Amnesty International ने NRC की अंतिम सूची को लेकर चिंता जताई

भाषा
Updated: August 31, 2019, 6:22 PM IST
Amnesty International ने NRC की अंतिम सूची को लेकर चिंता जताई
Amnesty International India ने कहा, कई रिपोर्टों से पता चलता है कि विदेशी न्यायाधिकरणों के समक्ष सुनवाई कैसे एकपक्षीय होती है

Amnesty International India ने कहा, 'कई रिपोर्टों से पता चलता है कि विदेशी न्यायाधिकरणों के समक्ष सुनवाई कैसे एकपक्षीय होती है

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राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी National Civil Register NRC ) की अंतिम सूची से 19.07 लाख लोगों को बाहर रखे जाने के बीच एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया (Amnesty International India) ने असम (Assam)सरकार से यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि विदेश न्यायाधिकरण पूरी पारदर्शिता के साथ काम करें.

एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया के प्रमुख आकार पटेल ने यहां एक बयान में कहा कि इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत निष्पक्ष परीक्षण मानकों के अनुरूप कार्य करना चाहिए.

उन्होंने कहा, 'कई रिपोर्टों से पता चलता है कि विदेशी न्यायाधिकरणों के समक्ष सुनवाई कैसे एकपक्षीय होती है और उनके आदेश पक्षपातपूर्ण और भेदभावपूर्ण होते हैं.' पटेल ने 100 और अधिक विदेशी न्यायाधिकरणों के कामकाज को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की.

मीडिया रिपोर्ट का दिया हवाला

उन्होंने उन मीडिया रिपोर्टों का हवाला दिया कि जिसमें आरोप लगाया गया है कि असम सरकार 'सदस्यों पर बड़ी संख्या में लोगों को अनियमित विदेशी घोषित करने के लिए कथित रूप से दबाव बना रही थी.' असम में बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) की अंतिम सूची शनिवार को जारी कर दी गई जिसमें 19 लाख से अधिक आवेदक अपना स्थान बनाने में विफल रहे है.

जिन लोगों का नाम राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) से बाहर रखा गया है, वे इसके खिलाफ 120 दिन के भीतर विदेशी न्यायाधिकरण में अपील दर्ज करा सकते हैं . असम सरकार (Government of Assam) पहले ही कह चुकी है जिन लोगों को एनआरसी सूची में शामिल नहीं किया गया उन्हें किसी भी स्थिति में हिरासत में नहीं लिया जाएगा, जब तक विदेशी न्यायाधिकरण (एफटी -Foreign Tribunal - FT) उन्हें विदेशी ना घोषित कर दे.

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First published: August 31, 2019, 5:55 PM IST
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