अमित शाह ने नॉर्थ ईस्‍ट के लोगों को विश्‍वास दिलाया, 'अनुच्‍छेद 371 को नहीं छेड़ा जाएगा'

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने रविवार को कहा कि केन्द्र पूर्वोत्तर (North-East) को विशेष प्रावधान (Special Status) प्रदान करने वाले अनुच्छेद-371 (Article-371) को नहीं छूएगा.

News18.com
Updated: September 8, 2019, 6:36 PM IST
अमित शाह ने नॉर्थ ईस्‍ट के लोगों को विश्‍वास दिलाया, 'अनुच्‍छेद 371 को नहीं छेड़ा जाएगा'
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नॉर्थ-ईस्ट को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 371 को न छुए जाने की बात कही है (फाइल फोटो)
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Updated: September 8, 2019, 6:36 PM IST
गुवाहाटी. केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने रविवार को कहा कि केन्द्र, पूर्वोत्तर (North-East) को विशेष प्रावधान (Special Status) प्रदान करने वाले अनुच्छेद-371 (Article-371) को नहीं छूएगा.

अमित शाह ने यहां पूर्वोत्तर परिषद के 68वें पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि अनुच्छेद-370 अस्थायी प्रावधानों (Temporary Provisions) के संदर्भ में था जबकि अनुच्छेद-371 विशेष प्रावधानों के संदर्भ में है, दोनों के बीच काफी अंतर है.

पूर्वोत्तर के आठ मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति में दिलाया भरोसा
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, जम्मू कश्मीर (Jammu-Kashmir) में अनुच्छेद-370 (Article-370) के ज्यादातर प्रावधानों को हटाये जाने के बाद पूर्वोत्तर के लोगों को गलत जानकारी देने और गुमराह करने के प्रयास किए जा रहे हैं कि केन्द्र अनुच्छेद 371 को भी हटायेगा.'

अमित शाह ने कहा, 'मैंने संसद में स्पष्ट किया है कि ऐसा नहीं होने जा रहा है और मैं आज पूर्वोत्तर के आठ मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति में फिर से यह कह रहा हूं कि केन्द्र अनुच्छेद 371 को नहीं छूएगा.'

अनुच्छेद 371 क्यों है खास?
अनुच्छेद 371 में कई राज्यों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं. इनमें से अधिकतर राज्य पूर्वोत्तर के हैं. संविधान के यह अनुच्छेद जनजातीय संस्कृति (Tribal Culture) को संरक्षण प्रदान करने की बात कहते हैं. इसी आधार पर उन्हें इस अनुच्छेद के माध्यम से विशेष दर्जा मिला हुआ है.
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NRC रिपोर्ट जारी होने के बाद अपनी पहली असम यात्रा पर हैं शाह
बता दें कि अमित शाह दो दिन के असम दौरे पर हैं. राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की रिपोर्ट जारी होने के बाद अमित शाह की यह पहली असम यात्रा है. उन्होंने आज गुवाहाटी में आयोजित पूर्वोत्तर परिषद के 68वें पूर्ण सत्र में लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही.

इस दौरान असम के भारतीय पौराणिक कथाओं के संबंधों के बारे में भी केंद्रीय गृह मंत्री ने टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि बब्रुवाहन हो या घटोत्कच, दोनों ही नॉर्थ ईस्ट के थे. अर्जुन की शादी भी मणिपुर (Manipur) में ही हुई थी. श्री कृष्ण के पोते का विवाह भी नॉर्थ ईस्ट में ही हुआ था. (भाषा के इनपुट के साथ)

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First published: September 8, 2019, 4:24 PM IST
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