हिंद महासागर में साझा ड्रिल कर भारत और अमेरिका ने चीन पर तरेरी आंखें, दिया सख्‍त संदेश

हिंद महासागर में साझा ड्रिल कर भारत और अमेरिका ने चीन पर तरेरी आंखें, दिया सख्‍त संदेश
भारतीय नौसेना, हिंद महासागर में अमेरिकी नौसेना के साथ युद्धाभ्यास कर रही है (फोटो- ANI)

अमेरिकी नेवी (American Navy) के निमित्ज कैरियर स्ट्राइक ग्रुप (Nimitz Carrier Strike Group) भारतीय समुद्री क्षेत्र से गुज़र रहा था. कल ही मल्लका स्ट्रेट (Malacca Strait) से होते हुए ये कैरियर स्ट्राइक ग्रुप भारतीय समुद्री सीमा में दाखिल हुआ था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 21, 2020, 12:36 AM IST
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नई दिल्ली. साउथ चाईना सी (South China Sea) में चीन फ़्रीडम ऑफ़ नेविगेशन का लगातार दुरुपयोग कर रहा है. इस पर दुनिया के तमाम देश भी चीन (China) की हरकत पर अपनी असहमति जता चुके है. भारत के साथ बढ़ते सीमा पर तनाव के बाद चीन अब ज़मीन से लेकर समुद्र दोनों जगह घिर चुका है. अमेरिका (America) भी लगातार चीन पर दबाव बनाने के लिए अपने तीन एयरक्राफ्ट कैरियर को भेज चुका है. अमेरिका के सबसे बड़े और शक्तिशाली एयरक्रफ्ट कैरियर निमित्ज (Nimitz) सुपर कैरियर साउथ चाईना सी में अभ्यास करके वापस लौट रहा है और लौटते वक्त अंडमान के पास भारतीय समुद्री इलाके में भारतीय नौसेना (Indian Navy) के साथ एक युद्धाभ्यस शुरू कर चुका है.

चीन को कड़ा संदेश देने के लिए अमेरिकी नौसेना (American Navy) ने सोमवार से हिंद महासागर (Indian Ocean) में भारतीय नौसेना के साथ संयुक्त नौसेना अभ्यास शुरू कर दिया है. इसमें भारतीय नौसेना (Indian Navy) के साथ संयुक्त नौसैनिक अभ्यास में अमेरिकी नौसेना का निमित्ज कैरियर स्ट्राइक ग्रुप (Nimitz Carrier Strike Group) भाग ले रहा है. इस संयुक्त नौसैनिक अभ्यास की जानकारी अमेरिकी नौसेना के सार्वजनिक मामलों की अधिकारी लेफ्टिनेंट कमांडर लिज़ा डौघर्टी ने दी है.

चीन के अतिवाद से निपटने की ओर भी किया इशारा
अमेरिकी नौसेना की सार्वजनिक मामलों के अधिकारी ने यह भी कहा, "अमेरिकी और भारतीय नौसेना के इस कार्यक्रम को प्रशिक्षण और साथ मिलकर काम करने की क्षमता को अधिकतम स्तर तक बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है. निमित्ज़ सीएसजी के संचालन को पूरे इलाके को सुरक्षा देने के लिए तैयार किया गया है. इस संयुक्त नौसेनिक अभ्यास कार्यक्रम को दोस्तों और सहयोगियों के साथ साझेदारी बनाते समय पूरे क्षेत्र में सुरक्षा प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है.
अमेरिकी नौसेना के सार्वजनिक मामलों की अधिकारी लिज़ा डौघर्टी ने आगे बताया, "नौसेना की व्यस्तताएं जैसे कि ये अभ्यास, अमेरिकी और भारतीय समुद्री बलों के सहयोग में सुधार लाने के लिए किए जा रहे हैं और दोनों पक्षों के समुद्र में खतरों का सामना करने की क्षमता में इनसे बढ़ोत्तरी होती है. ये समुद्री डकैती से लेकर हिंसक अतिवाद तक से निपटने में मदद करते हैं." अतिवाद से उनका इशारा चीन की ओर माना जा रहा है.



आईएनएस विक्रमादित्य से दोगुने से ज़्यादा वज़नी है निमित्ज कैरियर स्ट्राइक ग्रुप
डौघर्टी ने आगे कहा, "ये संयुक्त नौसैनिक अभ्यास, संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच पहले से मौजूद मजबूत संबंधों को और मजबूत बनाने और दोनों देशों को एक-दूसरे से सीखने की अनुमति देने के अवसर भी प्रस्तुत करते हैं."

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यह कार्यक्रम पहले से तय नहीं था. अमेरिकी नेवी के निमित्ज कैरियर स्ट्राइक ग्रुप भारतीय समुद्री क्षेत्र से गुज़र रहा था. कल ही मल्लका स्ट्रेट से होते हुए ये कैरियर स्ट्राइक ग्रुप भारतीय समुद्री सीमा में दाखिल हुआ था. इस स्ट्राइक ग्रुप में सुपर कैरियर को मिलाकर कुल 4 जहाज है. जिनके नाम यूएसएस निमित्ज़, टिस्कोन्डेरोगा-क्लास गाइडेड-मिसाइल क्रूजर यूएसएस प्रिंसटन और अर्ले बुर्क-क्लास गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर यूएसएस स्टेरेट और यूएसएस राल्फ जॉनसन हैं. सुपर कैरियर की बात करे तो ये परमाणु इंधन से चलने वाला जहाज है जिसमें 90 फाइटर और हैलिकॉप्टर एक साथ मौजूद रहते है और कुल तीन हज़ार से ज़्यादा नौसैनिक इस समय रहते है. अगर इसके डिस्पलेसमैंट की बात करे तो निमित्ज एक लाख टन वज़नी है जो की भारतीय एयरक्राफ़्ट कैरियर आईएनएस विक्रमादित्य से दोगुने से ज़्यादा वज़नी का है.
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