केरल में 16 नंवबर से तीर्थयात्रा सीजन, रोज 1000 श्रद्धालु कर सकेंगे अयप्पा मंदिर के दर्शन

अधिकारियों के मुताबिक 10 साल से छोटे बच्चों और 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को सबरीमला की यात्रा में जाने की अनुमति नहीं होगी (मंदिर की फाइल फोटो)
अधिकारियों के मुताबिक 10 साल से छोटे बच्चों और 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को सबरीमला की यात्रा में जाने की अनुमति नहीं होगी (मंदिर की फाइल फोटो)

Kerala Pilgrim season: बोर्ड की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि कोविड-19 की स्थिति के मुताबिक आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं को दर्शन के 24 घंटे के भीतर की कोविड निगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 29, 2020, 9:32 PM IST
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कोच्चि. कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के बीच केरल (Kerala) में तीर्थयात्रा का सीजन 16 नवंबर से शुरू हो रहा है. त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (Travancore Devaswom Board) ने गुरुवार को ये जानकारी दी. बोर्ड की ओर से बताया गया कि 16 नंवबर से तीर्थयात्रा के सीजन की शुरुआत हो रही है. सप्ताह के शुरुआती दिनों में तीर्थयात्रियों की संख्या 1000 तय की गई है. सप्ताहांत में ये संख्या 1000 तीर्थयात्रियों तक और बढ़ा दी जाएगी. सबरीमाला मंडाविलक्कु और मकरविलक्कू के दिनों में तीर्थयात्रियों की संख्या 5000 तक बढ़ा दी जाएगी.

बोर्ड की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि कोविड-19 की स्थिति के मुताबिक आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं को दर्शन के 24 घंटे के भीतर की कोविड निगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी. इसके अलावा सन्निधानम में रात में रुकने की इजाजत नहीं होगी. केरल में 16 नवंबर से शुरू हो रहा तीर्थयात्रा सीजन 2 महीने तक चलेगा. सरकार ने ये कहा है कि ये सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति भगवान अयप्पा मंदिर की इस यात्रा में हिस्सा न ले.

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इन लोगों को मंदिर में जाने की नहीं होगी इजाजत
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने पिछले माह इस तीर्थयात्रा सीजन के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा के लिए विभिन्न विभागों के साथ बैठक की थी. बैठक के बाद अधिकारियों ने बताया था कि 10 साल से छोटे बच्चों और 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को यात्रा में जाने की अनुमति नहीं होगी. सरकार ने कहा कि कोविड-19 महामारी (COVID-19 Pandemic) के बीच सुरक्षित यात्रा के लिए सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को मंदिर में जाने की अनुमति दी जाएगी और उन्हें पहले ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा.

इसके अलावा श्रद्धालुओं को पंबा नदी में स्नान करने की इजाजत नहीं होगी बल्कि नहाने के लिए इरूमेली और पंबा में नल लगाए जाएंगे.

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अयप्पा मंदिर को पांच दिवसीय मासिक पूजा के लिये 17 अक्टूबर को खोला गया था. उससे पिछले छह महीने तक मंदिर के कपाट बंद थे. केंद्र सरकार ने ‘अनलॉक 1.0’ के तहत सोमवार से पूरे देश में धार्मिक स्थल, मॉल और रेस्तराओं को फिर से खोलने की मंजूरी दी थी जो 25 मार्च को कोविड-19 लॉकडाउन लागू होने के बाद से बंद थे. लेकिन केरल में लगातार बढ़ रहे मामलों के चलते मंदिर को बंद ही रखा गया था.



बता दें हाल के दिनों में त्योहारों के मद्देनजर केरल समेत कई राज्यों में कोरोना के मामले बढ़े हैं. केरल में पिछले 14 दिनों में 98,778 मामले सामने आए जबकि 24 घंटों में 8,790 मामले दर्ज किए गए.
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