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शहीदों के घर पहुंचे, विकास का वादा किया; अमित शाह ने 3 दिनों में जम्मू-कश्मीर को दिए ये 5 संदेश

शहीदों के घर पहुंचे, विकास का वादा किया; अमित शाह ने 3 दिनों में जम्मू-कश्मीर को दिए ये 5 संदेश

गृहमंत्री अमित शाह ने बलों और एजेंसियों के साथ राजभवन में सुरक्षा को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की थी. (फोटो: Twitter/@AmitShah)

गृहमंत्री अमित शाह ने बलों और एजेंसियों के साथ राजभवन में सुरक्षा को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की थी. (फोटो: Twitter/@AmitShah)

Amit Shah in Jammu-Kashmir: अमित शाह ने सुरक्षाबलों को संदेश दिया कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद आतंकवाद में गिरावट देखी गई है, पत्थरबाजी कम हुई है, लेकिन बलों को आतंकवादियों के खिलाफ आक्रामक रहना चाहिए और एक साथ करीब से काम करना चाहिए.

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    अंकुर शर्मा

    नई दिल्ली. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) का जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) दौरा पूरा हो गया है. अनुच्छेद 370 (Article 370) हटने के बाद पहली बार केंद्र शासित प्रदेश पहुंचे शाह ने ‘एक भारत’ की झलक दिखाई. यहां उन्होंने संदेश दिया है कि आतंकवाद (Terrorism) के खिलाफ जंग में जान गंवाने वाले शहीदों और उनके परिवार के साथ पूरा देश है. इस दौरान वो गुरुद्वारा, मंदिर गए और सूफी संतों से भी मिले. साथ ही उन्होंने कश्मीरियों से कहा है कि राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए विकास ही एकमात्र रास्ता है.

    भारी सुरक्षा के बीच दौरा कर रहे शाह ने जब जनता के सामने जाकर बात की, तो सुरक्षा में भी ढील दी गई. इसका उदारहण है, उन्होंने जनता से खुलकर बात करने के लिए पोडियम पर लगे बुलेटप्रूफ ग्लास हटवा दिया थे. तीन दिवसीय यात्रा के दौरान शाह ने केंद्र शासित प्रदेश को ये पांच संदेश दिए.

    शहीदों और नागरिकों के परिवारों के साथ है भारत
    तीन दिनों के दौरान शाह ने आतंकी घटनाओं में मारे गए सुरक्षाबलों के जवानों के परिवार से मुलाकात की. उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी. उनके यहां पहुंचने के बाद उनके एजेंडा में सबसे पहले पुलिस इंस्पेक्टर परवेज अहमद के परिवार से मुलाकात थी. मुलाकात के दौरान उन्होंने अहमद की पत्नी को नौकरी की पेशकश की. मस्जिद से नमाज पढ़कर लौट रहे पुलिस इंस्पेक्टर की आतंकियों ने जून में हत्या कर दी थी. सुरक्षा को लेकर आयोजित बैठक के बाद वो घाटी में जान गंवाने वाले शहीदों और नागरिकों के परिवार से मिले.

    शाह ने अपनी यात्रा का समापन भी मंगलावर सुबह पुलवामा हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देकर किया. उन्होंने ट्वीट किया था, ‘मैं आतंकियों से लड़ते हुए शहीदों और आतंकी घटनाओं में मारे गए नागरिकों के परिवारों से मिला. मैंने जम्मू-कश्मीर के हर नागरिक को भरोसा दिया है कि मोदी सरकार और पूरा देश उनके साथ मजबूती से खड़ा है. भारत ऐसी किसी कायर हिंसा से नहीं डरेगा.’

    एक भारत
    दौरे के आखिरी दिन शाह जम्मू स्थित गुरुद्वारा डिगियाना आश्रम पहुंचे. इस दौरान उनके साथ लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा भी मौजूद ते. इसके बाद वो गांदरबल के खीर भवानी दुर्गा मंदिर पहुंचे. आखिरी दिन उन्होंने सूफी संतों से भी मुलाकात की. उन्होंने ट्वीट किया था कि कश्मीर शुरुआत से ही भारत की समृद्ध विरासत का केंद्र बिंदु रहा है. उन्होंने लिखा, ‘सूफी संस्कृति भी उसी समृद्धता का एक भाग है, जो शांति और उदारवाद की प्रतीक है. आज उसी कड़ी में श्रीनगर में सूफी संतों से भेंट कर कश्मीर की शांति और सहअस्तित्व को पुनर्स्थापित करने के लिए एक व्यापक चर्चा की.’

    सुरक्षा की समीक्षा
    बीते तीन हफ्तों में घाटी में आम नागरिकों की हत्या की खबरें सामने हैं. ऐसे में शाह ने बलों और एजेंसियों के साथ राजभवन में सुरक्षा को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की. उन्होंने संदेश दिया कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद आतंकवाद में गिरावट देखी गई है, पत्थरबाजी कम हुई है, लेकिन बलों को आतंकवादियों के खिलाफ आक्रामक रहना चाहिए और एक साथ करीब से काम करना चाहिए. उन्होंने ट्वीट किया, ‘आज श्रीनगर में सशस्त्र बलों, केंद्रीय पुलिस बलों, जम्मू-कश्मीर पुलिस एवं सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक की. पीएम नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हम J&K से घुसपैठ व आतंकवाद को जड़ से समाप्त कर यहां के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध हैं.’

    गृहमंत्री बॉर्डर आउट पोस्ट का भी दौरा किया. उन्होंने ट्वीट किया, ‘आज जम्मू के मकवाल में बॉर्डर आउट पोस्ट पर जाकर हमारे बीएसएफ के जवानों से भेंट कर उनके साथ कुछ समय बिताया. भारत की रक्षा के प्रति हमारे सुरक्षा प्रहरियों का समर्पण सचमुच अद्भुत है. समस्त देशवासियों की ओर से अपने सुरक्षाबलों की बहादुरी को नमन कर कृतज्ञता व्यक्त करता हूं.’

    विकास ही एक रास्ता है
    दौरे के दूसरे दिन शाह ने जम्मू में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) के नए कैंपस का उद्घाटन किया. IIT का नया कैंपस 210 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है. शाह ने कहा कि अगर 45 हजार युवा जम्मू-कश्मीर के गरीबों की सेवा में लगे, तो आतंकवादी कोई नुकसान नहीं पहुंचा पाएंगे और ये युवा कम समय जम्मू और कश्मीर बदल देंगे. इसके अलावा सर्विस सिलेक्शन बोर्ड की तरफ से 25 हजार सरकारी नौकरियां दी गई हैं. इनमें से 7 हजार लोगों को पहले ही अपॉइंटमेंट लैटर दिया जा चुका है. सरकार की भविष्य की योजनाओं को लेकर उन्होंने कहा कि अब तक 12 हजार करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है और 2022 से पहले 51 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हो जाएगा.

    जम्मू-कश्मीर में विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के बाद उन्होंने ट्वीट किया, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जल्द ही जम्मू व श्रीनगर में मेट्रो की शुरुआत होने वाली है और ₹700 करोड़ से जम्मू एयरपोर्ट का भी विकास होने वाला है. नई हेलीकॉप्टर पॉलिसी के तहत J&K के हर जिले में हेलीपैड बनाकर हर जिले को आपस में जोड़ने का भी काम हमने शुरू किया है.’

    स्थानीय लोगों से जुड़ाव
    कई खतरे की जानकारियां मिलने के बावजूद शाह ने श्रीनगर में स्थानीय लोगों से मिलकर सभी को चौंका दिया. ये लोग रैली में शामिल होने के लिए आए थे. बुलेटप्रूफ ग्लास हटवाने के बाद उन्होंने कहा, ‘मुझे ताना मारा गया, निंदा की गई… आज मैं आपसे खुलकर बात करना चाहता हूं, इसलिए यहां कोई बुलेटप्रूफ शील्ड या सुरक्षा नहीं है… फारूक साहब ने मुझे पाकिस्तान से बात करने का सुझाव दिया था, लेकिन मैं घाटी के युवा और लोगों से बात करना चाहता हूं.’

    वो भारत-पाकिस्तान की सीमा के पास स्थित एक नागरिक के घर भी पहुंचे और परिवार के सदस्यों से मुलाकात की. उन्होंने ग्रामीण से बात कर उसका मोबाइल नंबर अपने फोन में सेव किया. स्थानीय लोगों से चर्चा के दौरान उन्होंने पर्यटन भी किया. वो डल झील पहुंचे जहां लेजर शो का आनंद लिया.

    Tags: Amit shah, Article 370, Jammu kashmir, Terrorism

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