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आंध्र HC ने निकाय चुनावों में कमजोर वर्गों के लिए कम किया आरक्षण

News18Hindi
Updated: March 3, 2020, 2:24 PM IST
आंध्र HC ने निकाय चुनावों में कमजोर वर्गों के लिए कम किया आरक्षण
आंध्र हाई कोर्ट

हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के सदस्य चीफ जस्टिस जितेंद्र कुमार माहेश्वरी और जस्टिस नैनाला जयसूर्या ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, स्थानीय निकायों में आरक्षण की कुल सीमा 50 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकती.

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हैदराबाद. आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट (Andhra High Court) ने सोमवार को अपने एक फैसले में स्थानीय निकाय चुनावों में आरक्षण की सीमा को घटा दिया है. जिसके बाद राज्य के नागरिक प्रशासन मंत्री बोत्सा सत्यनारायण ने कहा कि स्थानीय निकय चुनाव में आरक्षण (Reservation) पर हाईकोर्ट के फैसले का उनकी सरकार स्वागत करती है. उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के तहत ही अब 50 फीसदी के भीतर आरक्षण के साथ स्थानीय निकाय के चुनाव कराए जाएंगे. सरकार ने पहले अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए स्थानीय निकाय चुनाव में 59.85 फीसदी आरक्षण की बात कही थी.

हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के सदस्य चीफ जस्टिस जितेंद्र कुमार माहेश्वरी और जस्टिस नैनाला जयसूर्या ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, स्थानीय निकायों में आरक्षण की कुल सीमा 50 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकती.

बीते साल नवंबर में सरकार ने OBCs के लिए 34 फीसदी, SCs के लिए 19.08 फीसदी और ST के लिए 6.77 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की थी. सरकार के बी प्रताप रेड्डी ने इस ऑर्डर को जनहित याचिका (PIL) के जरिए बीते महीने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने ये पीआईएल हाईकोर्ट में भेज दी.



हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया कि वह नए सिरे से आरक्षण का पैटर्न तैयार करके लाए, जो कि 50 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए.



कोर्ट के इस फैसले के बाद राज्य के नागरिक प्रशासन मंत्री बोत्सा सत्यनारायण ने बताया राज्य सरकार ने स्थानीय निकाय चुनाव में गरीब व कमजोर तबकों की आबादी के आधार पर आरक्षण देने का विचार किया था, लेकिन टीडीपी के षडयंत्र के कारण कोर्ट ने इस मुद्दे को खारिज कर दिया है.

उन्होंने कहा कि सीएम जगन मोहन रेड्डी सहित अन्य मंत्रियों को जरूर यह मलाल रहेगा कि स्थानीय निकाय चुनाव में अधिक आबादी वाले कमजोर तबकों के साथ इंसाफ नहीं कर पाए.

30 दिन के भीतर चुनाव कराने के हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए मंत्री ने बताया कि फिलहाल सरकार के सामने स्थानीय निकाय चुनाव, बजट सत्र, विद्यार्थियों की परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, लेकिन हम सभी को समन्वय बनाकर आगे बढ़ेंगे.

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First published: March 3, 2020, 1:57 PM IST
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