एमनेस्‍टी इंटरनेशनल इंडिया ने भारत में बंद किया काम, सरकार पर लगाए शोषण के आरोप

एमनेस्‍टी के खिलाफ चल रही है विदेशी फंडिंग की जांच.
एमनेस्‍टी के खिलाफ चल रही है विदेशी फंडिंग की जांच.

प्रवर्तन निदेशालय द्वारा विदेशी धन प्राप्त करने में कथित अनियमितताओं के बारे में एमनेस्टी (Amnesty) की जांच की जा रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 29, 2020, 12:44 PM IST
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नई दिल्‍ली. मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया (Amnesty International India) ने मंगलवार को घोषणा की कि वह भारत में अपने सभी ऑपरेशंस बंद कर रहा है. उसे अपने कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के लिए मजबूर होना पड़ा. साथ ही उसके सभी बैंक खाते भी फ्रीज कर दिए गए हैं. बयान में संगठन ने अपने बैंक खातों को फ्रीज करने के पीछे सरकार के कदम को निराधार और दुर्भावना से  प्रेरित करार दिया है. उसने सरकार पर शोषण के आरोप लगाए हैं.

संगठन ने कहा, 'भारत सरकार द्वारा एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया के बैंक खातों को पूरी तरह से फ्रीज करना संगठन द्वारा किए जा रहे सभी कामों को रोकना है. इसकी जानकारी 10 सितंबर को हुई थी. यह मानवाधिकार संगठनों के खिलाफ लगातार भारत सरकार के द्वारा की जा रही संदिग्‍ध कार्रवाई दुर्भावना से  प्रेरित है.






यह कदम एक महीने बाद उठाया गया है जब संगठन ने दिल्ली पुलिस पर फरवरी में राष्ट्रीय राजधानी को तोड़ने वाली हिंसा में शामिल होने का आरोप लगाया था. एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया के कार्यकारी निदेशक अविनाश कुमार ने कहा कि पिछले दो वर्षों में संगठन पर लगातार अंकुश लगाया जा रहा है और बैंक खाते पूरी फ्रीज करना आकस्मिक नहीं है.

उन्‍होंने कहा, 'प्रवर्तन निदेशालय सहित सरकारी एजेंसियों द्वारा लगातार उत्पीड़न करना, हमारे द्वारा सरकार को पारदर्शिता लाने के लिए कहने का नतीजा है. हाल ही में दिल्ली की हिंसा और जम्मू-कश्मीर में गंभीर मानवाधिकारों के उल्लंघन के बारे में दिल्ली पुलिस और भारत सरकार की जवाबदेही के लिए पारदर्शिता लाने को कहने के कारण ऐसा हो रहा है.'

अगस्त में, संगठन द्वारा की गई एक जांच में आरोप लगाया गया था कि पीड़ितों को चिकित्सा सेवाओं से वंचित रखा गया था, उन्हें बचाने में विफलता, प्रदर्शनकारियों पर बल का अत्यधिक और मनमाना उपयोग और लोगों की ओर से की गई कॉल न उठाए जाने पर उन्‍हें दिल्ली में हिंसा के छह दिनों की अवधि के लिए खुद पर भरोसा करने के लिए छोड़ा गया था. प्रवर्तन निदेशालय द्वारा विदेशी धन प्राप्त करने में कथित अनियमितताओं के बारे में एमनेस्टी की जांच की जा रही है. गृह मंत्रालय के अनुसार, मानव अधिकार संगठन ने भारत में एफडीआई के माध्यम से धन प्राप्त किया, जिसकी गैर-लाभ के मामले में अनुमति नहीं है.
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