COVID-19: अमेरिका को साधकर फिर चर्चा में अजित डोभाल, 'जेम्स बांड' के एक कॉल ने US से बुलवाया 'हां'

अजित डोवाल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के तौर पर पहले भी जटिल मसलों को सुलझा चुके हैं.

अजित डोवाल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के तौर पर पहले भी जटिल मसलों को सुलझा चुके हैं.

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल (Ajit Doval) और अमेरिकी सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवान ( Jake Sullivan) के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसके बाद अमेरिका आनाकानी छोड़कर भारत को वैक्‍सीन (Vaccine) के लिए कच्‍चा माल देने को तैयार हो गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 26, 2021, 12:48 PM IST
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नई दिल्‍ली. कोरोना की दूसरी लहर से जूझ रहे भारत की मदद के लिए अमेरिका के आगे आने के बाद से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल एक बार फिर चर्चा में हैं. भारत के जेम्स बॉन्ड की संज्ञा पा चुके अजित डोवाल (Ajit Doval) के एक कॉल से ही अमेरिका (America) ने भारत (India) के लिए वैक्सीन निर्माण के लिए कच्चा माल देने की मांग को स्वीकार कर लिया है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डोभाल और अमेरिकी सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवान ( Jake Sullivan) के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसके बाद अमेरिका की तरफ से घोषणा की गई कि ऐसे विशेष कच्चे माल के स्त्रोत की पहचान की गई है, जिसे कोविशील्ड वैक्सीन के निर्माण के लिए भारत को तुरंत मुहैया कराया जा सके. इसके अलावा अमेरिका की तरफ से वेंटिलेटर्स समेत दूसरे मेडिकल उपकरण उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई.

अमेरिका बार-बार भारत की कच्चे माल की मांग को अनसुना कर रहा था, लेकिन अजित डोभाल की बातचीत के बाद अब अमेरिका के रुख को सकारात्मक देखा गया है. भारतीय सुरक्षा सलाहकार और अमेरिकी समकक्ष ने आने वाले दिनों में संपर्क में बने रहने पर भी सहमति जताई ताकि भारत में कोरोना की दूसरी लहर से निपटा जा सके. अजित डोभाल की बातचीत और अमेरिका के बयान के बाद ट्विटर पर एक बार फिर भारत के जेम्स बांड की संज्ञा दी जाने लगी है.



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गौर करने वाली बात है कि अजित डोभाल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के तौर पर पहले भी जटिल मसलों को सुलझा चुके हैं. भारत और चीन सीमा विवाद के बीच बर्फ पिघलाने में भी डोभाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और एक बार फिर जब भारत कोरोना की दूसरी लहर में मेडिकल सामग्री और वैक्सीन निर्माण की कमी से जूझ रहा है तो उनकी कूटनीति ने मदद पहुंचाई है. ये भी माना जा रहा है कि अमेरिका के अलावा सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से भी अजित डोभाल ने बातचीत की है.
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