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नीतीश के बाद CM जगन ने कहा- 2010 वाले फॉर्मेट पर हो NPR, विधानसभा में लाएंगे प्रस्ताव

भाषा
Updated: March 3, 2020, 11:25 PM IST
नीतीश के बाद CM जगन ने कहा- 2010 वाले फॉर्मेट पर हो NPR, विधानसभा में लाएंगे प्रस्ताव
जगन मोहन रेड्डी ने कहा वह एनपीआर को 2010 वाले फॉर्मेट में लाने के लिए इस संबंध में हम आगामी विधानसभा सत्र में एक प्रस्ताव भी लाएंगे. (File Photo)

मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी (YS Jaganmohan Reddy) ने मंगलवार को ट्वीट कर वाईएसआर कांग्रेस (YSR Congress) का एनपीआर (NPR) पर रुख स्पष्ट किया.

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अमरावती. आंध्र प्रदेश सरकार (Andhra Pradesh Government) राज्य विधानसभा के बजट सत्र में एक प्रस्ताव पारित करेगी जिसमें केन्द्र से 2010 के प्रारूप में ही राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (National Poplulation Register) तैयार करने का अनुरोध किया जाएगा.

मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी (YS Jaganmohan Reddy) ने मंगलवार को ट्वीट कर वाईएसआर कांग्रेस (YSR Congress) का एनपीआर (NPR) पर रुख स्पष्ट किया.

मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, "एनपीआर में प्रस्तावित कुछ सवाल अल्पसंख्यकों के दिमाग में संदेह उत्पन्न कर रहे हैं. हमारी पार्टी के भीतर पूर्ण विचार-विमर्श करने के बाद, हमने केन्द्र सरकार से 2010 की शर्तां को ही रखने का अनुरोध करने का निर्णय किया है."



जगन मोहन रेड्डी ने एक अन्य ट्वीट में कहा, "इस संबंध में हम आगामी विधानसभा सत्र में एक प्रस्ताव भी लाएंगे."






राज्यों से बात कर रही सरकार
वहीं सरकार ने मंगलवार को कहा कि वह उन राज्यों के साथ विचार-विमर्श कर रही है जिन्हें राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) तैयार करने के संबंध में आशंकाए हैं.

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय (Nityanand Rai) ने लोकसभा (Loksabha) में पीसी गद्दीगौदर के प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, "सरकार उन राज्य सरकारों के साथ विचार-विमर्श कर रही है, जिन्हें राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) तैयार करने के संबंध में आशंकाए हैं. एनपीआर फाउंडेशन की प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक परिवार और व्यक्ति के जनसांख्यिकीय आंकड़े और अन्य विवरण अद्यतन य एकत्रित किये जा रहे हैं." उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में कोई दस्तावेज एकत्र नहीं किया जाना है.

असम को लेकर दिया ये जवाब
राय ने अब्दुल खलीक के एनआरसी के संबंध में एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि यदि असम में कोई व्यक्ति अंतिम एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजी) में अपने नाम को शामिल किये जाने से संबंधित दावों और आपत्तियों के निर्णय के परिणाम से संतुष्ट नहीं है तो वह विदेशी व्यक्ति (अधिकरण) आदेश, 1964 के तहत गठित नामित अधिकरण के समक्ष ऐसे आदेश की तारीख से 120 दिन की अवधि के भीतर अपील कर सकता है.

असम से कांग्रेस सदस्य खलीक ने यह भी पूछा था कि क्या विदेश मंत्री ने असम के अंतिम रूप से तैयार एनआरसी को मंत्रालय के किसी ट्विटर हैंडल के माध्यम से ऐतिहासिक, संवैधानिक और वैज्ञानिक दस्तावेज करार दिया है जिस पर मंत्री ने ‘नहीं’ में जवाब दिया.

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First published: March 3, 2020, 9:28 PM IST
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