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जिनपिंग से पीएम मोदी महाबलीपुरम में करेंगे मुलाकात, इस शहर का है चीन से खास रिश्ता

भाषा
Updated: October 6, 2019, 11:54 PM IST
जिनपिंग से पीएम मोदी महाबलीपुरम में करेंगे मुलाकात, इस शहर का है चीन से खास रिश्ता
भारत-चीन मुलाकात कांचीपुरम के पास मामलापुरम में होने वाली है (फाइल फोटो)

अगले हफ्ते कांचीपुरम (Kanchipuram) के पास भारत-चीन बैठक (Indo-China Meet) हो रही है.

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कांचीपुरम (तमिलनाडु). अगले सप्ताह कांचीपुरम (Kanchipuram) के समीप हो रही भारत-चीन बैठक (Indo-China Meet) के मद्देनजर बहुत उम्मीदें हैं, ऐसे में चीन के साथ ममलापुरम के प्राचीन संबंध से इस सम्मेलन को ऐतिहासिक बल मिलने की संभावना है.

शक्तिशाली पल्लव शासकों का ममलापुरम लंबे समय तक फूलता-फलता बंदरगाह रहा था. पल्लव वंश (Pallava Dynasty) का चीन (China) के साथ संबंध रहा था. उन्होंने अपने शासनकाल में वहां दूत भेजे थे.

2000 साल पहले से चीन के साथ संबंध
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) के बीच बैठक की तैयारी जोरशोर से चल रही हैं. ऐसे में जब हम पुरातात्विक साक्ष्यों (Archaeological Evidence) पर नजर डालते हैं तो पता चलता है कि बैठक स्थल ममलापुरम का करीब 2000 साल पहले चीन (China) के साथ संबंध था.

मशहूर पुरातत्वविद एस राजावेलू ने PTI भाषा से कहा कि तमिलनाडु के पूर्वी तट पर बरामद हुए पहली और दूसरी सदी के सेलाडॉन (मिट्टी के बर्तन) हमें चीनी समुद्री गतिविधियों के बारे में बताते हैं.

चीनी सिक्के भी तमिलनाडु से मिले हैं
उन्होंने कहा कि ऐसे साक्ष्य और अन्य पुरातात्विक सबूतों से यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि वर्तमान ममलापुरम और कांचीपुरम (Kanchipuram) जिले के तटीय क्षेत्रों समेत इन क्षेत्रों का चीन के साथ संबंध था.उन्होंने कहा कि उस काल के चीनी सिक्के भी तमिलनाडु (Tamilnadu) में मिले हैं. उनसे पता चलता है कि इन क्षेत्रों का चीन के साथ प्राचीन व्यापारिक संबंध था.

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First published: October 6, 2019, 11:54 PM IST
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