Home /News /nation /

आंखों का अमेरिका में नहीं हुआ इलाज तो भारत में हुआ ऑपरेशन, अमेजन के जंगल में हुआ था इंफेक्शन

आंखों का अमेरिका में नहीं हुआ इलाज तो भारत में हुआ ऑपरेशन, अमेजन के जंगल में हुआ था इंफेक्शन

महिला हाल ही अमेजन के जंगल घूमने गई थी (image- PTI)

महिला हाल ही अमेजन के जंगल घूमने गई थी (image- PTI)

अमेरिकी महिला हाल ही में अमेज़न के जंगल में घूमने गई थी. वहां से वापस लौटने पर उनकी आंखों में एक दुर्लभ संक्रमण पाया गया. माइएसिस नाम की यह बीमारी एक प्रकार का टिश्यू इन्फेक्शन यानी ऊतकों में होने वाला संक्रमण होता है.

    एक अमेरिकी महिला हाल ही में अमेज़न के जंगल में घूमने गई थी. वहां से वापस लौटने पर उनकी आंखों में एक दुर्लभ संक्रमण पाया गया. माइएसिस नाम की यह बीमारी एक प्रकार का टिश्यू इन्फेक्शन यानी ऊतकों में होने वाला संक्रमण होता है. बीमारी का पता चलने के बाद दिल्ली के अस्पताल में उनकी सफलतापूर्वक शल्य चिकित्सा (सर्जरी) कर दी गई है.

    खास बात यह है कि ऑपरेशन के दौरान 32 वर्षीय महिला की आंखों से तीन जिंदा ह्यूमन बॉटफ्लाइ (बॉटफ्लाइ एक तरह की संक्रामक बीमारी जो डर्माटोबियम होमिनिस प्रजाति की मक्खी के कारण होती है, इस तरह का संक्रमण तब होता है, जब मक्खी का लार्वा त्वचा में प्रवेश कर जाता है, इसके बाद भले ही त्वचा मौजूद रहे, लेकिन उसमें मवाद के साथ एक दर्दनाक घाव दिखाई देने लगता है.) जो करीब 2 सेमी लंबी थी उन्हें निकाला गया.

    माइएसिस इंसान के ऊत्तकों में मक्खी के लार्वा से होने वाला संक्रमण है. यह आमतौर पर उष्णकटिबंधीय (ट्रोपिकल) और उपोष्णकटिबंधीय (सबट्रोपिकल) क्षेत्रों में ज्यादा होता है. अमेरिकी महिला जो इस संक्रमण का शिकार थी, वह इमर्जेंसी विभाग में पहुंची. उनकी आंखों में सूजन और लाल होने की शिकायत थी. साथ ही उन्होंने बताया कि उन्हें पिछले 4-6 हफ्तों से कभी-कभी ऐसा महसूस हो रहा है जैसे उनकी आंखों में कुछ चल रहा है.

    उन्होंने इससे पहले अमेरिका में भी डॉक्टरों से सलाह ली थी लकिन वहां पर माइएसिस (बॉटफ्लाइ) को निकाला नहीं गया था और उन्हें कुछ राहत मिलने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी.
    डॉक्टर ने बताया कि अमेरिकी नागरिक महिला दो महीने पहले अमेज़न के जंगलों में घूमने गई थी, तभी से उन्हें आंखों में कुछ चलने की शिकायत हो रही थी. इससे इस बात का अंदाजा लगाया गया कि उसी दौरान उनकी आंखों में मक्खी के लार्वा ने प्रवेश किया होगा.

    डॉक्टरों की टीम ने 15 मिनट में उनकी आंखों से बगैर एनिस्थिसिया लगाये सर्जरी को पूरा किया गया. माइएससि अक्सर नाजुक झिल्लियों में दब जाता है और अंदर रह कर बढ़ता रहता है. ऐसे मामले आमतौर पर मध्य और दक्षिण अमेरिकी और अफ्रीकी क्षेत्रों में पाए जाते हैं. भारत में ऐसे मामले ग्रामीण इलाकों में खासतौर पर बच्चों में देखे गए हैं. जहां बॉटफ्लाइ नाक या त्वचा में हुए किसी घाव के जरिये शरीर में प्रवेश कर जाता है.

    अगर माइएसिस का समय रहते इलाज नहीं किया गया तो यह ऊत्तकों को खत्म करने लगता है, जिसकी वजह से नाक, चेहरे और ऑर्बिट में कई तरह की परेशानिया हो जाती हैं और कुछ मामलों में यह मेनिन्जाइटिस का कारण भी बनता है जिसकी वजह से मौत हो सकती है.

    Tags: Science news, Science News Today

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर