कोरोना की तीसरी लहर की चिंता के बीच आखिर कब तक सेफ रखेगी वैक्सीन? जानें आपके सवालों के जवाब

वैज्ञानिकों के अनुसार, वैक्सीन के दोनों डोज के बाद इम्युनिटी की अवधि को लेकर स्थिति साफ नहीं है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Shutterstock)

वैज्ञानिकों के अनुसार, वैक्सीन के दोनों डोज के बाद इम्युनिटी की अवधि को लेकर स्थिति साफ नहीं है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Shutterstock)

Vaccination in India: अभी तक मिली जानकारी के अनुसार, फाइजर (Pfizer) की वैक्सीन कम से कम 6 महीने या इससे ज्यादा समय तक असरदार रहती है. इसी तरह, मॉडर्ना के मामले में भी दूसरे डोज के बाद 6 महीनों तक एंटीबॉडीज मिली हैं.

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नई दिल्ली. भारत में कोविड-19 (Covid-19) के खिलाफ वैक्सीन प्राप्त करने वालों का आंकड़ा 21 करोड़ को पार कर गया है. हालांकि, वैक्सीन से इम्युनिटी, दोनों डोज में अंतराल समेत ऐसे कई सवाल हैं, जिनके बारे में लोगों और एक्सपर्ट्स को भी पूरी जानकारी नहीं है. देश में फिलहाल कोविशील्ड (Covishield), स्पूतनिक-V (Sputnik-V) और कोवैक्सीन (Covaxin) को अनुमति मिली है. सरकार कई विदेशी वैक्सीन निर्माताओं से संपर्क में है.

आइए जानते हैं वैक्सीन के बाद कब तक रहेगी इम्युनिटी? वैरिएंट्स का क्या होगा असर:-

  • टीका लगने के बाद कितने दिनों में तैयार होती है इम्युनिटी?

    विश्व स्वास्थ्य संगठन की डॉक्टर कैथरीन ओ ब्रायन कहती हैं कि पहले डोज के बाद करीब 2 हफ्तों में एक अच्छी इम्यून प्रतिक्रिया शुरू होती है. वहीं, दूसरे डोज के बाद इम्यून रिस्पॉन्स और तेज होता है. इसके बाद व्यक्ति की इम्युनिटी और मजबूत हो जाती है.

  • वैक्सीन के बाद कितने समय तक रहती है इम्युनिटी?

    वैज्ञानिकों के अनुसार, वैक्सीन के दोनों डोज के बाद इम्युनिटी की अवधि को लेकर स्थिति साफ नहीं है. डॉक्टर कैथरीन कहती हैं कि अभी तक इस बारे में जानकारी नहीं है कि वैक्सीन लेने के बाद इम्युनिटी कितने समय तक रहेगी. साथ ही उन्होंने बताया कि इसका पता लगाने में कुछ समय लगेगा.


  • फाइजर और मॉडर्ना कब तक काम करेगी?

    अभी तक मिली जानकारी के अनुसार, फाइजर की वैक्सीन कम से कम 6 महीने या इससे ज्यादा समय तक असरदार रहती है. इसी तरह, मॉडर्ना के मामले में भी दूसरे डोज के बाद 6 महीनों तक एंटीबॉडीज मिली हैं. भारत में लगाई जा रही कोविशील्ड के बाद इम्यून प्रतिक्रिया एक साल या इससे ज्यादा समय तक जारी रह सकती है. उन्होंने कहा, 'फिलहाल, हम नहीं कह सकते, लेकिन Oxford ChAdOx1 तकनीक का इस्तेमाल करने वाली वैक्सीन ऐसा इम्यून रिस्पॉन्स तैयार कर सकती हैं, जो एक साल या इससे ज्यादा समय तक बना रह सकता है.'


  • नए वैरिएंट से कम होगी इम्युनिटी?

    रिपोर्ट्स आईं थी कि वैरिएंट्स के खिलाफ वैक्सीन प्रभावित हो रही हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि दो डोज के बाद तीसरे बूस्टर डोज की जरूरत होगी. कोवैक्सीन बनाने वाली भारत बायोटेक ने बूस्टर डोज के लिए ट्रायल शुरू कर दिए हैं. ट्रायल में दूसरा डोज प्राप्त कर चुके व्यक्ति को 6 महीनों के बाद बूस्टर दिया जाना है. यह ट्रायल सितंबर और अक्टूबर 2020 में हुआ था. वहीं, न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित दो स्टडी में बताया गया है कि कोरोना वायरस से इम्युनिटी एक साल तक रहती है. वहीं, वैक्सिनेशन के बाद इसके ताउम्र बने रहने की भी संभावना है. इसका मतलब है कि कोविड-19 से उबर रहे मरीज या पूरी तरह इम्युनाइज्ड हो चुके व्यक्ति को बूस्टर डोज की जरूरत नहीं है.

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