावा यह सम्मान पांच अन्य व्यक्तियों और संगठनों को भी दिया जाएगा. ये अवॉर्ड पाने वाले चैंपियंस छह अलग-अलग वर्गों में विभाजित होते हैं. ये चैंपियंस नीति नेतृत्व, विज्ञान व नवाचार, प्रेरणा व एक्शन, लाइफटाइम अचीवमेंट और उद्यमी विजन श्रेणी के तहत चुने जाते हैं.

    इस साल किसे किसे मिला

    नरेंद्र मोदी - नीति नेतृत्व
    इमानुअल मैक्रॉन - नीति नेतृत्व
    बियोंड मीट - विज्ञान और नवाचार
    बियोंड मीट 2009 में एथन ब्राउन द्वारा स्थापित पौधों पर आधारित भोजन मांस के विकल्प के रूप में देते हैं. ये लॉस एंजिल्स स्थित निर्माता हैं. मांस के उत्पादों से परे बियोंड मीट 2013 से होल फूड्स मार्केट में उपलब्ध हो गया.



    जोन कार्लिंग - लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड


    जोन कार्लिंग फिलीपींस से एक स्वदेशी अधिकार कार्यकर्ता और पर्यावरण डिफेंडर है. वह 20 से अधिक वर्षों से जमीनी स्तर से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक भूमि अधिकारों का बचाव कर रही है.

    इंपॉस्बल फूड्स - विज्ञान और नवाचार
    इंपॉस्बल फूड्स भी लोगों को अमेरिका में मीट छोड़ कर शाकाहारी खाने के लिए प्रेरित करती है और शाकाहारी पौष्टिक भोजन उपलब्ध भी करवाती है.

    कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट - उद्यमी दृष्टि
    कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत में पहला हवाई अड्डा है जो सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत विकसित किया गया है और इसे 30 देशों के लगभग 10,000 गैर-निवासी भारतीयों द्वारा वित्त पोषित किया गया है.

    शिजियांग के ग्रीन ग्रामीण पुनरुद्धार कार्यक्रम - प्रेरणा और कार्रवाई

    चीन के झेजियांग ग्रीन ग्रामीण पुनरुद्धार कार्यक्रम एक असाधारण सफल पर्यावरण-बहाली कार्यक्रम है जो आर्थिक और पर्यावरणीय विकास की परिवर्तनीय शक्ति को एक साथ दिखाता है.undefined

    Tags: Emanuel Macron, Pm narendra modi, United nations, World environment day

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