दूसरी बेटी पैदा होने से नाराज सिरफिरे पति ने पत्नी के सिर पर उड़ेल दी तेजाब की बोतल

इस महिला का पति इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गया है.

इस महिला का पति इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गया है.

Punjab Latest news in Hindi: जली हुई हालत में महिला को अस्पताल के आईसीयू में रखा गया है. उसका शरीर 58 फीसदी जल चुका है. पीड़िता अमनदीप का कहना है कि उसकी शादी हरविंदर सिंह के साथ साल 2014 में हुई थी.

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  • Last Updated: April 15, 2021, 7:50 PM IST
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चंडीगढ़. पंजाब के पटियाला (Patiala) के एक गांव में दूसरी बार बेटी पैदा होने (Birth of a daughter) से नाराज एक सिरफिरे शख्स ने अपनी पत्नी के सिर पर तेजाब की बोतल  (Acid bottle) उड़ेल कर उसे जला डाला. तेजाब से बुरी झुलसी  महिला को राजपुरा के अस्पताल (Hospital) में भर्ती करवाया गया है. जहां उसकी हालत गंभीर है.

उधर इस महिला का पति इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हो गया है. वह साथ में तेजाब की बोतल भी ले गया है. पुलिस (Police) ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है. यह घटना बैसाखी पर्व की है. महिला की पहचान अमनदीप कौर (32) के रूप में हुई है. आरोपी अमनदीप कौर का पति हरविंदर सिंह गांव नौगावां का रहने वाला है.

क्या है पूरा मामला

जली हुई हालत में महिला को अस्पताल के आईसीयू में रखा गया है. उसका शरीर 58 फीसदी जल चुका है. पीड़िता अमनदीप का कहना है कि उसकी शादी हरविंदर सिंह के साथ साल 2014 में हुई थी. शादी के बाद जब उसकी पहली बेटी हुई तो ससुराल वालों को कोई आपत्ति नहीं थी. सब लोगों ने पहली बेटी पैदा होने पर खुशी जाहिर की थी. करीब साढ़े तीन साल बाद जब उसकी दूसरी बेटी का जन्म हुआ तो उसका पति उससे नाराज रहने लगा और आए दिन परिवार में झगड़े करने लगा. यह झगड़ा गंभीर रूप धारण करता जा रहा था.
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13 अप्रैल को जब वह घर पर सिलाई मशीन पर कपड़े सिलने का काम कर रही थी तो उसका पति हरविंदर सिंह हाथ में तेजाब की बोतल लेकर आया, उसने बोतल को सिर पर उड़ेल दिया. परिवार के सदस्य भी मौके पर ही मौजूद थे. घटना को अंजाम देने के बाद  तेजाब की बोतल साथ लेकर भाग गया. अमनदीप को परिवार वालों ने राजपुरा के अस्पताल में भर्ती करवाया.



देश में हर साल 250 से 300 एसिड अटैक

गौरतलब है कि देश में हर साल 250 से 300 एसिड अटैक के मामले दर्ज किए जाते हैं.  इनमें से कई मामले पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं हो पाते हैं. ऐसे में एसिड हमलों की असली तादाद एक हजार के पार हो सकती है. एसिड सर्वाइवर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के संयोजक डी. रायचौधरी का कहना है कि ऐसे ज्यादातर मामलों में अभियुक्तों की ओर से पीड़िता और उसके परिजनों को पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराने की धमकी दी जाती है. इस वजह से लोग डर कर कई बार पुलिस के पास जाते ही नहीं हैं.
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