अब सर्दियों में भी चीनियों को LAC से खदेड़ने की तैयारी, जवानों को मिली पूरी किट

अब सर्दियों में भी चीनियों को LAC से खदेड़ने की तैयारी, जवानों को मिली पूरी किट
सर्दियों के लिए भारत ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. (तस्वीर ANI)

जवानों (Soldiers) को कई लेयर वाले कपड़े (Multi Layer Clothing) सहित अन्य जरूरी सामान मुहैया कराए गए हैं. सर्दियों में अगर इन इलाकों में माइनस 50 डिग्री तक तापमान भी गिरता है तो भी जवानों को इन कपड़ों में किसी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 16, 2020, 5:21 PM IST
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नई दिल्ली. चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद (Border Dispute) के बीच भारत ने सर्दियों के मौसम (Winter Season) के लिए तैयारियां (Preparation) शुरू कर दी हैं. इसी क्रम में जवानों को कई लेयर वाले कपड़े (Multi Layer Clothing) सहित अन्य जरूरी सामान मुहैया कराए गए हैं. सर्दियों में अगर इन इलाकों में माइनस 50 डिग्री तक तापमान भी गिरता है तो भी जवानों को इन कपड़ों में किसी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा.

दुश्मन की निगाहों से छिपने में भी मदद करेंगे
सेना ने सर्दियों के मद्देनजर जवानों के हर जरूरी सामान को इकट्ठा करना शुरू कर दिया है. इसमें राशन से लेकर शस्त्र तक शामिल हैं. अगर जवानों को मुहैया कराए गए विशेष कपड़ों की बात करें तो ये सिर्फ सर्दियों से ही नहीं बल्कि दुश्मन की निगाहों से छिपने में भी मदद करेंगे. इन कपड़ों में कई ऐसे उपकरण भी लगाए गए हैं जो जवानों को सर्दियों के मौसम में निगरानी के दौरान मदद पहुंचा सकते हैं. साथ ही मल्टी लेयर ग्लव्स, मोजे और विशेष चश्मे भी मुहैया कराए गए हैं जिससे जवानों को किसी दिक्कत का सामना न करना पड़े.

छोटे से लेकर बड़े टेंट का पर्याप्त स्टॉक इकट्ठा किया
अन्य स्टॉक की बात की जाए तो सेना ने छोटे से लेकर बड़े टेंट का पर्याप्त स्टॉक इकट्ठा कर लिया है. बड़े टेंट्स में कम से कम 12 जवान टिक सकते हैं. वहीं छोटे टेंट एक या दो जवानों के लिए हैं. इन टेंट्स में हीटर की सुविधा मौजूद रहेगी जिससे जवान माइनस पचास डिग्री में भी खुद को गर्म रख सकेंगे. ये टेंट्स भी मल्टीपल लेयर क्लॉथिंग से बने हुए हैं जो वाटरप्रूफ भी हैं. साथ ही इनमें सोलर पैनल की व्यवस्था भी है जिससे जरूरत भर की बिजली की व्यवस्था होती रहे.



भारत ने चीन के सामने साफ किया अपना स्टैंड
गौरतलब है कि सीमा विवाद ने चीन के सामने अपना स्टैंड साफ कर दिया है कि सीमाओं की संप्रभुता के साथ किसी भी कीमत पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता है. भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर कह चुके हैं कि सीमा विवाद का असर स्पष्ट रूप से चीन के साथ सामान्य संबंधों पर भी पड़ेगा. सीमा पर अशांति और व्यापार साथ नहीं चल सकते.
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