Assembly Banner 2021

Assembly Elections 2021: असम में बड़ी जीत और बंगाल में 200+ के दावे यूं ही नहीं कर रही बीजेपी, अमित शाह ने बताई रणनीति

अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में 200 से ज्यादा सीटें जीतने का दावा किया है. (फाइल फोटो: Shutterstock)

अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में 200 से ज्यादा सीटें जीतने का दावा किया है. (फाइल फोटो: Shutterstock)

Assembly Election 2021: बीजेपी (BJP) लंबे समय से पश्चिम बंगाल में सक्रिय है. इतना ही नहीं कहा जा रहा है कि भगवा दल ने राज्य में अब तक की सबसे बड़ी चुनावी व्यवस्था को तैनात किया है. इस टीम में सदस्यों की संख्या सैकड़ों में है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 24, 2021, 9:07 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. विधानसभा चुनाव 2021 का रण शुरू होने में कुछ ही दिनों का वक्त बचा है. ऐसे में केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पांच चुनावी राज्यों में भी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिशों में लगी हुई है. इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने भी यह साफ कर दिया है कि वे पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु में गठबंधन के तौर पर जीत दर्ज करने जा रहे हैं, जबकि पुडुचेरी और केरल में उन्हें अपनी स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है.

बीते साल से शुरू हुई बंगाल जीतने की कोशिशों ने यह तो साफ किया है कि राज्य लंबे समय से शाह की ध्यान में था. इतना ही नहीं यहां उन्होंने रैली में 200 से ज्यादा सीटें जीतने का ऐलान कर दिया था. इसके अलावा भी बीजेपी लंबे समय से राज्य में सक्रिय है. इतना ही नहीं कहा जा रहा है कि भगवा दल ने राज्य में अब तक की सबसे बड़ी चुनावी व्यवस्था को तैनात किया है. इस टीम में सदस्यों की संख्या सैकड़ों में है. अब सवाल उठता है कि आखिर शाह किस दम पर इन राज्यों में पार्टी के प्रदर्शन को लेकर इतने आश्वस्त हैं. हाल ही में अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में उन्होंने इस बात से पर्दा उठाया.

यह भी पढ़ें: 2017 का उत्तर प्रदेश साबित होगा बंगाल! यहां BJP की रणनीति को ऐसे समझिए



बंगाल में 200+ सीटें जीतने का प्लान
2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 18 सीटें जीती थीं. शाह कहते हैं कि यह समझने के लिए इन नतीजों का अध्ययन करने की जरूरत है कि कैसे हम 200+ सीटों की बात कह रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर आप लोकसभा और विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन की तुलना करेंगे, तो आपको पता लगेगा कि हम इस आंकड़े पर कैसे पहुंचे.

18 सीटें जीतने के बाद बीजेपी की जीत का आत्मविश्वास बढ़ा है. उनका कहना है कि 2019 के आम चुनाव में बीजेपी ने सुधार करते हुए 2 से 18 सांसद तक पहुंची और तृणमूल कांग्रेस के वोट शेयर के लगभग बराबर पर थी. इसके अलावा बीजेपी ने महिला वोटरों को ध्यान में रखते हुए भी बड़ा दांव खेला है.

यह भी पढ़ें: बांग्लादेश से बंगाल साधेंगे PM मोदी! मतुआ समुदाय के चुनावी कनेक्शन को समझिए

असम में CAA की आड़ में विपक्ष पर निशाना
गृह मंत्री ने कहा कि मैं केवल यह कह सकता हूं कि सीएए केंद्रीय कानून है. उन्होंने कहा कांग्रेस ने चुनावी अभियानों के दौरान कई बार कहा कि वे सीएए को लागू नहीं होने देंगे, लेकिन वे नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन को लेकर कुछ क्यों नहीं कह रहे हैं. शाह ने कहा कि राहुल गांधी को असम के लोगों को बताना चाहिए की एनआरसी को लेकर उनकी पार्टी की नीति क्या है.

राज्य में कांग्रेस ने बदरुद्दीन अजमल की AIUDF के साथ चुनाव लड़ने का फैसला किया है. इसपर शाह ने कहा है कि असम के लोग आतंकवाद, अवैध घुसपैठ और प्रदर्शनों से परेशान हो चुके हैं. उन्होंने कहा आप अजमल के साथ रहकर इन परेशानियों को खत्म होना सुनिश्चित नहीं कर सकते. असम में गृहमंत्री ने दावा किया है कि बीजेपी शासन में चरमपंथियों में कमी आई है. साथ ही उन्होंने ब्रह्मपु्त्र नदी पर पुल, सड़क निर्माण और चाय बगानों में काम करने वालों की कमाई में बढ़त का भी जिक्र किया.

वहीं, बंगाल में पार्टी में अंदर टिकट वितरण को लेकर जारी विवाद पर उन्होंने कहा कि यह आंतरिक मामला है, चूंकि हम अनुशासित और कैडर आधारित पार्टी हैं, तो हम इन मुद्दों को सुलझा लेंगे. शाह ने साफ किया है कि यह बातें चुनाव को प्रभावित नहीं करेंगी. राज्यों में कांग्रेस के गठबंधन को लेकर उन्होंने कहा कि मुझे समझ नहीं आता कि असम में वे AIUDF, केरल में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और बंगाल में ISF के साथ आए हैं. उन्होंने सवाल किया है कि ये किस तरह की सेक्युलर पार्टी है? केरल में 140, तमिलनाडु में 234, पश्चिम बंगाल में 294, असम में 126 और पुडुचेरी में 30 सीटों पर चुनाव होने हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज