कोरोना की चिंता के बीच हरिद्वार कुंभ मेले में पहुंचेंगे लाखों श्रद्धालु

कुंभ मेले के आयोजक सिद्धार्थ चक्रपाणी ने कहा कि 'कोरोना महामारी की चिंता है, लेकिन हम सभी सावधानियां अपना रहे हैं.'

देश में 16 जनवरी के कोरोना वायरस टीकाकरण कार्यक्रम (Coronavirus Vaccination) की शुरुआत हो रही है, पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना वायरस (Coronavirus) के टीके लगाए जाएंगे.

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    हरिद्वार. उत्‍तराखंड के पवित्र शहर हरिद्वार में इस बार कुंभ मेले (Kumbh Mela) का आयोजन हो रहा है. आने वाले 7 हफ्तों के दौरान मेले में कई लाख लोगों के पहुंचने की उम्‍मीद की जा रही है. कुंभ मेले की शुरूआत से पहले बुधवार को कोरोना वायरस (Coronavirus) की आशंका को दरकिनार करते हुए हिंदू तीर्थयात्रियों ने पवित्र गंगा नदी में स्‍नान किया. कुंभ मेले में शामिल होने के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं. कुंभ मेले के आयोजक सिद्धार्थ चक्रपाणी (Siddharth Chakrapani) ने कहा कि 'कोरोना महामारी की चिंता है, लेकिन हम सभी सावधानियां अपना रहे हैं.'

    चक्रपाणी ने कहा, "अकेले गुरूवार को ही करीब 8 से 10 लाख श्रद्धालु पहुंचेंगे. मुझे विश्‍वास है कि मां गंगा सबकी सुरक्षा करेंगी.' हिंदू मान्‍यताओं के अनुसार अमृत कुंभ की कुछ बूंदें भारत के चार पवित्र स्‍थानों पर गिरीं थीं, जहां क्रमानुसार कुंभ मेले का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्‍या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. इसे यूनेस्‍को ने 2017 में सांस्‍कृतिक विरासत घोषित किया था. इलाहाबाद में 2019 में आयोजित पिछले कुंभ में करीब 5.5 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे थे. इस बार कुंभ का आयोजन हरिद्वार में हो रहा है और यहां भी लाखों लोगों के पहुंचने की आशा है.

    बुधवार को दुकानदारों ने भी नदी के किनारे अपनी दुकानें सजा लीं. वहीं कई परिवार भी यहां ठहरे हुए हैं. इनमें से अधिकतर लोग कोरोना वायरस की आशंका से बेखबर दिखे. दूसरी ओर कोलकाता के गंगासागर में होने वाले धार्मिक समारोह में 15,000 लोगों के पहुंचने की उम्‍मीद की जा रही है. भारत में जीवन धीरे-धीरे सामान्‍य हो रहा है, लेकिन विशेषज्ञों ने कोरोना वायरस की नई लहर से सतर्क होने की चेतावनी दी है.

    बता दें कि 16 जनवरी से देश में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के खिलाफ टीकाकरण कार्यक्रम (Vaccination Programme) शुरू हो रहा है. केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस की दो वैक्सीन कोविशील्ड और कोवॉक्सिन को मंजूरी दी है.

    कोविशील्ड को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के साथ मिलकर साझे में मिलकर विकसित किया है, जबकि कोवॉक्सिन को भारत बायोटेक ने आईसीएमआर के साथ मिलकर विकसित किया है.

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