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GDP की कैलकुलेशन के लिए अब तय होगा नया बेस ईयर

भाषा
Updated: November 5, 2019, 11:26 PM IST
GDP की कैलकुलेशन के लिए अब तय होगा नया बेस ईयर
तस्वीर- News18/ Mir Suhail

इस वित्तीय वर्ष में अप्रैल-जून में आर्थिक वृद्धि छह साल के निचले स्तर 5 प्रतिशत पर आ गई. सरकार निवेश को बढ़ावा देने के लिए कदम उठा रही है.

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नई दिल्ली. सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ( Ministry of Statistics and Programme Implementation) सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी- GDP) गणना की नयी श्रृंखला के लिए कुछ महीनों के भीतर नए आधार वर्ष पर निर्णय लेगा. एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

मंत्रालय 2017-18 को नया आधार वर्ष बनाने पर विचार कर रहा है. हालांकि, अभी इस बारे में कोई अंतिम निर्णय नहीं किया गया है क्योंकि इस बारे में विचार कर रही विशेषज्ञों की समिति को थोड़े और आंकड़ों का इंतजार है.

सांख्यिकी सचिव प्रवीण श्रीवास्तव ने यहां कहा, ' आधार वर्ष (जीडीपी के लिए) को बदलने का निर्णय अगले कुछ महीनों में कर लिया जाएगा. हमें उद्योगों के वार्षिक सर्वेक्षण और उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षण के आने का इंतजार है. इसके लिए सारी तैयारी कर ली गयी हैं. '

इसलिए 2011-12 को जीडीपी  का बेस ईयर था...

उन्होंने कहा, 'एक बार परिणाम आ जाए, हम इसे संबंधित समिति (आधार वर्ष के लिए विशेषज्ञ समिति) के समक्ष रखेंगे.' यह निर्णय वैश्विक और राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखकर लिया जाएगा.

श्रीवास्तव ने कहा कि पहले जब जीडीपी की नयी श्रृंखला के लिए 2011-12 को आधार वर्ष बनाया गया था. उस दौरान सरकार ने 2009-10 पर भी विचार किया था. लेकिन अर्थशास्त्रियों का मानना था कि 2009-10 वैश्विक और घरेलू तौर पर अच्छा वर्ष नहीं था इसलिए 2011-12 को जीडीपी की नयी श्रृंखला का आधार वर्ष बनाया गया.

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First published: November 5, 2019, 11:23 PM IST
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