दिल्ली में कोरोना की रफ्तार थामने को एक्शन में आए अमित शाह, CM केजरीवाल और LG बैजल के साथ आज करेंगे बैठक

गृह मंंत्री अमित शाह कोरोना के हालात पर समय-समय पर समीक्षा बैठक करते हैं.  (File Pic PTI)
गृह मंंत्री अमित शाह कोरोना के हालात पर समय-समय पर समीक्षा बैठक करते हैं. (File Pic PTI)

Coronavirus in Delhi: नॉर्थ ब्लॉक में होने वाली इस बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal), उपराज्यपाल अनिल बैजल और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन भी शामिल होंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 15, 2020, 1:17 PM IST
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नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस (Coronavirus Cases in Delhi) संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देजनर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) अब एक्शन में आ गए हैं. गृह मंत्री ने रविवार शाम पांच बजे एक अहम बैठक बुलाई है, जिसमें वह राजधानी के हालात का जायजा लेंगे और इन हालात से निपटने के उपायों पर चर्चा करेंगे. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, नॉर्थ ब्लॉक में होने वाली इस बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal), उपराज्यपाल अनिल बैजल और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन भी शामिल होंगे.

माना जा रहा है कि बैठक में दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल गृह मंत्री से अपनी सरकार की ओर से पहले की गई केंद्र सरकार के अस्‍पतालों में बेड की संख्‍या बढ़ाने की मांग फिर दोहरा सकते हैं. इसके साथ ही मुख्‍यमंत्री केजरीवाल राज्‍य सरकारों और केंद्र सरकार से दिल्‍ली में त्‍योहारी मौसम के दौरान बढ़े वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए भी सहयोग मांग सकते हैं.

बता दें कि शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार दिल्‍ली में कोरोना वायरस संक्रमण के 7340 नए मामले आए हैं. ताजा मामलों के साथ अब सक्रिय केस की संख्या 44,456 हो गई है. साथ ही शनिवार को कोरोना संक्रमण से 96 लोगों की मौत हुई है. अब तक दिल्ली में कोरोना वायरस से 7519 लोगों की मौत हो चुकी है. दिल्‍ली में कोविड-19 के कुल मामले बढ़कर अब 4,82,170 हो गए हैं. वहीं 4,30,195 लोगों को डिस्चार्ज कर दिया गया है.

बता दें कि दिल्‍ली में इन दिनों कोरोना वायरस संक्रमण के साथ ही वायु प्रदूषण की भी मार पड़ रही है. दिल्‍ली की हवा की गुणवत्‍ता गंभीर श्रेणी में है. इसे देखते हुए दिल्‍ली में दिवाली पर पटाखे जलाने पर भी बैन लगा दिया गया था. दिल्ली के वातावरण में मौजूद ‘पीएम 2.5’ के स्तर में 32 फीसदी हिस्सेदारी पराली जलाए जाने की रही. इसके साथ ही हवा की गति मंद होने के कारण स्थिति ज्यादा खराब हो रही है क्योंकि ऐसी स्थिति में प्रदूषण कण जमा हो जाते हैं.
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