कोवैक्सीन को लेकर आंध्रप्रदेश के CM जगनमोहन रेड्डी ने PM मोदी को लिखा पत्र

कोवैक्सीन को भारतीय कंपनी भारत बायोटेक और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने तैयार किया है. (सांकेतिक तस्वीर: Shutterstock)

कोवैक्सीन को भारतीय कंपनी भारत बायोटेक और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने तैयार किया है. (सांकेतिक तस्वीर: Shutterstock)

Andhra Pradesh Coronavirus News: बीते 6 मई को आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने बताया था कि कोविड-19 का बेहद संक्रामक माना जाने वाला बी.1.617 और बी.1 स्वरूप युवाओं में तेजी से फैल रहा है.

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अमरावती. आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर उनसे निवेदन किया है कि वे कोरोना रोधी टीके कोवैक्सीन की निर्माण तकनीक को ऐसे कंपनियों को ट्रांसफर करें जो इसे बनाने में दिलचस्पी रखते हैं. इसके साथ ही उन्होंने आईसीएमआर-एनआईवी से कंपनियों के लिए वायरल स्ट्रेन भी उपलब्ध कराने का आग्रह किया है. आंध्रप्रदेश में कोरोना के मामले काफी तेजी से बढ़े हैं.


बीते 6 मई को आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने बताया था कि कोविड-19 का बेहद संक्रामक माना जाने वाला बी.1.617 और बी.1 स्वरूप युवाओं में तेजी से फैल रहा है. कोशिका एवं जीव विज्ञान केंद्र की ओर से किए गए अध्ययन के मुताबिक कोरोना का एन440 के स्वरूप न तो बेहद संक्रामक है और न ही बेहद घातक है.


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अध्ययन के मुताबिक, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए लोगों में से नमूने एकत्र किए गए थे जिनमें बी.1.617 और बी.1 स्वरूप पाया गया है जो कि बेहद संक्रामक माना जाता है. यह दोनों ही स्वरूप युवाओं में तेजी से फैल रहे हैं.



आंध्र प्रदेश के कोविड कमान एवं नियंत्रण केंद्र के अध्यक्ष के एस जवाहर रेड्डी ने एक वक्तव्य में कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से कोविड-19 महामारी को लेकर 25 अप्रैल को जारी ताजा जानकारी के मुताबिक भारत में कोरोना के बढ़ते मामलों का संबंध बी.1.617 से है.

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