अभी अध्यक्ष बने रहेंगे अमित शाह! बुलाई BJP की अहम मीटिंग

बीजेपी अध्यक्ष के तौर पर अमित शाह का टर्म इस साल की शुरुआत में खत्म हो गया था, लेकिन पार्टी ने उनसे चुनाव तक अपने पद पर बने रहने को कहा था. कि बीजेपी के संविधान के मुताबिक पार्टी अध्यक्ष और तीन साल तक अपने पद पर बना रह सकता है.

News18Hindi
Updated: June 13, 2019, 12:50 PM IST
अभी अध्यक्ष बने रहेंगे अमित शाह! बुलाई BJP की अहम मीटिंग
गृहमंत्री अमित शाह (फोटो-PTI)
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Updated: June 13, 2019, 12:50 PM IST
गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) अभी कम से कम 6 महीने तक भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रह सकते हैं. सूत्रों का कहना है कि इसी दौरान पार्टी के आंतरिक चुनाव होंगे. अध्यक्ष पद को लेकर अंतिम फैसला करने के लिए अमित शाह गुरुवार को बीजेपी हेडक्वार्टर में पदाधिकारियों के साथ अहम मीटिंग कर रहे हैं.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बीजेपी तत्काल नए पार्टी अध्यक्ष का चुनाव करेगी या फिर इसे सांगठनिक चुनाव तक टाला जाएगा, इसका फैसला आज की मीटिंग में तय होगा. इसके साथ ही सांगठनिक चुनाव की प्रक्रिया भी शुरू होगी. आज की बैठक में संगठन के चुनाव की तारीखों पर भी फैसला लिया जा सकता है.



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बता दें कि बीजेपी अध्यक्ष के तौर पर अमित शाह का टर्म इस साल की शुरुआत में खत्म हो गया था, लेकिन पार्टी ने उनसे चुनाव तक अपने पद पर बने रहने को कहा था. बीजेपी के संविधान के मुताबिक पार्टी अध्यक्ष और तीन साल तक अपने पद पर बना रह सकता है.


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नया अध्यक्ष चुनना चुनौती
लोकसभा चुनाव 2019 में बीजेपी को मिली प्रचंड जीत का श्रेय काफी हद तक अमित शाह को दिया जा रहा है. पार्टी के सामने उनके कद का अध्यक्ष चुनने की भी चुनौती है. क्योंकि पिछले पांच सालों में शाह ने जिस तरह पार्टी संगठन को देश के कोने-कोने तक खड़ा किया है, उससे उनके मुक़ाबले का अध्यक्ष चुनना निश्चित रूप से पार्टी के लिए बेहद मुश्किल साबित हो रहा है.

गृहमंत्री बनने के बाद से लगातार बैठक कर रहे हैं शाह
नई सरकार में गृहमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद से ही अमित शाह लगातार बैठक कर रहे हैं. ईद के दिन भी उन्होंने हाईलेवल मीटिंग की. इसके अलावा शाह देश की आंतरिक सुरक्षा की जानकारी भी लेते रहते हैं, जिसमें नक्सलवाद और आतंकवाद पर विशेष रूप से चर्चा होती है.

इससे पहले 9 जून को अमित शाह ने हरियाणा, महराष्ट्र और झारखंड के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की थी. इन राज्यों में साल भर के अंदर विधानसभा चुनाव होने हैं.

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