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नंदीग्राम में 'महासंग्राम', सुवेंदु का ममता बनर्जी पर बड़ा वार, बताया बाहरी

बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस पर बोला बड़ा हमला. फाइल फोटो

बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस पर बोला बड़ा हमला. फाइल फोटो

Suvendu Adhikari on Mamata Banerjee: बीजेपी नेता ने कहा कि चिट फंड घोटाला टीएमसी सरकार के चलते हुआ और इसके नेताओं ने जनता के पैसे को लूटा है. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी नंदीग्राम की मतदाता नहीं हैं, वह यहां बाहरी शख्स हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 10, 2021, 3:54 PM IST
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नई दिल्ली. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को बाहरी बताते हुए बीजेपी नेता सुवेन्दु अधिकारी (Suvendu Adhikari) और टीएमसी सुप्रीमो के पूर्व सहयोगी ने बुधवार को कहा कि भाजपा अगर सत्ता में आई तो, चिटफंड कम्पनियों का शिकार हुए लोगों को उनके पैसे वापस मिलेंगे. ममता बनर्जी पर धार्मिक आधार पर विभाजन करने का आरोप लगाते हुए अधिकारी ने कहा कि टीएमसी सुप्रीमो ने मंगलवार को नंदीग्राम में चंडी पाठ में मंत्रों का गलत उच्चारण किया. बीजेपी नेता ने कहा कि चिट फंड घोटाला टीएमसी सरकार के चलते हुआ और इसके नेताओं ने जनता के पैसे को लूटा है. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी नंदीग्राम की मतदाता नहीं हैं, वह यहां बाहरी शख्स हैं. मैं केवल यहां का भूमिपुत्र ही नहीं हूं, बल्कि इस इलाके को वोटर भी हूं.'

अधिकारी ने कहा, "मैं वर्षों से लोगों के साथ खड़ा हूं, ममता बनर्जी की तरह नहीं कि सिर्फ चुनावों के दौरान आता हूं." बुधवार को अधिकारी ने नंदीग्राम में अधिकारी ने अपने चुनाव कार्यालय का उद्घाटन किया. बता दें कि बंगाल चुनाव में नंदीग्राम की सीट हाईप्रोफाइल हो गई है, ममता बनर्जी यहां सुवेन्दु अधिकारी के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं. कार्यालय उद्घाटन के दौरान उपस्थित लोगों के सामने अधिकारी ने चंडीपाठ की रिकॉर्डिंग सुनाई और उसकी तुलना ममता बनर्जी से की. अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी का चंडी पाठ सुर ताल में नहीं है और मंत्रों का उच्चारण गलत है. योगी आदित्यनाथ मंत्रों का सही पाठ कर सकते हैं और उन्हें ममता बनर्जी के मंत्रों का पाठ ठीक करने के लिए नंदीग्राम बुलाया जाना चाहिए. मैं चाहता हूं. योगी आदित्यनाथ यहां आएं और सही पाठ करना सिखाएं."

ममता ने दाखिल किया नामांकन
बता दें कि तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने बुधवार को नंदीग्राम विधानसभा से अपना नामंकन दाखिल किया. इससे पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि ‘‘जो बाहरी लोगों के आगे झुक गए’’, वे सांप्रदायिक हथकंडों के जरिए नंदीग्राम आंदोलन को बदनाम कर रहे हैं. तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने यह आरोप भी खारिज कर दिया कि वह नंदीग्राम में बाहरी हैं. राज्य में आठ चरणों में होने जा रहे चुनाव के तहत दूसरे चरण में एक अप्रैल को नंदीग्राम में मतदान होना है. ममता ने शुभेंदु का एक बार भी नाम लिए बगैर कहा कि उन्होंने (ममता ने) सिंगूर या नंदीग्राम में से किसी एक सीट से चुनाव लड़ने का अपना मन बना लिया था. तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि उन्होंने लोगों की जबरदस्त मांग को लेकर नंदीग्राम से चुनाव लड़ने का फैसला किया.
गौरतलब है कि ये दोनों ही स्थान भूमि अधिग्रहण के खिलाफ राज्य में हुए आंदोलन का मुख्य केंद्र रहे थे और इस आंदोलन ने ममता को 2011 में मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाया था. विधानसभा चुनाव में इस सीट से नामांकन दाखिल करने से एक दिन पहले बूथ स्तर के तृणमूल कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ममता ने कहा, ‘‘मैंने सुना है कि कुछ लोग मुझे नंदीग्राम में बाहरी कह रहे हैं. मैं हैरान हो गई. मैं पड़ोसी बीरभूम जिले में जन्मीं और पली-बढ़ी हूं. आज मैं बाहरी हो गई और जो गुजरात से आए हैं, वे बंगाल में स्थानीय हो गये.’’



'खुद को भूमिपुत्र बताते हैं अधिकारी'
ममता ने ‘‘दीदी हम आपको चाहते हैं’’ के नारे के बीच कहा, ‘‘इस तर्क के अनुसार तो मुझे 10 साल से राज्य का मुख्यमंत्री नहीं रहना चाहिए था. और अब बंगाल की बेटी कुछ लोगों के लिए बाहरी हो गई है. क्या आपने कभी बाहरी मुख्यमंत्री सुना है? यदि स्थानीय लोग मुझसे चुनाव लड़ने को नहीं कहेंगे तो मैं वापस चली जाऊंगी.’’ अधिकारी अक्सर खुद को भूमिपुत्र बताते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख पर पलटवार करते रहे हैं. दरअसल, ममता भाजपा पर बाहरी होने का आरोप लगाती रही हैं. तृणमूल कांग्रेस से पाला बदलने वाले नेता ने ऐलान किया है कि यदि वह टीएमसी प्रमुख को 50,000 वोटों के अंतर से नहीं हरा सकें, तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे.

साम्पद्रायिक भावनाएं भड़काने का आरोप
ममता ने अधिकारी पर साम्पद्रायिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘जो बाहरी लोगों के आगे झुक गये, वे साम्प्रदायिक हथकंडों के जरिए नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण आंदोलन को बदनाम कर रहे हैं.’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘कुछ लोग 70:30 अनुपात (हिंदू-मुस्लिम आबादी) की बात कर रहे हैं. जो लोग ऐसा कर रहे हैं, वे दोनों समुदायों के लोगों को आपस में लड़ा कर नंदीग्राम के पवित्र आंदोलन के बदनाम कर रहे हैं. नंदीग्राम के लोग मतदान के दिन एक अप्रैल को भाजपा को ‘अप्रैल फूल’ बनाएंगे.’’ ममता ने कहा कि यदि पहले सिंगूर में भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन नहीं होता तो नंदीग्राम आंदोलन जोर नहीं पकड़ता.



'मैं ब्राह्मण हूं और ज्यादा जानती हूं'
ममता ने कहा, ‘‘सिंगूर आंदोलन नंदीग्राम आंदोलन से कुछ महीने पहले हुआ था. मैंने दिसंबर 2006 में सिंगूर भूमि अधिग्रहण के खिलाफ अपनी 26 दिनों की भूख हड़ताल पूरी की थी. इसके बाद 2007 में नंदीग्राम आंदोलन हुआ था. सिंगूर आंदोलन ने नंदीग्राम आंदोलन को जरूरी ऊर्जा प्रदान की थी.’’ ममता ने उनके हिंदू विरोधी होने के भाजपा के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि वह एक ब्राह्मण हैं और हिंदू रस्मों के बारे में भगवा पार्टी के फर्जी हिंदू नेताओं से कहीं ज्यादा जानती हैं. ममता ने कहा, ‘‘यदि किसी को मेरे धर्म के बारे में शक है तो मैं उन्हें बहस करने और हिंदू श्लोकों का पाठ करने में प्रतिस्पर्धा करने की चुनौती देती हूं. खेला होबे (खेल जारी है) .’’

उन्होंने ऐलान किया कि उनकी पार्टी 11 मार्च को चुनाव घोषणापत्र जारी करेगी. उन्होंने कहा कि वह बृहस्पतिवार को नंदीग्राम में शिवरात्रि पूजन करेंगी.
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