होम /न्यूज /राष्ट्र /अमित शाह ने 5 बार किया फोन, पर उद्धव ने नहीं की बात- शिवसेना

अमित शाह ने 5 बार किया फोन, पर उद्धव ने नहीं की बात- शिवसेना

उद्धव ठाकरे की फाइल फोटो

उद्धव ठाकरे की फाइल फोटो

बीजेपी के दावे को शिवसेना नेतृत्व ने बकवास बताया. एक वरिष्ठ नेता ने कहा, 'हमारी बीजेपी नेताओं से एक शब्द बात नहीं हुई'

    विनय देशपाण्डे

    दिल्ली में बीजेपी नेताओं की ओर से दावा किया गया था कि अमित शाह ने उद्धव ठाकरे से अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ वोट देने के लिए बात की है. अब इस पर शिवसेना के उच्च सूत्रों ने दावा किया है कि उद्धव ठाकरे ने बीते दो दिन में अमित शाह से एक शब्द बात बात नहीं की है.

    शिवसेना के एक नेता ने CNN-News18 से कहा, 'यह सच है कि अमित शाह ने कई बार फोन किया. कल ही (अविश्वास प्रस्ताव के दिन) कम से कम 5 बार फोन किया. उनमें से एक फोन संसदीय कमेटी के ऑफिस से फोन था, लेकिन उद्धवजी ने एक भी कॉल रिसीव नहीं की.' बीजेपी के दावे को शिवसेना नेतृत्व ने बकवास बताया. एक वरिष्ठ नेता ने कहा, 'हमारी बीजेपी नेताओं से एक शब्द बात नहीं हुई.'

    यह भी पढ़ें: OPINION: 2019 के रण में कांग्रेस के लिए क्यों 'कमिटेड' नहीं हो पा रही क्षेत्रीय पार्टियां

    एनडीए के प्रमुख दल शिवसेना ने तेलगु देशम पार्टी की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा से दूर रहने का फैसला किया. हालांकि पहले पार्टी की ओर से इस आशय का व्हिप जारी किया गया था कि पार्टी सांसद सरकार के समर्थन में वोट करें.  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के संसद में भाषण के बाद शिवसेना ने उनकी तारीफ भी की. वहीं पीएम मोदी को गले लगाने पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने आलोचना की.

    इससे पहले शिवसेना के मुखपत्र सामना में शुक्रवार को केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा गया था.  शिवसेना ने लिखा था, दुनिया में हम पांचवें नंबर की अर्थव्यवस्था बन गए हैं, लेकिन इसने हमारे किसानों को मौत की दहलीज से नहीं बचाया. उसने कश्मीर के सैकड़ों जवानों की शहादत को नहीं रोका.

    यह भी पढ़ें: पीएम मोदी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के दौरान विपक्षी एकता में दिखी फूट

    संपादकीय में सवाल किया गया कि जिस पांचवें क्रमांक की अर्थव्यवस्था में गरीबों तथा बेरोजगारों को स्थान नहीं है वह अर्थव्यवस्था किस काम की है? सामना में शिवसेना ने आरोप लगाया था, 'यहां बकरियों को बचाकर इंसान को मारनेवाले ‘कसाई’ राज करते हैं. पूरा 'संवेदनाशून्य कामकाज' जारी है. सिर्फ चुनाव जीतने के लिए तथा सत्ता बचाने के लिए नट का खेल करते रहना लोकतंत्र नहीं. बहुमत की झुंडशाही सर्वकाल नहीं टिकती. जनता सर्वोच्च है.'

    यह भी पढ़ें: कांग्रेस को अखिलेश की सलाह- MP जीतने के लिए हम जैसे खिलाड़ियों को करें शामिल

    व्हिप जारी किए जाने को लेकर सवाल पूछे जाने पर शिवसेना नेता ने इस पर स्पष्टीकरण नहीं दिया. शिवसेना के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, 'बीजेपी ने सभी सहयोगियों को मसौदा भेजा था. हमारे नेताओं को यह नहीं पता था कि यह अविश्वास प्रस्ताव के बारे में है. हमने टाइप किया और दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर कर दिए. इस हस्ताक्षरित दस्तावेज पर बीजेपी ने दावा किया कि हम उनका समर्थन करेंगे. उद्धवजी ने कभी भी पार्टी नेतृत्व को व्हिप को जारी करने का निर्देश नहीं दिया था. शिवसेना के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ऐसा करने का कोई सवाल ही नहीं था.'

    जब उनसे पूछा गया कि चीफ व्हिप चंद्रकांत खैरे के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, तो शिवसेना नेता ने कहा, 'यह खैरे की गलती नहीं थी. यह किसी और की गलती थी. खैरे के खिलाफ कोई कार्रवाई करने का कोई सवाल नहीं है.'

    यह भी पढ़ें: पीएम मोदी के ‘इमोशनल’ कार्ड से चित हुई कांग्रेस!

    शिवसेना लगातार कह रही है कि वह साल 2019 का चुनाव अकेले लड़ेगी. अविश्वास प्रस्ताव पर शुक्रवार को चर्चा के बाद वोटिंग में 451 सदस्यों ने हिस्सा लिया जिसमें प्रस्ताव के पक्ष में 126 वोट पड़े जबकि विरोध में 325 मत पड़े थे.

    Tags: Amit shah, BJP, Shiv sena, Uddhav thackeray

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें