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लोकसभा में अमित शाह का भाषण, कश्मीर को लेकर कहीं ये 5 बातें

अमित शाह ने लोकसभा में कश्मीर पर कही ये पांच बातें

अमित शाह ने लोकसभा में कश्मीर पर कही ये पांच बातें

जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव को लेकर अमित शाह ने कहा कि जब चुनाव आयोग कहेगा तब शांति पूर्ण तरीके से चुनाव कराए जाएंगे.

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    गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को लोकसभा में अपना पहला भाषण दिया. इस दौरान अमित शाह ने सदन से अनुरोध किया कि जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की अवधि को छह माह के लिए और बढ़ाया जाए. अमित शाह के कश्मीर पर दिए गए भाषण की पांच खास बातें क्या थी, चलिए आपको बताते हैं.

    कश्मीर को न चाहने वालों का भय और बढ़ेगा
    अमित शाह ने कहा कि जिनके मन में जम्मू-कश्मीर में आग लगाने की मंशा है,  कश्मीर को भारत से अलग करने की कोशिश करने की मंशा है, अलगाववाद खड़ा करने की मंशा है उनके लिए मैं कहना चाहता हूं कि हां उनके मन में अब भय है, रहेगा और आगे ज्यादा बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर की जनता का कल्याण हमारी प्राथमिकता है, उन्हें ज्यादा भी देना पड़ा तो दिया जाएगा, क्योंकि उन्होंने बहुत दुख सहा है. कश्मीर की आवाम को विकास और खुशी देने के लिए हमारी सरकार ने ढेर सारे कदम उठाए हैं.

    जब चुनाव आयोग कहेगा तब कराए जाएंगे चुनाव
    जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव को लेकर अमित शाह ने कहा कि जब चुनाव आयोग कहेगा तब शांति पूर्ण तरीके से चुनाव कराए जाएंगे. आज वर्षों बाद चुनकर आए पंच और सरपंच ग्राम पंचायतों का विकास कर रहे हैं. ये जम्हूरियत है. उन्होंने कहा कि हम इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत की नीति पर चल रहे हैं.

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    देश का विरोध करने में कश्मीरियत नहीं
    गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में शांति स्थापना के लिए कश्मीरियत का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि कश्मीरियत खून बहाने में नहीं है. कश्मीरियत देश का विरोध करने में नहीं है. कश्मीरियत देश के साथ जुड़े रहने में है. कश्मीरियत कश्मीर की भलाई में है. कश्मीर की संस्कृति को बचाने में है.

    ये कश्मीर की चिंता करने वाली सरकार है
    अमित शाह ने अपनी सरकार को कश्मीर की चिंता करने वाली सरकार बताया. उन्होंने कहा कि आज तक पंचायतों को पंच और सरपंच चुनने का अधिकार ही नहीं दिया गया था. सिर्फ तीन ही परिवार इतने साल तक कश्मीर में शासन करते रहे. ग्राम पंचायत, नगर पंचायत सब का शासन वही करें और सरकार भी वही चलाएं. ऐसा क्यों होना चाहिए? शाह ने कहा कि जम्‍मू कश्मीर की आवाम को हम अपना मानते हैं, उन्हें अपने गले लगाना चाहते हैं, लेकिन उसमें पहले से ही जो शंका का पर्दा डाला गया है, वो इसमें समस्या पैदा कर रहा है.

    धारा 370 स्थाई नहीं अस्थाई है
    गृह मंत्री अमित‍ शाह ने कहा कि कश्‍मीर में धारा 370 अस्‍थाई तौर पर लगाई गई है और यह स्‍थाई नहीं है. ऐसा शेख अब्‍दुल्‍ला साहब की सहमति से किया गया है. कश्‍मीर को लेकर हमारी अप्रोच को लेकर कोई बदलाव नहीं हुआ है. जो पहले था वहीं आगे भी रहेगी.

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