अमित शाह ने कश्मीर के ताज़ा हालात का लिया जायज़ा, बैठक में डोभाल भी थे मौजूद

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा- गृह मंत्रालय के आदेश से नागरिकों में डर का माहौल है. पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को कभी भी इस तरह से अचानक यात्रा छोड़ने के लिए नहीं कहा गया.

News18Hindi
Updated: August 4, 2019, 3:40 PM IST
अमित शाह ने कश्मीर के ताज़ा हालात का लिया जायज़ा, बैठक में डोभाल भी थे मौजूद
गृह मंत्री अमित शाह ने गृह मंत्रालय के आला अधिकारियों और खुफिया एजेंसी के प्रमुखों के साथ बैठक की.
News18Hindi
Updated: August 4, 2019, 3:40 PM IST
जम्मू-कश्मीर को लेकर चल रही तमाम कयासों के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने गृह मंत्रालय के आला अधिकारियों और खुफिया एजेंसी के प्रमुखों के साथ बैठक की. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस बैठक में राष्ट्रीय अजित डोभाल भी मौजूद थे, जहां कश्मीर घाटी के हालात पर चर्चा की गई.

इस बीच सूत्रों से यह भी खबर मिली है कि गृह मंत्री अगले हफ्ते कश्मीर के दौरे पर जा सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह संसद सत्र खत्म होने के बाद दो दिनों के लिए घाटी के दौरे पर जा सकते हैं. अपने इस दौरे के दौरान वो जम्मू भी जाएंगे.

बता दें कि दो दिन पहले ही सरकार ने एडवाइजरी जारी कर अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों को अपनी यात्रा रोक वापस आने की सलाह दी थी. अमरनाथ यात्रियों के बेस कैंप से भी यात्रियों को जाने के लिए कह दिया गया है. इन यात्रियों के पास बेस कैंप छोड़ने के अलावा अब कोई विकल्प भी नहीं बचा है.

यात्रियों वो वापस बुलाने वाली सरकार की घोषणा से जम्मू-कश्मीर के राजनेताओं में भी खलबली मच गई है, उनके द्वारा आशंकाएं जताई जा रही है कि केंद्र संविधान के अनुच्छेद 35-ए के योजना कर रहा है. अनुच्छेद 35-ए सरकारी नौकरियों और जमीन के मामलों में राज्य के निवासियों को विशेष अधिकार देता है. राज्यपाल सतपाल मलिक ने अटकलों पर लगाम लगाते हुए कहा कि अनुच्छेद 35-ए को समाप्त करने की कोई योजना नहीं है. इस बीच, जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मांग की कि सरकार को राज्य के विशेष दर्जे पर संसद में एक बयान जारी करना चाहिए.

कांग्रेस ने शनिवार को केंद्र की घोषणा की आलोचना की, कहा कि इससे नागरिकों के बीच भय का वातावरण स्थपित होता है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'गृह मंत्रालय के आदेश से नागरिकों में डर का माहौल है. पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को कभी भी इस तरह से अचानक यात्रा छोड़ने के लिए नहीं कहा गया. सरकार नफरत का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है, ये कहते हुए कि कश्मीर बाहरी लोगों के लिए असुरक्षित है. हम सरकार द्वारा इस फैसले की निंदा करते हैं."

वहीं बॉर्डर रोड आर्गेनाइजेशन द्वारा बनाए गए एक पुल का उद्घाटन करने पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि कश्मीर की समस्या तो अब हल होकर रहेगी. भारत इसे अपने तरीके से हल करेगा. दुनिया की कोई भी ताकत हमें ऐसा करने से रोक नहीं सकती. ऐसा लग रहा है कि केंद्र सरकार इस बार कश्मीर में आतंकवाद की समस्या को जड़ से खत्म करने का मन बना चुकी है, जिसके तहत सरकार ने एक खास रणनीति बनाई है, लेकिन सुरक्षा वजहों से उसका खुलासा नहीं किया गया है.

यह भी पढ़ें- राज्यपाल मलिक बोले- कल का पता नहीं, लेकिन आज की चिंता न करें
Loading...

यह भी पढ़ें- LoC पर 'कड़े कदम' की तैयारी में भारतीय सेना- रिपोर्ट
First published: August 4, 2019, 12:30 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...