'चिदंबरम को उस अपराध का किंगपिन बताया गया, जिसका 2007 में अस्तित्‍व ही नहीं था'

News18Hindi
Updated: August 27, 2019, 6:25 PM IST
'चिदंबरम को उस अपराध का किंगपिन बताया गया, जिसका 2007 में अस्तित्‍व ही नहीं था'
पी. चिदंबरम की ओर से पेश वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, कथि‍त मामला 2007-08 का है, जबकि मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA) में संबं‍धित प्रावधान जून, 2009 में अधिसूचित हुआ था.

पूर्व वित्‍त मंत्री पी. चिदंबरम (P. Chidambaram) के वकील अभिषेक मनु सिंघवी (AM Singhvi) ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) को बताया, कथित अनियमितता 2007-08 में हुई थी, जबकि मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA) में संबं‍धित प्रावधान जून, 2009 में लागू हुआ था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 27, 2019, 6:25 PM IST
  • Share this:
पूर्व वित्‍त मंत्री चिदंबरम (P. Chidambaram) की ओर से सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में पेश हुए वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता अभिषेक मनु सिंघवी (AM Singhvi) ने प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) की ओर से दर्ज मामले पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्‍हें उस कानून के प्रावधानों के तहत आरोपी बनाया गया है जो 2007 में अस्तित्‍व में ही नहीं थे. उन्‍होंने आईएनएक्‍स मीडिया स्‍कैंडल में ईडी के मामले में गिरफ्तारी पूर्व जमानत याचिका दायर करते हुए कोर्ट को बताया कि कथि‍त मामला 2007-08 का है, जबकि मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA) में संबं‍धित प्रावधान जून, 2009 में अधिसूचित हुआ था.

ईडी ने चिदंबरम के खिलाफ PMLA के संशोधित प्रावधानों में मामला दर्ज किया है
सिंघवी ने जस्टिस आर. भानुमति की बेंच से कहा कि इसके बावजूद ईडी ने चिदंबरम के खिलाफ पीएमएलए के प्रावधानों में मामला दर्ज किया है. ईडी एक व्‍यक्ति को उस अपराध का किंगपिन बताने की कोशिश कर रहा है जिसका कथित अनियमितता के समय वजूद ही नहीं था. एफआईआर में लगाई गई धाराओं के तहत घोषित अपराध को जून, 2009 में मनी लॉन्ड्रिंग कानून में संशोधन कर अधिसूचित किया गया था, जबकि कथित अनियमितता इससे एक साल पहले की है.

सिंघवी ने कहा - ऐसा लगता है कि जांच एजेंसियां चिदंबरम से कबूलनामा चाहती हैं

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ईडी की ओर से दर्ज आईएनएक्‍स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चिदंबरम को मंगलवार तक गिरफ्तारी से छूट दे दी थी. जांच एजेंसियों की ओर से की जा रही पूछताछ पर सिंघवी ने कहा, 'ऐसा लगता है कि एजेंसियां चिदंबरम से कबूलनामा चाहती हैं.' साथ ही सिंघवी ने कोर्ट से कहा, 'एजेंसियां यह कहकर चिदंबरम की गलत तस्‍वीर पेश करने की कोशिश कर रही हैं कि वह मामले में टाल-मटोल कर रहे हैं.'

सिब्‍बल ने दाखिल की ईडी की पूछताछ की ट्रांसस्क्रिप्‍ट उपलब्‍ध कराने की अर्जी
इस बीच चिदंबरम की ओर से पेश दूसरे वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता कपिल सिब्‍बल ने तीन तारीखों पर चिदंबरम से की गई ईडी की पूछताछ की ट्रांसस्क्रिप्‍ट उपलब्‍ध कराने की अर्जी दाखिल की. सिब्‍बल ने बताया कि उन्‍होंने 19 दिसंबर 2018, 1 जनवरी 2019 और 21 जनवरी 2019 को की गई ईडी की पूछताछ का ब्‍योरा मुहैया कराने के लिए आवेदन किया है. उन्‍होंने कहा, इससे स्‍पष्‍ट हो जाएगा कि चिदंबरम टाल-मटोल का रवैया अपना रहे हैं या एजेंसियों का पूरा सहयोग कर रहे हैं.
Loading...

ये भी पढ़ें: 

INX Media Case: चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया नया हलफनामा, हो सकता है लाई डिटेक्टर टेस्ट

INX Media Case: ED का दावा, 12 देशों में फैली है पी चिदंबरम की करोड़ों की प्रॉपर्टी

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 27, 2019, 6:25 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...