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कोरोना वायरस को लेकर चीन पर फूटा लोगों का गुस्सा, उठने लगी बायकॉट की मांग

News18Hindi
Updated: April 6, 2020, 1:52 PM IST
कोरोना वायरस को लेकर चीन पर फूटा लोगों का गुस्सा, उठने लगी बायकॉट की मांग
महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से अब तक 1635 लोगों की मौत हो चुकी है. (फाइल फोटो)

दुनियाभर के देशों में कम से कम 6.5 ट्रिलियन डॉलर (85,12,31,55,000.0 भारतीय रुपया) का आर्थिक नुकसान हुआ है, जो जी-7 देशों द्वारा वहन किया जा रहा है.

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नई दिल्ली. चीन (china) से विश्वभर में फैले कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते अब दुनिया भर के देशों में मंदी का साया मंडराने लगा है. ज्यादातर देशों में लॉकडाउन (lockdown) किए जाने के कारण हर दिन लाखों करोड़ का नुकसान हो रहा है. देश की ​बिगड़ती अर्थव्यवस्था को देखते हुए अब दुनियाभर के देशों ने चीन पर ही इस वायरस को फैलाने का आरोप लगाना शुरू कर दिया है. ब्रिटेन के कंजरवेटिव सांसदों ने जहां चीन पर कानूनी कार्रवाई और मुकदमा करने की मांग की है, वहीं भारत में अब चीनी सामानों के बहिष्कार की आवाज उठने लगी है.

योगगुरु बाबा रामदेव ने दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया है. योगगुरु ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चीन का 'राजनीतिक और आर्थिक रूप से' बहिष्कार करना चाहिए. चीन पर निशाना साधते हुए बाबा रामदेव ने ट्वीट किया और लिखा कि भारत को इसके लिए कूटनीतिक पहल करनी चाहिए. बाबा रामदेव ने ट्वीट किया, 'सचमुच चीन ने अमानवीय, अनैतिक और सारे विश्व को घोर संकट में डालने का कृत्य किया है. इसके लिए विश्व समुदाय द्वारा चीन को राजनीतिक और आर्थिक दण्ड दिया जाना चाहिए और इसका राजनीतिक और आर्थिक बहिष्कार करना चाहिए. दुनिया के सबसे बड़े प्रजातंत्र भारत को कूटनीतिक पहल करनी चाहिए.

वैसे चीन के आर्थिक बहिष्कार की मांग करने वाले योगगुरु रामदेव अकेले नहीं हैं. दुनिया भर में कई लोग ट्विटर पर चीन को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं.













उधर 'द संडे मॉर्निंग हेराल्ड' की लंदन ब्यूरो की एक रिपोर्ट के मुताबिक, द हेनरी जैकसन सोसाइटी ने दुनियाभर में कोरोना वायरस फैलाने के आरोप में चीन से हर्जाने की मांगने की अपील है. रिपोर्ट में जैकसन सोसाइटी के हवाले से लिखा गया है कि कोरोना फैलाने के लिए चीन पर अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत मुकदमा ठोंकना चाहिए और उससे कोरोना से हुए आर्थिक नुकसान की पूर्ति के लिए भारी हर्जाना वसूला जाना चाहिए.'

दुनियाभर को 6.5 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान
वहीं द हेनरी जैकसन सोसाइटी ने बताया कि कोरोना से दुनियाभर के देशों में कम से कम 6.5 ट्रिलियन डॉलर (85,12,31,55,000.0 भारतीय रुपया) का आर्थिक नुकसान हुआ है, जो जी-7 देशों द्वारा वहन किया जा रहा है; क्योंकि लॉकडाउन के चलते इंडस्ट्रीज और बाकी काम बंद हैं. ऐसे में चीन से पूरा हर्जाना वसूला जाना चाहिए.

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भारत को नौ लाख करोड़ रुपये का नुकसान
चीन की लापरवाही का ही नतीजा है कि भारत को भी देश में 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा करनी पड़ी. बताया जा रहा है कि लॉकडाउन की वजह से इकोनॉमी को 120 अरब डॉलर (करीब नौ लाख करोड़ रुपये) का नुकसान हो सकता है. यह हिसाब बार्कलेज बैंक ने अपनी एक रिसर्च रिपोर्ट में लगाया है. नुकसान भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के चार प्रतिशत के बराबर है.

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अमेरिका ने भी किया है मुकदमा
इससे पहले कोरोना वायरस फैलाने के लिए अमेरिका भी चीन पर 20 ट्रिलियन डॉलर का मुकदमा कर चुका है. अमेरिकी कंपनी ने आरोप लगाया है कि चीन ने जानबूझकर यह वायरस छोड़ा है, ताकि अमेरिकी नागरिकों को नुकसान पहुंचाया जा सके. अमेरिकी कंपनी ने दावा किया है कि चीन के वुहान शहर में वुहान वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट ने यह जैविक हथियार तैयार किया है. जिसमें चीन सरकार, चीनी सेना, वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के डायरेक्टर शी झेनग्ली और चीनी सेना पर मेजर जनरल छेन वेई की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता है.

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First published: April 6, 2020, 12:52 PM IST
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