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Bihar Politics: अमित शाह के सीमांचल दौरे से बिहार से बंगाल तक संदेश देने की तैयारी में भाजपा

Bihar Politics: अमित शाह के सीमांचल दौरे से बिहार से बंगाल तक संदेश देने की तैयारी में भाजपा

गृह मंत्री अमित शाह आज और कल बिहार के पूर्णिया व किशनगंज जिलों के दौरे पर. (फाइल फोटो)

गृह मंत्री अमित शाह आज और कल बिहार के पूर्णिया व किशनगंज जिलों के दौरे पर. (फाइल फोटो)

Bihar News: अमित शाह अपने दौरे में भाजपा के नेताओं और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ भी मुलाकात करेंगे. उनसे बिहार में भाजपा की जमीनी हकीकत जानने की पूरी कोशिश करेंगे; ताकि लोकसभा चुनाव के पहले जो भी कमी सामने आए उसको दूर किया जा सके.

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हाइलाइट्स

गृह मंत्री अमित शाह के सीमांचल दौरे के हैं बड़े सियासी संदेश.
बिहार से बंगाल तक सियासत साधने की कोशिश में लगी BJP.
फिलहाल सीमांचल में महागठबंधन का 'MY' समीकरण भारी.

पूर्णिया. केंद्रीय गृह मंत्री आज सीमांचल के दो दिनो के दौरे पर पहुंच रहे हैं. उनके दौरे के बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. माना ये भी जा रहा है कि भाजपा आधिकारिक तौर पर आने वाले 2024 के लोकसभा चुनाव प्रचार की शुरुआत भी सीमांचल से कर देगी. बता दें कि अमित शाह का दौरा तब हो रहा है जब नीतीश कुमार भाजपा से अलग होकर महागठबंधन का हिस्सा हो गए हैं. माना जा रहा है कि बिहार की बदले हुए राजनीतिक स्वरूप में भाजपा का सीमांचल में सियासी समीकरण को नुकसान पहुंचा है.

बता दें कि RJD और JDU के एक हो जाने के बाद सीमांचल में महागठबंधन का सियासी समीकरण बेहद मजबूत माना जा रहा है. इसके पीछे वजह यह है कि सीमांचल में मुस्लिम और यादव आबादी ज्यादा है, जो महागठबंधन का सबसे शक्तिशाली वोट बैंक भी माना जाता है. इसी समीकरण को साधने के लिए अमित शाह के दौरे से भाजपा कार्यकर्ताओं में उम्मीद और उत्साह दोनों है.

राजनीति के जानकारों की मानें तो अमित शाह अपने सीमांचल दौरे से राजनीति और समीकरण की ऐसी बिसात बिछाना चाहेंगे जिससे महागठबंधन की जातीय गोलबंदी की जगह हिंदुओं की ऐसी गोलबंदी हो जिसकी गूंज न सिर्फ बिहार में बल्कि सीमांचल से सटे बंगाल में भी सुनाई पड़े; और इसका फायदा भाजपा को मिल सके.

अमित शाह अपने दौरे में भाजपा के नेताओं और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ भी मुलाकात करेंगे. उनसे बिहार में भाजपा की जमीनी और अंदरुनी सच्चाई जानने की पूरी कोशिश करेंगे; ताकि लोकसभा चुनाव के पहले कमी को दूर किया जा सके. राजनीति के जानकार मानते हैं कि लोकसभा चुनाव की रणनीति बनाने के लिए अमित शाह के लिए बिहार की जमीनी हकीकत जानना बेहद जरूरी है.

विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि अमित शाह सीमांचल की रैली से CAA, NRC, अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ और रोहिंग्या मुस्लिमों का मुद्दा भी उठाने की कोशिश करेंगे. सीमांचल में उठाए गए ऐसे मुद्दों की चर्चा देश भर में हो सकती है. ऐसे में विरोधियों को डर है कि इससे ध्रुवीकरण हो सकता है और भाजपा को फायदा मिल सकता है. फिलहाल बिहार में नीतीश कुमार के अलग होने के बाद भाजपा ने बिहार में मिशन 35 रखा है जिसे पूरा करने के लिए अमित शाह की रैली महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

Tags: Bihar politics, Home Minister Amit Shah

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