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असम के CM बोले, अमित शाह की नॉर्थ-ईस्ट के नेताओं के साथ बैठक के बाद CAB पर दूर होंगी आशंकाएं

भाषा
Updated: November 30, 2019, 5:08 PM IST
असम के CM बोले, अमित शाह की नॉर्थ-ईस्ट के नेताओं के साथ बैठक के बाद CAB पर दूर होंगी आशंकाएं
असम के मुख्यमंत्री ने कहा है कि अमित शाह की बैठक के बाद CAB पर चीजें सही दिशा में जाती लग रही हैं (फाइल फोटो, News18)

असम (Assam) के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल (Sarbananda Sonowal) ने कहा कि अमित शाह (Amit Shah) द्वारा नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill- CAB) पर परामर्श से सभी आशंकाओं को दूर करने में मदद मिलेगी.

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नई दिल्ली. केन्द्रीय गृह मंत्री (Home Ministry) अमित शाह (Amit Shah) ने शनिवार को असम, अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) और मेघालय (Meghalaya) के राजनीतिक दलों, छात्र निकायों और नागरिक समाज समूहों के नेताओं साथ प्रस्तावित नागरिकता संशोधन (Citizenship Amendment Bill- CAB) विधेयक की रूप-रेखा पर चर्चा की. सूत्रों ने यह जानकारी दी.

बैठक में असम (Assam) के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, अरुणाचल प्रदेश मुख्यमंत्री पेमा खांडू और मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा, केन्द्रीय मंत्री किरण रिजीजू (Kiren Rijiju) और विभिन्न सांसदों ने शिरकत की.

ज्यादातर क्षेत्रीय दलों को CAB से आदिवासियों के प्रभावित होने की चिंता
सोनोवाल ने कहा कि शाह द्वारा CAB पर परामर्श से सभी आशंकाओं को दूर करने में मदद मिलेगी. उन्होंने बताया, ‘‘ये पूर्वोत्तर (Noth-East) के सभी तबकों के लोगों से बातचीत की बेहद ईमानदार और लोकतांत्रिक कोशिश है. मुझे विश्वास है कि गृह मंत्री के साथ बैठक में जो शामिल हुए, उन्होंने क्षेत्र को लेकर केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को महसूस किया.’’

ज्यादातर क्षेत्रीय दलों और नागरिक समाज समूहों ने इस बात पर चिंता जताई कि CAB से आदिवासी प्रभावित हो सकते हैं.

सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं चीजें- हिमंत बिस्व सरमा
सूत्रों ने कहा कि ऐसा पता चला है कि गृह मंत्री ने उन्हें संकेत दिया कि आंतरिक रेखा परमिट (ILP) व्यवस्था द्वारा संरक्षित आदिवासी क्षेत्र और ऐसे क्षेत्र जो संविधान की छठी अनुसूची के तहत प्रशासित होते हैं, वे CAB से प्रभावित नहीं होंगे.
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सूत्रों ने बताया कि इस क्षेत्रों को प्रस्तावित विधेयक के दायरे से छूट दी जा सकती है और समझा जा रहा है कि उक्त आशंकाओं के संबंध में शाह ने प्रतिनिधियों को संतुष्ट कर दिया. असम के मंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने शनिवार को कहा कि शाह ने शुक्रवार की रात त्रिपुरा (Tripura) और मिजोरम के राजनीतिक नेताओं और नागरिक समाज के सदस्यों के साथ चार घंटे तक बैठक की और चीजें सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं.

अमित शाह ने 4 घंटे तक राजनीतिक दलों के साथ इस पर चर्चा की
असम के मंत्री हिमंत बिस्व सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने ट्वीट किया, "केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रस्तावित नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर शुक्रवार को त्रिपुरा और मिजोरम के राजनीतिक दलों और नागरिक समाज संगठनों के साथ चार घंटे तक चर्चा की. वह आज असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के प्रतिनिधिमंडलों के साथ इसपर चर्चा करेंगे. चीजें सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं."

नागरिकता अधिनियम 1955 में प्रस्तावित संशोधन पाकिस्तान, बांग्लादेश (Bangladesh), अफगानिस्तान के हिन्दूओं, सिखों, बौद्ध, जैन, पारसियों और ईसाइयों को भारत की नागरिकता देने की बात कहता है, भले ही उनके पास कोई उचित दस्तावेज नहीं हों. विधेयक को लेकर पूर्वोत्तर राज्यों में कड़े विरोध के मद्देनजर गृह मंत्री शुक्रवार और शनिवार को इस मुद्दे पर सिलसिलेवार बैठकें कर चुके हैं और तीन दिसंबर को भी वे इस सिलसिले में बैठके करेंगे.

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First published: November 30, 2019, 5:03 PM IST
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