भारत के साथ सीमा विवाद के बीच चीन का नया विस्तारवादी प्लान, इस बार नज़रें भूटान पर

भारत के साथ सीमा विवाद के बीच चीन का नया विस्तारवादी प्लान, इस बार नज़रें भूटान पर
चीन की नजरें अब भूटान की सीमाओं पर हैं (सांकेतिक फोटो)

इस मामले के जानकार लोगों का कहना है कि आगामी बातचीत (upcoming talks) में, चीन (China) अपनी सेना के मध्य भूटान (Central Bhutan) के भागों में पहले से ही कब्जाए गये इलाकों का साम्राज्य के पश्चिमी इलाकों (Western Areas) से अदला-बदली करने के लिए मोलभाव कर सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 13, 2020, 10:58 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. चीन (China) और भूटान (Bhutan) के बीच सीमा वार्ता (Border Talks) के 25वें दौर के बाद, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) इस साम्राज्य के खिलाफ भी एक मोर्चा खोलने वाली है. बीजिंग (Beijing) अपने मन-मुताबिक सीमा समस्या (Border Problem) के निपटारे के लिए ऐसा करने वाला है. इसके लिए वह भूटान की पश्चिमी और मध्य भागों (Western and Central Areas) की सीमा पर लगातार सैनिकों (Soldiers) को जुटा रहा है.

हिन्दुस्तान टाइम्स ने इस बात की जानकारी दी. इस मामले के जानकार लोगों का कहना है कि आगामी बातचीत (upcoming talks) में, चीन (China) अपनी सेना के मध्य भूटान (Central Bhutan) के भागों में पहले से ही कब्जाए गये इलाकों का साम्राज्य के पश्चिमी इलाकों (Western Areas) से अदला-बदली किए जाने के लिए मोलभाव कर सकता है. उन्होंने बताया कि हालांकि भूटान को पीएलए के उच्चतम स्तर (Highest Threat) के खतरे की जानकारी दे दी गई है.

किसी भी सीमा समझौते का भारतीय सुरक्षा पर होगा प्रतिकूल प्रभाव
भारत और चीन हाल ही में पूर्वी लद्दाख में चार महीने तक चलने वाले सैन्य गतिरोध को हल करने के लिए पांच-सूत्रीय सर्वसम्मति पर पहुंचे थे, जिसमें सैनिकों को "जल्दी से पीछे हटाने" के लिए सहमति, तनाव बढ़ा सकने वाली किसी भी कार्रवाई से बचने और वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांति बहाल करने के लिए कदम उठाने की बात कही गई थी.
रिपोर्ट में कहा गया है कि चूंकि भूटान, सिलीगुड़ी कॉरिडोर के बगल में है. ऐसे में थिम्पू की ओर से किसी भी क्षेत्र के लिए समझौता कर लेने का भारत के रक्षा उपायों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा.



चीनी सेना ने भूटान को कर रखा है परेशान
2017 में, भारत ने डोकलाम में गतिरोध के दौरान पीएलए के खिलाफ भूटान की सहायता की थी, जो 73 दिनों तक चली थी. लेकिन भारत के सैन्य, राजनयिक और सुरक्षा प्रतिष्ठान के लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि पीएलए ने क्षेत्र में भारतीय और भूटानी सेनाओं से झड़पें बंद नहीं किया है.

यह भी पढ़ें: संसद के मानसून सत्र से पहले कई सांसद पाए गए कोरोना वायरस से संक्रमित

सूत्रों ने बताया है कि भूटान में बीजिंग के क्षेत्रीय दावों में पश्चिमी क्षेत्र में 318 वर्ग किमी और मध्य क्षेत्र में 495 वर्ग किमी के इलाके शामिल हैं. पीएलए ने भूटानी सेना को आक्रामक गश्तों और उनके इलाके में ही न रहने देने के तरीकों से डराने के लिए सड़कों का निर्माण और सैन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण जारी रखा है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading