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Exclusive : चिदंबरम, शिवकुमार के खिलाफ कार्रवाई पर बोले अमित शाह- UPA सरकार में दर्ज हुई थी FIR

News18Hindi
Updated: October 17, 2019, 7:51 PM IST
Exclusive : चिदंबरम, शिवकुमार के खिलाफ कार्रवाई पर बोले अमित शाह- UPA सरकार में दर्ज हुई थी FIR
न्यूज 18 नेटवर्क ग्रुप एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी को गृह मंत्री अमित शाह इंटरव्यू दिया.

यह पूछे जाने पर कि क्या सत्ता में रहने वाली सरकार सीबीआई (CBI) और ईडी (ED) जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष को चुप कराने के लिए कर रही है, गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि नेताओं के खिलाफ बहुत सारी एफआईआर यूपीए सरकार के तहत दायर की गई थीं।

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  • Last Updated: October 17, 2019, 7:51 PM IST
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नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुआई वाली केंद्र सरकार पर यह आरोप लगातार लग रहे हैं कि वो विपक्षी दलों के खिलाफ जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है. आरोप है कि भाजपा सरकार पी चिदंबरम (P Chidambaram) और डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) जैसे राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है. इन आरोपों पर जवाब देते हुए बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री (Home Minister) अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि विचाराधीन कई मामलों में यूपीए सरकार (UPA Government) के दौरान ही एफआईआर दर्ज की गई थी.

न्यूज 18 नेटवर्क ग्रुप एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में अमित शाह ने कहा कि अगर किसी को भी लग रहा है कि गलत हो रहा है तो मामले की जांच को अदालत में चैलेंज किया जा सकता है. अगर यह राजनीतिक षड़यंत्र है तो आखिर यह गिरफ्तारी करने में हम 6 साल क्यों लगाते?'

UPA सरकार में दर्ज की गईं एफआईआर
यह पूछे जाने पर कि क्या सत्ता में रहने वाली सरकार विपक्ष को चुप कराने के लिए सीबीआई (CBI) और ईडी (ED) जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है, शाह ने कहा कि नेताओं के खिलाफ बहुत सारी एफआईआर वास्तव में यूपीए सरकार के तहत दर्ज की गई थीं. शाह ने कहा, 'हम बस मामले की जांच कर रहे हैं और एजेंसियां ​​अपने कर्तव्यों का पालन कर रही हैं.'

कांग्रेस नेताओं पर भ्रष्टाचार के दोहरे रवैया का आरोप लगाते हुए शाह ने दावा किया कि उनके कई नेताओं ने भ्रष्टाचार के आरोप में उन्हें गिरफ्तार करने के लिए एजेंसियों के खिलाफ भाषण दिया है, लेकिन नाटक करते हैं जब उन्हें वास्तव में सवालों के घेरे में लाया जाता है.

शाह ने आगे स्पष्ट किया कि शीर्ष विपक्षी नेताओं के खिलाफ आगामी चुनावों से कोई लेना-देना नहीं है. शाह ने कहा, 'जब चिदंबरम और शिवकुमार को गिरफ्तार किया गया था, तब कोई चुनाव नहीं था.'

ED-CBI गृह मंत्रालय के दायरे में नहीं
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शाह ने कहा- “सीबीआई और ईडी स्वतंत्र रूप से अपनी जिम्मेदारियों को पूरा कर रहे हैं, वे गृह मंत्रालय के दायरे में नहीं हैं. जब मेरे खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई, तो मैंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और उन्होंने मुझे स्वतंत्र रूप से बाहर जाने दिया क्योंकि उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ कोई प्रथम दृष्टया सबूत नहीं था.बाद में, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि यह एक स्पष्ट राजनीतिक प्रतिशोध का मामला था.'

यह पूछे जाने पर कि क्या वह मानते हैं कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक प्रतिशोध के लिए किया जा सकता है, शाह ने जवाब दिया, 'केवल अगर वे चाहते हैं.' उन्होंने कहा, 'अदालत सभी के लिए खुली है, जो कोई भी महसूस करता है कि उनके साथ अन्याय हुआ है वह इसे चुनौती देने के लिए स्वतंत्र है.'

यह भी पढ़ें: अमित शाह ने बताया महाराष्ट्र में डिप्टी सीएम पद की मांग पर क्या है BJP की राय

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First published: October 17, 2019, 7:21 PM IST
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