आंध्र के CM जगन मोहन रेड्डी ने वैक्सीन की कमी पर केंद्र से की अपील, निजी अस्पतालों को न दिया जाए टीका

आंध्र प्रदेश की सीएम जगन मोहन रेड्डी ने पीएम को लिखी है चिट्ठी.

आंध्र प्रदेश की सीएम जगन मोहन रेड्डी ने पीएम को लिखी है चिट्ठी.

आंध्र प्रदेश में वैक्सीन की कमी को लेकर सीएम जगन मोहन रेड्डी ने पीएम मोदी को एक चिट्ठी भी लिखी है. उन्होंने चिट्ठी में वैक्सीन की कमी पर बात करते हुए मांग की है कि निजी अस्पतालों को दी जाने वाली वैक्सीन की आपूर्ति फिलहाल रोक दी जाए.

  • Share this:

अमरावती. देश में कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में टीकाकरण एक अहम अभियान है. अलग-अलग राज्यों के सामने वैक्सीनेशन ड्राइव को लेकर अपनी-अपनी समस्याएं हैं. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने केंद्र सरकार से निजी अस्पतालों की कोविड रोधी टीके की आपूर्ति रोकने की अपील की है. उन्होंने कहा है कि टीके की सीमित मात्रा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला आवश्यक है. मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने निजी अस्पतालों पर टीके की खुराक के लिए लोगों से मनमानी कीमत वसूलने का आरोप भी लगाया.

रेड्डी ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा कि निजी अस्पताल टीके की एक खुराक के लिए लोगों से 2,000-25,000 रुपये तक वसूल रहे हैं, जोकि दुनिया में उपलब्ध कोविड के टीके की सबसे महंगी खुराक में से एक है.

उन्होंने कहा कि टीका आम जनता के हित के लिए है इसलिए नैतिक रूप से इसे निशुल्क अथवा एक तय कीमत में उपलब्ध कराया जाना चाहिए. मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा कि ' जब 45 से अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए ही टीके की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है और इस बात की भी कोई संभावना नहीं है कि अगले कुछ महीनों में 18-44 आयु वर्ग के लोगों के लिए नि:शुल्क टीकाकरण अभियान शुरू हो पाएगा, ऐसे में कुछ निजी अस्पतालों को मनमानी कीमत पर सभी आयु वर्ग के लोगों को टीका लगाने की अनुमति देना सही नहीं है.'

जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि इसके कारण न सिर्फ समाज के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को परेशानी हो रही है बल्कि इससे टीके की कालाबाजारी का खतरा भी बढ़ जाता है. उन्होंने कहा कि लोगों को सरकारी अथवा निजी अस्पतालों में टीका लगवाने का विकल्प देना, उसी स्थिति में सही साबित होगा, जब टीके की खुराक पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हो. रेड‍्डी ने प्रधानमंत्री से इस मामले की ओर ध्यान देने का अनुरोध करते हुए कहा कि निजी अस्पतालों को की जाने वाली टीके की आपूर्ति रोक दी जानी चाहिए.
उन्होंने कहा कि आज की स्थिति में जहां वैक्सीन की आपूर्ति बहुत सीमित है. लोगों के पास निजी अस्पतालों का विकल्प है, लेकिन वो अत्याधिक कीमत वसूल करते हैं, ये बिल्कुल अस्वीकार्य है. मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि इस पर गौर करें और प्राइवेट अस्पतालों को खत्म करें ताकि पूरा स्टॉक राज्य और केंद्र के पास उपलब्ध हो.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज