NDA में जुड़ें या नहीं? बड़ी उलझन में फंसे आंध्र प्रदेश के CM जगनमोहन रेड्डी

जगनमोहन रेड्डी इस समय दुविधा में हैं.
जगनमोहन रेड्डी इस समय दुविधा में हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) जगनमोहन रेड्डी (YS Jaganmohan Reddy) को एनडीए में लाना चाहते हैं लेकिन स्‍थानीय नेता उन्हें एनडीए में जाने से रोक रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 6, 2020, 3:52 PM IST
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नई दिल्‍ली. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी (YS Jaganmohan Reddy) असमंजस की स्थिति में हैं. वह इस दुविधा में हैं कि एनडीए से जुड़ा जाए या नहीं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें एनडीए में लाना चाहते हैं लेकिन स्‍थानीय नेता उन्हें एनडीए में जाने से रोक रहे हैं. जगनमोहन रेड्डी मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी से मिले थे लेकिन इस मुलाकात पर कुछ भी कहने से उन्होंने मना कर दिया था. उनके करीबियों के अनुसार यह मुलाकात अलग मुद्दे को लेकर हुई. एनडीए में शामिल होने का कोई मामला इसमें नहीं था लेकिन उस पर विचार जरूर हुआ.

तेलुगु देशम पार्टी के चंद्रबाबू नायडू ने जब 2018 में एनडीए का दामन छोड़ा, तब वाईएसआर कांग्रेस पार्टी को गठबंधन में लाने का प्रस्ताव दिया गया लेकिन जगनमोहन ने ज्यादा रुचि नहीं दिखाई. जगनमोहन को डर है कि एनडीए से जुड़ने पर कहीं मुस्लिम और ईसाई उनके खिलाफ न हो जाएं. दस प्रतिशत अल्पसंख्यक जनसंख्या के वोट जगनमोहन के प्रमुख वोटरों में हैं.

इसके अलावा उनको यह भी डर है कि एनडीए से जुड़ने पर कहीं उनकी तोल-मोल की शक्ति भी कम न कर दी जाए. उनका मानना है कि सरकार के बाहर रहकर मुद्दों के आधार पर समर्थन कर केंद्र की हार पर बात नहीं करते हुए मदद मिल सकती है.



जगमोहन रेड्डी के एक करीबी ने कहा, 'यह सही है कि हमें सरकार में शामिल होने का ऑफर मिला है लेकिन हमें लोकल नेताओं को भी मनाना होगा. ज्यादातर का नजरिया सरकार से नहीं जुड़ने का है. वैसे हम सरकार को हर बड़े मुद्दे पर सपोर्ट करते हैं. केंद्र के साथ हमारे काफी अच्छे रिश्ते हैं.'
कई का यह भी मानना है कि जगनमोहन बीजेपी के साथ आ सकते हैं अगर चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ अमरावती जमीन घोटाले में सीबीआई जांच कराई जाए. इसके अलावा आंध्र प्रदेश में चल रहे कुछ प्रोजेक्ट के लिए उन्हें कुछ फंड की भी उम्मीद है. इसके अलावा बीजेपी की महत्वाकांक्षा आंध्र प्रदेश में तेलुगु देशम पार्टी को हटाकर वहां मुख्य विपक्षी दल बनने की है. अगर जगनमोहन रेड्डी बीजेपी से हाथ मिलाते हैं तो टीडीपी को वापसी का मौका मिलेगा और बीजेपी नहीं टिक पाएगी.

लोकसभा और विधानसभा चुनावों में YSRCP ने जीत हासिल करते हुए जगनमोहन रेड्डी को सीएम बनाया. जगनमोहन रेड्डी ने पिछले छह सालों से पीएम नरेंद्र मोदी के साथ अच्छे रिश्ते बनाकर रखे और टीडीपी का एनडीए से अलग होने का यह कारण यह भी था. पिछले दो सालों में शिवसेना और शिरोमणि अकाली दल जैसे गठबंधन पार्टनरों के जाने के बाद बीजेपी नई पार्टियों के साथ गठबंधन कर यह दिखाना चाहती है कि हम गठबंधन के साथ रह सकते हैं. अगर YSRCP आंध्र प्रदेश में बीजेपी से हाथ मिलाती है, तो यह वहां की राजनीति में बदलाव होगा.
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