Amit Shah Exclusive: बिहार चुनाव, चीन, चिराग से लेकर तनिष्क विवाद तक अमित शाह के इंटरव्यू की 10 खास बातें

गृहमंत्री अमित शाह ने नेटवर्क 18 ग्रुप के एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी से खास बातचीत की
गृहमंत्री अमित शाह ने नेटवर्क 18 ग्रुप के एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी से खास बातचीत की

#AmitShahToNews18: गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कोरोना महामारी, बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections), पश्चिम बंगाल के अम्फान चक्रवात, नीतीश कुमार के साथ गठबंधन, चिराग पासवान, चीन के साथ सीमा विवाद, तनिष्क के विज्ञापन (Tanishq Ad row) पर हुए विवाद समेत कई मुद्दों पर बातचीत की.

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  • Last Updated: October 18, 2020, 10:38 AM IST
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नई दिल्ली. गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने Network18 ग्रुप के एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी (Rahul Joshi) को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू (Amit Shah Exclusive) में कोरोना महामारी, बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections), पश्चिम बंगाल के अम्फान चक्रवात, नीतीश कुमार के साथ गठबंधन, चिराग पासवान, चीन के साथ सीमा विवाद, तनिष्क के विज्ञापन (Amit Shah on Tanishq Ad row) पर हुए विवाद समेत कई मुद्दों पर बातचीत की.

अमित शाह ने कहा, मैं पूरी तरह स्वस्थ, देश की जनता को नवरात्रि पर्व की ढेर सारी शुभकामनाएं. कोरोना वायरस के बचाव के लिए जो भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं उनका पालन करते हुए नवरात्रि मनाएं, जिससे हम कोरोना महामारी पर विजय प्राप्‍त करने के अभियान को सफल बना सकें. आइए जानते हैं अमित शाह के इंटरव्यू की 10 खास बातें...
खास बातचीत में अमित शाह ने पहली बार तनिष्क (Tanishq) के विज्ञापन पर हुए विवाद पर प्रतिक्रिया दी. शाह ने कहा, सोशल हार्मोनी को छोटे मोटे हमले नहीं तोड़ सकते है, अंग्रेजो ने तोड़ने की कोशिश की, कांग्रेस ने भी की लेकिन सफल नहीं हुए, मेरा कहना है कि किसी भी प्रकार का ओवर एक्टिविज्म नहीं होना चाहिए.
शाह ने कहा कि हमने पहले से ही तय किया था कि 2020 का बिहार चुनाव हम नीतीश कुमार के नेतृत्‍व में लड़ रहे हैं. मैं भ्रांतियों पर फुल स्टॉप लगा कर कहना चाहूंगा कि चुनाव के बाद नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री बनेंगे. उन्होंने कहा, जबसे एनडीए बना है तबसे नीतीश कुमार हमारे साथी हैं. नीतीश से गठबंधन तोड़ने का कोई कारण है. हम गठबंधन धर्म निभा रहे हैं. हमार चाहते हैं कि नीतीश कुमार के राज में जो विकास हुआ है वह आगे जारी रहे. बिहार में नीतीश और केंद्र में पीएम मोदी, ये जो डबल इंजन की सरकार है वह राज्‍य को विकास की ओर ले जाएगी.
पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन पर दुख जाहिर करते हुए शाह ने कहा, वो उन्‍होंने सामाजिक न्‍याय के लिए बहुत बड़ा काम किया है. वह दलितों के बहुत बड़े नेता रहे हैं. मैं उन्‍हें श्रद्धांजलि देना चाहता हूं. उन्होंने कहा, साथी के जाने का दुख भी होता है और नुकसान भी होता है. हमारा गठबंधन सामाजिक रूप से बहुत मजबूत है. जनता जानती है गठबंधन न होने का दोषी कौन है.
लालू पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा, लालू जी के राज में जंगल राज था. धंधे चौपट थे. चारा घोटाला हुआ. तमाम भ्रष्‍टाचार हुए. नीतीश कुमार और केंद्र में मोदी के राज में जनता ने असल विकास को पहचाना है. बिहार को अतिरिक्‍त राशि भी दी है. जब लालू जी के 15 साल थे तब औसत विकास दर 3.16 थी और आज 11.20 है. पहले बिहार का बजट 23 हजार करोड़ का था आज 2 लाख 23 हजार करोड़ का बजट है.
चीन मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए शाह ने कहा, हम अपने देश की एक एक इंच की भूमि के लिए जागरूक हैं. इस बारे में विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री बयान दे चुके है. चीन के राष्ट्रपति शी जिंगपिन के बयान पर नहीं कह रहा लेकिन हर देश हमेशा युद्ध के लिए तैयार रहता है, सेना होती ही इसीलिए हैं. राहुल जी के पास कोई डेटा नहीं रहता, बिना सर पैर की बात करते है, 1962 में उनके परनाना प्रधानमंत्री थे, उस वक़्त जो हुआ उसका डाटा राहुल को रखना चाहिए, कांग्रेस को इस पर टिप्पड़ी करने का हक नहीं. चीन के हर देश के साथ अलग अलग रिश्ते हैं.
बिहार विधानसभा चुनावों में सुशांत सिंह राजपूत की मौत मुद्दा बनेगी इस पर शाह ने कहा, मुझे पता नहीं कि चुनाव में ये कितना बड़ा मुद्दा है लेकिन पहले ही अगर सीबीआई को दे देते तो मुद्दा बनता ही क्यों, जब भी किसी की अपमृत्यु होती है तो उसकी जांच करा देना चाहिए था.
जम्मू कश्मीर के हालातों पर शाह ने कहा, लॉ एंड आर्डर का हाल तो मेंटेन हैं. वहां विकास थोड़ा और हो सकता था लेकिन कोविड की वजह से रूकावट आई, अब मनोज जी (सिन्हा) वहां गए है. 5-6 महीने में आपको वहां अच्छा दिखने लगेगा.
आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी के गठबंधन से अलग चुनाव लड़ने को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि चिराग पासवान की अगुवाई वाली एलजेपी ने अकेले जाने का फैसला किया है. हालांकि चुनाव साथ लड़ने के लिए उन्‍हें उचित संख्या में सीटों की पेशकश की गई और बातचीत के कई प्रयास भी किए गए. जनता जानती है गठबंधन न होने का दोषी कौन है. चुनाव के बाद देखेंगे चिराग साथ आते हैं या नहीं.
शिवसेना के बाद अकाली दल के एनडीए छोड़ने पर शाह ने कहा, 'हमने किसी का साथ नहीं छोड़ा है, उन्होंने हमारा साथ छोड़ा है, हम अब इसमें क्या कर सकते है, अकाली का मुद्दा कृषि बिल है, लेकिन विपक्ष के द्वारा किसानों को भड़काया जा रहा है, MSP रिजीम बंद करने की कहीं कोई बात ही नहीं है. इसीलिए इनका आंदोलन उठ ही नहीं पा रहा है. कांट्रेक्ट फार्मिंग किसानो के लिए बाध्य नहीं है. कंपनियों के लिए है, किसान कभी भी कंपनी के साथ कान्ट्रेक्ट तोड़ कर निकल सकता है. राहुल बता दें कि एमएसपी पर उनके जमाने में क्या खरीद होती थी और आज की खरीद क्या है, नरेन्द्र मोदी सरकार ऐसे फैसले लेती है जो अच्छे हो, ऐसे नहीं लेती जो अच्छे लगे.'
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद टीआरपी गेम पर बोलते हुए शाह ने कहा, टीआरपी के लिए बात को बढ़ाना उचित नहीं है, अगर कोई बात ढाकी जा रही है तो ज़रूर खबर हो लेकिन मीडिया ट्रायल नहीं होना चाहिए. ड्रग के मुद्दे पर बॉलीवुड से जोड़ कर नहीं देखना चाहिए. एनसीबी जांच कर रहा है. सिर्फ टीआरपी के लिए एक मुद्दे उठाना उचित नहीं है. छोड़ना किसी को भी नहीं चाहिए लेकिन किसी इंडस्ट्री को इससे नहीं जोड़ना चाहिए.
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