इस फोटो का कैप्शन बताएं, बदले में महिंद्रा की शानदार कार जीतने का मौका पाएं

महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आंनद महिंद्र ने एक फोटो का कैप्शन पूछा है.
महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आंनद महिंद्र ने एक फोटो का कैप्शन पूछा है.

आनंद महिंद्रा ने एक बार फिर यूजर्स के लिए एक शानदार फोटो अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर की है. इस फोटो के साथ यूजर्स से इसका कैप्शन मांगा गया है. जो कोई भी इस फोटो का अच्छा कैप्शन देगा बदले में आनंद महिंद्र उसे महिंद्रा की शानदार गाड़ी इनाम के तौर पर देंगे.

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  • Last Updated: October 11, 2020, 1:01 PM IST
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नई दिल्ली. देश के दिग्गज कारोबारी और महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आंनद महिंद्र सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं.बात चाहे ट्रिकी सवाल पूछने की हो या फिर किसी की मदद करने की, आनंद महिंद्रा हमेशा आगे आकर मदद करते हैं. आनंद महिंद्रा ने एक बार फिर यूजर्स के लिए एक शानदार फोटो अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर की है. इस फोटो के साथ यूजर्स से इसका कैप्शन मांगा गया है. जो कोई भी इस फोटो का अच्छा कैप्शन देगा बदले में आनंद महिंद्र उसे महिंद्रा की शानदार गाड़ी इनाम के तौर पर देंगे.

आनंद महिंद्रा ने जो फोटो शेयर की है उसमें एक बंदर किसी की छत पर लगे डीटीएच पर बैठा हुआ है. उसे देखकर ऐसा लग रहा है जैसे वह किसी सोफे पर बैठा हुआ है. आनंद महिंद्रा ने इस तस्वीर को अपने ट्विटर हैंडल से शेयर किया है. आप अपना कैप्शन हिंदी या अंग्रेजी दोनों में लिखकर भेज सकते हैं. हिन्दी कैप्शन के लिए अलग और इंगलिश कैप्शन के लिए अलग विनर चुना जाएगा.


आनंद महिंद्रा ने अपने ट्वीट में लिखा है कि इस फोटो को देखने के बाद आपको जो कैप्शन सबसे अच्छा लगता हो उसे हम तक भेजें. इससे पहले ही आनंद महिंद्रा ने अपनी नई गाड़ी लॉन्च की थी तब भी उसके नाम को लेकर एक कॉपिटीशन कराया था और अच्छा नाम बताने पर यूजर को गाड़ी गिफ्ट भी की थी.



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बिहारी के लौंगी माझी को ट्रैक्टर देने की घोषणा की
इससे पहले आनंद महिंद्रा ने लौंगी माझी को एक ट्रैक्‍टर देने की घोषणा कर चुके है. लौंगी के बारे में बताएं तो उन्‍होंने 30 साल तक बेहद कड़ी मेहनत करके पहाड़ काटा और उसपर नहर बना दी. उन्‍होंने यह पहले ही ठान लिया था कि वह एक दिन नहर के जरिये पानी को खेतों तक लाएंगे. वह रोज इसके लिए जंगल जाते रहे. वह गया के कोठिलवा गांव के रहने वाले हैं. पहले उनके परिवारवालों ने उन्‍हें ऐसा करने से खूब मना किया. लेकिन फिर भी वह नहीं माने थे.
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