परमबीर सिंह लेटर बम मामले में CBI की जांच तेज, अनिल देशमुख के दो PA तलब

अनिल देशमुख पर लगे हैं करोड़ों की वसूली के आरोप (ANI)

अनिल देशमुख पर लगे हैं करोड़ों की वसूली के आरोप (ANI)

Anil Deshmukh Corruption Case: दरसअल परमबीर सिंह ने अपने लेटर में ये आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने 100 करोड़ की वसूली का टारगेट दिया है.

  • Last Updated: April 11, 2021, 1:06 PM IST
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नई दिल्ली. परमबीर सिंह लेटर बम मामले में सीबीआई ने अपनी जांच तेज़ कर दी है. रविवार को CBI ने महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल  देशमुख (Anil Deshmukh) के दो PA को पूछताछ के लिए बुलाया है. इस बीच महाराष्ट्र में चल रहे  सियासी बवाल के थमने के आसार नज़र नहीं आ रहे. भाजपा नेता किरीट सोमैया ने अब RTO घोटाले में CBI जांच की मांग कर दी है. ऐसे में महाविकास अघाड़ीसरकार के लिए नई मुश्किल खड़ी हो सकती है.

उधर रविवार को परमबीर सिंह (Param Bir Singh) लेटर बम मामले में CBI की जांच रफ्तार पकड़ती जा आ रही है. जाहिर है जांच के साथ अनिल देशमुख की मुश्किलें भी लगातार बढ़ती जा रही हैं. रविवार को CBI के मुंबई दफ्तर में काफी वक्त से अनिल देशमुख के PA रहे संजीव पलांडे और एक और PA कुंदन को पूछताछ के लिए बुलाया है. मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने अपने लेटर में भी "Mr Palande"  ज़िक्र किया था.

दरसअल परमबीर सिंह ने अपने लेटर में ये आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने 100 करोड़ की वसूली का टारगेट दिया है. परमबीर सिंह के इस लेटर ने महाराष्ट्र में सियासी भूचाल ला दिया था और आखिरकार अनिल देशमुख को अपनी गद्दी छोड़नी पड़ी थी. परमबीर सिंह की याचिका पर मुंबई हाई कोर्ट ने मामले को गम्भीर बताते हुए CBI जांच के आदेश दे दिए थे. देशमुख इस जांच के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए थे, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी. CBI ने इस मामले में प्रीलिमिनरी इन्क्वारी (PE) दर्ज कर चुकी है.

इस बीच भाजपा नेता किरीट सोमैया महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी को चिट्ठी लिखकर  आरटीओ घोटाले की सीबीआई जांच की मांग कर दी है. भाजपा नेता किरीट सोमैया ने आरोप लगाया है कि 500 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार घोटाले में परब, खरमाटे और ढाकने के ख़िलाफ़  सीबीआई जांच होनी चाहिए। उन्होंने एक वीडिओ ट्वीट कर महाराष्ट्र के राज्य परिवहन मंत्री अनिल परब, परिवहन आयुक्त अविनाश ढाकने और वर्धा के डिप्टी आरटीओ बजरंग खरमाटे पर करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं. उन्होंने ठाकरे सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य के परिवहन मंत्रालय में भ्रष्टाचार पसरा हुआ है.
मंत्री अनिल परब के साथ मिलकर वर्धा के डेप्युटी आरटीओ बजरंग खरमाटें ने ग़ैरकानूनी तरीक़े से करोड़ों रुपये की उगाही की और आपस में बांट लिए. सचिन वाजे की विस्फोटक चिट्टी में भी अनिल परब का नाम सामने आया था. तब से महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला चल रहा है. गृहमंत्री अनिल देशमुख के इस्तीफ़े के बाद परिवहन मंत्री अनिल परब पर सीबीआई जाँच की माँग ज़ोर पर है.
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