Coronavirus: कोरोना की दवाओं को लेकर भारत के प्रस्ताव पर US, EU ने डाली अड़चन, लेकिन चीन देगा समर्थन!

 कोविड की दवाओं के उत्पादन के लिए भारत ने विश्व व्यापार संगठन से नियमों में छूट की मांग की है.(सांकेतिक तस्वीर)
कोविड की दवाओं के उत्पादन के लिए भारत ने विश्व व्यापार संगठन से नियमों में छूट की मांग की है.(सांकेतिक तस्वीर)

भारत और दक्षिण अफ्रीका ने दो अक्टूबर को डब्ल्यूटीओ को इस संबंध में पत्र लिखा है. डब्ल्यूटीओ की वेबसाइट पर उपलब्ध इस पत्र में कहा गया है कि कोविड-19 से निपटने के लिए नई जांच, दवाएं और वैक्सीन बनाई जा रही हैं. दोनों देशों का कहना है कि विकासशील देश महामारी से बहुत प्रभावित हुए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 19, 2020, 12:57 PM IST
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नई दिल्ली. ब्राजील, अमेरिका, यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और स्विटजरलैंड ने भारत और दक्षिण अफ्रीका के विश्व व्यापार संगठन (World trade organization) (डब्ल्यूटीओ) के प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया है. दोनों देशों ने कोविड-19 (Covid-19) से संबंधित ड्रग और अन्य मुद्दों से निपटने के लिए बौद्धिक संपदा नियमों से छूट देने को कहा है. इसके साथ ही इन देशों ने इस प्रस्ताव की प्रासंगिकता और उपयोगिता पर सवाल उठाए हैं.

वहीं, चीन, पाकिस्तान, थाईलैंड, इंडोनेशिया और तुर्की सहित कई विकासशील देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है. उम्मीद लगाई जा रही है कि इस साल के अंत तक विश्व व्यापार संगठन परिषद द्वारा इसकी पुष्टि हो सकती है. चीन, पाकिस्तान, थाईलैंड, इंडोनेशिया और तुर्की के साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी भारत और दक्षिण अफ्रीका के प्रस्ताव का स्वागत किया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि इस प्रस्ताव से कोविड-19 की वैक्सीन, उपचार और परीक्षण पर अंतरराष्ट्रीय और बौद्धिक संपदा समझौतों को आसान बनाने के लिए सभी उपकरण सस्ती कीमत पर उपलब्ध होंगे.





दक्षिण अफ्रीका ने डब्ल्यूटीओ सदस्यों से किया आग्रह
दक्षिण अफ्रीका ने ट्रिप काउंसिल से आग्रह किया कि सभी डब्ल्यूटीओ सदस्य यह सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करें कि पेटेंट, औद्योगिक डिजाइन, कॉपीराइट और अघोषित सूचनाओं का संरक्षण, कोविड -19 का मुकाबला करने के लिए आवश्यक सस्ती चिकित्सा उत्पादों तक समय पर पहुंच में अवरोध पैदा न करें.

विकासशील देश महामारी के ज्यादा प्रभावित हुए

दरअसल, भारत और दक्षिण अफ्रीका ने दो अक्टूबर को डब्ल्यूटीओ को इस संबंध में पत्र लिखा है. डब्ल्यूटीओ की वेबसाइट पर उपलब्ध इस पत्र में कहा गया है कि कोविड-19 से निपटने के लिए नई जांच, दवाएं और वैक्सीन बनाई जा रही हैं. दोनों देशों का कहना है कि विकासशील देश महामारी से बहुत प्रभावित हुए हैं और यहां किफायती दवाओं की उपलब्धता के रास्ते में पेटेंट समेत विभिन्न बौद्धिक संपदा अधिकारों से अड़चन आएगी.

3 करोड़ से ज्यादा लोग संक्रमित

कोरोना से दुनिया भर में अबतक 35,393,778 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके है. जबकि इस खतरनाक वायरस के कारण 1,041,780 लोगों की मौत हो चुकी है. दुनिया में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देश अमेरिका है, जहां अबतक 7,636,912 मामले हैं, वहीं 214,611 लोगों ने अपनी जान गंवा दी और 4,849,038 लोग इस वायरस को हराने में कामयाब हुए हैं. वहीं, कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित दुसरा देश भारत है यहां अबतक 6,622,180 लोग संक्रमित हो चुके है वहीं 102,714 लोगों की मौत हो चुकी है और ठीक होने वालों की संख्या 5,583,453 है.
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