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आंध्र प्रदेश: विधानसभा ने विधानपरिषद को खत्म करने का प्रस्ताव पास किया, क्या इस योजना के चलते ऐसा हुआ

भाषा
Updated: January 27, 2020, 8:21 PM IST
आंध्र प्रदेश: विधानसभा ने विधानपरिषद को खत्म करने का प्रस्ताव पास किया, क्या इस योजना के चलते ऐसा हुआ
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की फाइल फोटो

तेलुगू देशम पार्टी (TDP) ने विधान परिषद (Legislative Council) को समाप्त करने के राज्य सरकार के फैसले का विरोध करते हुए कार्यवाही का बहिष्कार (Boycott) किया.

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अमरावती. आंध्र प्रदेश विधानसभा (Andhra Pradesh Assembly) ने सोमवार को राज्य विधान परिषद (State Legislative Council) को समाप्त करने संबंधी प्रस्ताव पारित कर दिया. यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब चंद दिन पहले वाईएसआर कांग्रेस सरकार (YSR Congress Government) राज्य की तीन राजधानी बनाने की अपनी योजना में उच्च सदन में विपक्षी तेदेपा (TDP) का बहुमत होने के चलते विफल हो गई थी.

राज्य की 175 सदस्यीय विधानसभा (Assembly) में शाम छह बजे हुए मत विभाजन के दौरान उपस्थित सभी 133 सदस्यों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया और संविधान (Constitution) के अनुच्छेद 169 (1) के तहत इसे आम सहमति (Unanimously) से स्वीकार कर लिया गया.

तेलुगू देशम पार्टी ने विरोध में किया कार्यवाही का बहिष्कार
विधानसभा अध्यक्ष (Assembly Speaker) ताम्मिनेई सीताराम ने घोषणा की कि राज्यों में विधान परिषदों के गठन या निरस्तीकरण (Abolition) से संबंधित अनुच्छेद 169 (1) के तहत प्रस्ताव को बहुमत से स्वीकार कर लिया गया.

तेलुगू देशम पार्टी (Telugu Desam Party- TDP) ने विधान परिषद को समाप्त करने के राज्य सरकार (State Government) के फैसले का विरोध करते हुए कार्यवाही का बहिष्कार किया.

आवश्यक कार्रवाही के लिए केंद्र के पास भेजा जाएगा प्रस्ताव
इससे पहले आंध्र प्रदेश के मंत्रिमंडल (Andhra Pradesh Cabinet) ने सोमवार को ही एक प्रस्ताव पारित कर राज्य विधान परिषद को समाप्त करने की प्रक्रिया को हरी झंडी दिखाई थी.अब जब चूंकि यह प्रस्ताव विधानसभा में पास हो गया है तो इसे आवश्यक कार्यवाही के लिए केंद्र (Center) के पास भेजा जाएगा.

तीन राजधानियों के विधेयक को पारित करवाने में विफल रहने के बाद किया यह फैसला
आंध्र की 58 सदस्यीय परिषद में वाईएसआर कांग्रेस (YSR Congress) नौ सदस्यों के साथ अल्पमत में है. इसमें विपक्षी तेलगु देशम पार्टी के 28 सदस्य हैं. सत्तारुढ़ दल सदन में वर्ष 2021 में ही बहुमत प्राप्त कर पाएगा जब विपक्षी सदस्यों का छह साल का कार्यकाल खत्म हो जाएगा.

दरअसल वाईएस जगनमोहन रेड्डी (Jagan Mohan Reddy) की सरकार पिछले हफ्ते राज्य विधानसभा के उच्च सदन में राज्य में तीन राजधानियों से संबंधित महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित करवाने में विफल रही थी. इसी के बाद राज्य मंत्रिमंडल ने यह कदम उठाया.

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First published: January 27, 2020, 8:21 PM IST
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