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लोकसभा: अमित शाह ने कहा- धर्म के आधार पर विभाजन के कारण लाना पड़ा नागरिकता बिल

भाषा
Updated: December 9, 2019, 9:18 PM IST
लोकसभा: अमित शाह ने कहा- धर्म के आधार पर विभाजन के कारण लाना पड़ा नागरिकता बिल
गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि CAB, BJP के घोषणापत्र का हिस्सा रहा है (फाइल फोटो, लोकसभा टीवी)

गृहमंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने यह भी कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) भाजपा के घोषणापत्र (Manifesto) का हिस्सा रहा, जनता ने इसे मंजूर किया है.

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नई दिल्ली. सियासी घमासान के बीच लोकसभा (Lok Sabha) में सोमवार को नागरिक संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill- CAB) पेश किया गया. हालांकि इस दौरान सदन में हंगामा मच गया. कांग्रेस (Congress) सहित कई विपक्षी पार्टियों (Opposition Parties) ने इसका विरोध किया.

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी (Adhir Ranjan Chowdhury) ने कहा कि इस बिल के जरिए अल्‍पसंख्‍यकों को निशाना बनाया जा रहा है. वहीं गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने इसके जवाब में कहा कि यह बिल .001 फीसदी भी अल्‍पसंख्‍यकों के खिलाफ नहीं है इसलिए वॉकआउट मत करना.

'भाजपा के घोषणापत्र का हिस्सा रहा है नागरिकता संशोधन विधेयक'
गृह मंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB) को ऐतिहासिक करार देते हुए सोमवार को कहा कि यह भाजपा के घोषणापत्र का हिस्सा रहा है तथा 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में देश के 130 करोड़ लोगों ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाकर इसकी मंजूरी दी है.

अमित शाह ने लोकसभा में विधेयक को चर्चा एवं पारित करने के लिए रखते हुए कहा कि हम पूर्वोत्तर की स्थानीय संस्कृति (Local Culture) एवं रीति रिवाज का संरक्षण करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

'लाखों-करोड़ों लोगों को नरक की यातना से निकालेगा यह विधेयक'
गृह मंत्री ने कहा कि हम पूर्वोत्तर (North-East) के लोगों का आह्वान करते हैं कि वे किसी उकसावे में नहीं आएं. उन्होंने कहा कि यह विषय हमारे घोषणापत्र में शामिल रहा है जो जनभावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है. शाह ने कहा, ‘‘क्या केवल नेता के चेहरे, परिवार के नाम पर चुनाव लड़ने चाहिए.’’अमित शाह ने कहा कि यह विधेयक ऐसे लाखों करोड़ों लोगों को ‘नरक की यातना’ से निकालेगा जो पड़ोसी देशों से भारत आने पर मजबूर हुए और यहां उन्हें कोई भी अधिकार नहीं मिला है.

'यह विधेयक किसी के साथ अन्याय करने वाला नहीं, केवल न्याय करने वाला'
अमित शाह ने कहा कि यह विधेयक किसी के साथ अन्याय करने वाला नहीं, केवल न्याय करने वाला है. लोग 70 साल से इस न्याय का इंतजार कर रहे थे. गृह मंत्री ने विपक्ष के सदस्यों के विचारों का जिक्र करते हुए कहा कि बार-बार अल्पसंख्यकों की बात हो रही है तो क्या बांग्लादेश (Bangladesh), अफगानिस्तान और पाकिस्तान से आए शरणार्थी अल्पसंख्यक नहीं हैं जो धार्मिक आधार पर यातनाएं सहने के कारण वहां से भारत आए.

उन्होंने कहा कि संविधान सभा (Constituent Assembly) ने पंथ निरपेक्षता की बात कही थी, हम उसका सम्मान करते हैं और उसे आगे ले जाने के लिए उत्सुक हैं.

'राशन कार्ड और किसी दस्तावेज के बिना भी शरणार्थियों को दी जाएगी नागरिकता'
गृहमंत्री अमित शाह कहा कि किसी के भी साथ धार्मिक आधार पर दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए. शाह ने कहा कि घुसपैठियों और शरणार्थियों की अलग पहचान करना भी जरूरी है. गृह मंत्री ने कहा कि राशन कार्ड (Ration Card) या किसी दस्तावेज के बिना भी शरणार्थियों को नागरिकता दी जाएगी .

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस (Congress) के सदस्य साबित कर दें कि विधेयक भेदभाव करता है तो मैं इसे वापस ले लूंगा.’’

यह भी पढ़ें: नागरिकता संशोधन विधेयक से जुड़ी दस खास बातें, क्यों ये शुरू से विवादों में रहा

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First published: December 9, 2019, 5:53 PM IST
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