अंडमान में सबमरीन फाइबर केबल से 3-4 सेकेंड में डाउनलोड हो सकेंगे 40 हजार गाने, जानें 7 खास बातें

अंडमान में सबमरीन फाइबर केबल से 3-4 सेकेंड में डाउनलोड हो सकेंगे 40 हजार गाने, जानें 7 खास बातें
फाइबर केबल की लंबाई 2,300 किलोमीटर है. इसकी लागत 1224 करोड़ रुपये आई है. (ANI)

अंडमान निकोबार में सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल (Submarine Optical Fibre Cable) बिछाने की शुरुआत साल 2018 में हुई थी. यह केबल लिंक चेन्‍नई और पोर्ट ब्‍लेयर के बीच 2x200 गीगाबिट पर सेकेंड (Gbps) की बैंडविड्थ देगा. पोर्ट ब्‍लेयर और बाकी आइलैंड्स के बीच बैंडविड्थ 2x100 Gbps रहेगी. आइए जानते हैं कि अंडमान-निकोबार में सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के बाद अब क्या फायदा होगा...

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 10, 2020, 5:12 PM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने सोमवार को अंडमान-निकोबार में सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल (Submarine Optical Fibre Cable) का उद्घाटन किया. ये फाइबर केबल चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर तक समुद्र के अंदर बिछाई गई है, जिसकी मदद से अंडमान में अब इंटरनेट की स्पीड काफी तेज होगी. फाइबर केबल की लंबाई 2,300 किलोमीटर है. इसकी लागत 1224 करोड़ रुपये आई है. 2018 में इसकी नींव पीएम मोदी ने ही रखी थी. इसके जरिए भारतीय द्वीपों के बीच बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी हो सकेगी.



पिछले कुछ वर्षों के दौरान सामरिक सुरक्षा के लिहाज़ से जिस तरह अंडमान-निकोबार की अहमियत बढ़ी है. समंदर में चीन को रोकने के लिए जिस तरह अंडमान-निकोबार एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है. आइए जानते हैं कि अंडमान-निकोबार में सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के बाद अब क्या फायदा होगा...
इस केबल से पोर्ट ब्‍लेयर को स्‍वराज द्वीप, लिटल अंडमान, कार निकोबार, कमोर्ता, ग्रेट निकोबार, लॉन्‍ग आइलैंड और रंगत को भी जोड़ा जा सकेगा. करीब डेढ़ साल में इसका काम पूरा कर लिया गया है.
यह केबल लिंक चेन्‍नई और पोर्ट ब्‍लेयर के बीच 2x200 जीबी पर सेकंड (जीबीपीएस) की बैंडविड्थ देगा. पोर्ट ब्‍लेयर और बाकी आइलैंड्स के बीच बैंडविड्थ 2x100 जीबीपीएस रहेगी.
हाई स्पीड इंटरनेट प्रोजेक्ट के कई फायदे भी हैं. ऑनलाइन पढ़ाई हो, टूरिज्म से कमाई हो, बैंकिंग हो, शॉपिंग हो या टेली-मेडिसिन दवाई हो, अब अंडमान निकोबार के हज़ारों परिवारों को भी ये ऑनलाइन मिल पाएंगी.
अंडमान को जो सुविधा मिली है, उसका बहुत बड़ा लाभ वहां जाने वाले टूरिस्टों को भी मिलेगा. बेहतर नेट कनेक्टिविटी आज किसी भी टूरिस्ट डेस्टिनेशन की सबसे पहली प्राथमिकता हो गई है
1224 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 2300 किलोमीटर लंबी सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई गई है. इससे भारत के दूसरे हिस्सों की तरह अंडमान-निकोबार को भी तेज और भरोसेमंद मोबाइल और लैंडलाइन टेलीकॉम सेवा मिल पाएगी.
समुद्र में केबल बिछाने के लिए खास तरह के जहाजों का इस्‍तेमाल किया जाता है. ये जहाज अपने साथ 2,000 किलोमीटर लंबी केबल तक ले जा सकते हैं. जहां से केबल बिछाने की शुरुआत होती है, वहां से एक हल जैसे इक्यूप्मेंट का इस्तेमाल करते हैं, जो जहाज के साथ-साथ चलता है.
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