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    एक दिन के लिए 12वीं की छात्रा बनी आंध्र प्रदेश के अनंतपुर ज़िले की कलक्टर

    आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में छात्रा को बनाया गया कलक्टर
    आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में छात्रा को बनाया गया कलक्टर

    आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के अनंतपुर ज़िला (Amravati) का एक दिन कि लिए कलक्टर (District magistrate) बनाया गया. ज़िला कलक्टर गंधम चंद्रदू ने राज्य में पहली बार यह शुरुआत की है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 12, 2020, 10:46 AM IST
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    अमरावती. एक नई शुरुआत करते हुए अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस (International Girl Child Day) के अवसर पर इंटरमीडिएट की एक छात्रा को आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के अनंतपुर ज़िला (Amravati) का एक दिन कि लिए कलक्टर (District magistrate) बनाया गया. ज़िला कलक्टर गंधम चंद्रदू ने राज्य में पहली बार यह शुरुआत की है.

    सरकारी स्कूल की छात्राओं का इस कार्यक्रम के लिए चुनाव ड्रॉ के माध्यम से किया गया और उन्हें एक दिन के लिए कलक्टर के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वाह करने दिया गया. जिन छात्राओं का इसके लिए चुनाव हुआ उसमें श्रवनी नमक छात्रा भी शामिल है जो गर्लादिन्ने मण्डल कस्तूरबा स्कूल में पढ़ती है. श्रवनी को एक दिन के लिए ज़िला कलक्टर बनाया गया.

    कलक्टर गंधम चंद्रदू, संयुक्त कलक्टर निशांत कुमार और ज़िला के अन्य अधिकारियों ने निजी रूप से श्रवनी को आमंत्रित किया और उसे कलक्टर की कुर्सी पर बैठाया. एक दिन के लिए कलक्टर बनी श्रवनी ने दिशा अधिनियम के तहत पंजीकृत मामले में पीड़ित लड़की को मुआवज़ा देने के आदेश पर हस्ताक्षर किए. मधु श्री और शहस्र को इस मौक़े पर संयुक्त कलक्टर के पद पर बैठाया गया.



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    लड़कियों ने एक दिन के लिए अनंतपुर ज़िला के विभिन्न स्थलों पर 63 मैन्यूअल्ज़ तहसीलदार के रूप में भी काम किया. इस मौक़े पर कलक्टर चंद्रदू ने कहा, इस कार्यक्रम को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है ताकि अधिकारी के रूप में काम करनेवाली छात्राओं को अपना लक्ष्य चुनने और उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिल सके. अगर उत्तरदायित्व वाले अधिकांश ऊंचे पदों पर महिलाएं काम करती हैं तो इससे लोगों को न्याय मिल पाएगा. महिला कर्मचारियों का मानना था कि इस तरह के कार्यक्रम से छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और अपने लक्ष्य तक पहुंचने में उन्हें और ज़्यादा मेहनत करने की प्रेरणा मिलेगी.
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