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बाइडेन की स्पीच लिखने वाले विनय रेड्डी के गांव में खुशियों की लहर, बोले- अंतरराष्ट्रीय ख्याति दिलाई

विनय रेड्डी ने लिखा है जो बाइडन का भाषण. (Pic- File ANI)
विनय रेड्डी ने लिखा है जो बाइडन का भाषण. (Pic- File ANI)

व्हाइट हाउस के स्पीच डायरेक्टर के तौर पर विनय की नियुक्ति की घोषणा के बाद पोथिरेड्डीपेटा गांव के लोगों में ख़ुशी की लहर है और अपने गांव को मिली इस अंतर्राष्ट्रीय प्रसिद्धि से गर्व का अनुभव कर रहे हैं. विनय के चाचा चोलेती किशन रेड्डी का कहना है, "हम बहुत खुश हैं और गर्व महसूस कर रहे हैं. हमारा चोलटि वंश अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जा रहा है."

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 21, 2021, 5:08 PM IST
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पी वी रमन कुमार

अमेरिका (America) के 46वें राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) के लिए नियुक्त किए गए वाइट हाउस के स्पीच डायरेक्टर चोलेती विनय रेड्डी की जड़ें तेलंगाना के करीमनगर ज़िले के एक दूरस्थ गांव में हैं. विनय रेड्डी के पिता नारायण रेड्डी करीमनगर ज़िले के हुज़ुरबाद मंडल के पोथिरेड्डीपेटा गांव के रहने वाले हैं. नारायण रेड्डी पेशे से डॉक्टर हैं और 1970 में वह अमेरिका चले गए थे.

नारायण रेड्डी और विजया रेड्डी के तीन बच्चों में से एक विनय रेड्डी डेटन, ओहिओ में पैदा हुए और पले बढ़े. केजी से लेकर डिग्री तक उनकी शिक्षा दीक्षा ओहिओ में हुई और मिआमी यूनिवर्सिटी से उन्होंने कानून में ग्रेजुएशन की डिग्री ली. विनय रेड्डी के दादा तिरुपति रेड्डी ने सरपंच के तौर पर पोथिरेड्डीपेटा गांव की तीस वर्षों तक सेवा की है.



व्हाइट हाउस के स्पीच डायरेक्टर के तौर पर विनय की नियुक्ति की घोषणा के बाद पोथिरेड्डीपेटा गांव के लोगों में ख़ुशी की लहर है और अपने गांव को मिली इस अंतर्राष्ट्रीय प्रसिद्धि से गर्व का अनुभव कर रहे हैं. विनय के चाचा चोलेती किशन रेड्डी का कहना है, "हम बहुत खुश हैं और गर्व महसूस कर रहे हैं. हमारा चोलटि वंश अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जा रहा है."
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आज तक नहीं बेची भारत में अपनी संपत्ति
अपने पूरे परिवार के अमेरिका चले जाने के बाद बावजूद डॉक्टर नारायण रेड्डी ने पोथिरेड्डीपेटा गांव में अपनी संपत्ति को नहीं बेचा. अभी भी उनके पास गांव में चार एकड़ कृषि की जमीन और एक मकान है. गांववालों का कहना है कि डॉक्टर नारायण रेड्डी अक्सर आते रहते हैं और गांव के विकास के कई प्रोजेक्ट्स में उन्होंने आर्थिक सहायता की है.



गांव के इंजीनियरिंग के छात्र करते हैं रेड्डी की जमीन पर खेती
गांव में इंजीनियरिंग के छात्र श्रीनिवास कहते हैं, "मैं उनकी खेती की जमीन की देखभाल करता हूं. मैं ही खेती बाड़ी भी करता हूं मगर वह लोग बदले में कुछ भी उम्मीद नहीं करते हैं." पोथिरेड्डीपेटा गांव का एक किसान कहता है. गांव के युवाओं के लिए विनय एक सच्ची प्रेरणा हैं. हमनें उन्हें नहीं देखा. वह हमारे गांव नहीं आये हैं, फिर भी हमारे लिए वह एक प्रेरणा हैं. हम उन्हें सलाम करते हैं.

वहीं, दूसरे गांव वाले ने कहा कि चूंकि विनय के पिता एक डॉक्टर हैं , वह जब भी भारत आते हैं अपने साथ दवाइयां लाते हैं और इसे गरीबों में बांट देते हैं और मेडिकल सलाह भी देते हैं.
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