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एम्फोटेरेसिन के लिए केंद्र पर निर्भर नहीं हैं BJP शासित तीन राज्य! 1 लाख डोज के लिए लगाई बोली

एम्फोटेरेसिन के लिए केंद्र पर निर्भर नहीं हैं BJP शासित तीन राज्य! 1 लाख डोज के लिए लगाई बोली

केंद्र ने गुरुवार को कहा था कि वे लिपोसोमन एम्फोटेरेसिन बी इंजेक्शन की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर- AP)

केंद्र ने गुरुवार को कहा था कि वे लिपोसोमन एम्फोटेरेसिन बी इंजेक्शन की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर- AP)

Black Fungus Injection: हरियाणा (Haryana) ने कहा है कि वो 31 मई से बोलियां शुरू कर रहे हैं. वहीं, उत्तर प्रदेश ने 20 मई को ही बोली पूरी कर दी है. जबकि, मध्य प्रदेश में यह प्रक्रिया आज (28 मई) पूरी होने जा रही है.

नई दिल्ली. केंद्न ने कहा था कि वो म्यूकरमाइकोसिस (Mucormycosis) के इलाज में इस्तेमाल होने वाले एम्फोटेरिसिन बी (Amphotericin-B) इंजेक्शन की कमी को दूर करने की पूरी कोशिश कर रही है. इसी बीच तीन भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शासित राज्यों ने करीब ऐसे 1 लाख इंजेक्शन के लिए ग्लोबल और डोमेस्टिक टेंडर जारी किए हैं. इन राज्यों का यह कदम इस बात की ओर इशारा करता है कि वे म्यूकरमाइकोसिस के बढ़ते मामलों के बीच इंजेक्शन सप्लाई के लिए केवल केंद्र पर निर्भर नहीं हैं. इनमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा का नाम शामिल है.

उत्तर प्रदेश ने 14 मई को एम्फोटेरेसिन बी के 10 हजार इंजेक्शन की घरेलू बोली लगाई थी. राज्य ने अपनी सालाना जरूरत को पांच गुना से ज्यादा बढ़ाकर 52 हजार कर दिया है. 25 मई को मध्य प्रदेश सरकार ने एम्फोटेरेसिन बी के 30 हजार इंजेक्शन की खरीद के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किया था. मध्य प्रदेश ने एंटी-फंगल ड्रग Posaconazole की 50 हजार टैबलेट और इसी के 10 हजार इंजेक्शन की भी मांग की थी. एक और बीजेपी शासित राज्य हरियाणा में एम्फोटेरेसिन बी के 15 हजार इंजेक्शन की खरीद के लिए ग्लोबल टेंडर आमंत्रित किए गए थे.

खास बात है कि इन सभी राज्यों ने मांग को अर्जेंट बताया है और इनकी सप्लाई के लिए डेडलाइन भी तय कर दी है. हरियाणा ने कहा है कि वो 31 मई से बोलियां शुरू कर रहे हैं. वहीं, उत्तर प्रदेश ने 20 मई को ही बोली पूरी कर दी है. जबकि, मध्य प्रदेश में यह प्रक्रिया आज (28 मई) को पूरी होने जा रही है. महाराष्ट्र ने भी बीते हफ्ते 60 हजार इंजेक्शन के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किए थे, जिसकी सप्लाई जून तक पूरी होने का अनुमान है.

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इधर, केंद्र ने गुरुवार को कहा था कि वे लिपोसोमन एम्फोटेरेसिन बी इंजेक्शन की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं. सरकार ने बताया कि भारत में यही दवा बनाने वाली पांच और कंपनियों को लाइसेंस दिया गया है. इससे पहले 6 कंपनियां इसका निर्माण कर रही हैं. केंद्र ने जानकारी दी है कि, भारतीय कंपनियों ने भी एम्फोटेरेसिन बी के 6 लाख वायल के आयात के लिए ऑर्डर दे दिया है. सरकारी सूत्र बताते हैं, 'प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को दुनिया में कहीं से भी इस दवा को हासिल करने के आदेश दिए हैं. इन आदेशों के बाद दुनिया भर में जारी भारतीय मिशन इस दवा की सप्लाई को सुनिश्चित करने में लग गए हैं.'

केंद्र ने बताया है कि अमेरिका में गिलियड साइंसेज भारत में मायलेन के जरिए वैक्सीन सप्लाई के लिए काम कर रही है. वहीं, अब तक 1.21 लाख वायल प्राप्त हो चुके हैं. जबकि, 85 हजार वायल मिलने बाकी हैं. सूत्रों ने कहा, 'कंपनी मायलेन के जरिए भारत को 10 लाख डोज सप्लाई करेगी. वहीं, कंपनी अन्य देशों में मौजूद स्टॉक को वापस बुला रही है और इन्हें भारत सप्लाई किया जाएगा.'

रसायन और उर्वरक मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने गुरुवार को कहा कि एम्फोटेरेसिन बी के 29 हजार 250 वायल राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दिए गए हैं. उन्होंने जानकारी दी कि गुरुवार को अतिरिक्त 80 हजार वायल भी वितरित किए गए. केंद्र की तरफ से ये आवंटन राज्यों में म्यूकरमाइकोसिस के मामलों की संख्या के आधार पर किए गए हैं. सबसे ज्यादा वायल गुजरात और महाराष्ट्र को दिए गए हैं. फिलहाल देश में करीब 12 हजार लोग म्यूकरमाइकोसिस से जूझ रहे हैं.

Tags: Amphotericin-B, BJP, Black Fungus, Mucormycosis

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