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किसानों के समर्थन में अन्ना हजारे, भारत बंद के दिन रखेंगे मौन व्रत

बंद के दिन आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर ज्यादातर व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे. अन्ना इस दिन मौन व्रत रखेंगे.
बंद के दिन आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर ज्यादातर व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे. अन्ना इस दिन मौन व्रत रखेंगे.

भारत बंद (Bharat Band) के दिन आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर ज्यादातर व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे. किसान संगठनों के मुताबिक बंद सुबह 11 बजे से शाम 3 बजे तक चलेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 7, 2020, 6:03 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों का अन्ना हजारे ने समर्थन किया है. अन्ना भारत बंद के दिन किसानों के समर्थन में मौन व्रत रखेंगे. 8 दिसंबर को देश भर में किसानों ने बंद रखने का फैसला किया है, किसानों के बंद को ज्यादातर राजनीतिक पार्टियों ने समर्थन दिया है. बंद के दिन आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर ज्यादातर व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे. किसान संगठनों के मुताबिक बंद सुबह 11 बजे से 3 बजे तक चलेगा.

अन्ना हजारे ने साल 2011 और 2012 के दरम्यान भ्रष्टाचार के खिलाफ इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन की अगुवाई की थी, जिसके चलते तत्कालीन यूपीए सरकार की काफी किरकिरी हुई और अंततः कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार 2014 के लोकसभा चुनावों में हार के बाद सत्ता से बाहर हो गई. अन्ना की अगुवाई में इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन में अरविंद केजरीवाल, योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण जैसे लीड कर रहे थे.





बृहन्नमुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट के पीआरओ के मुताबिक बेस्ट बसों का संचालन यथावत जारी रहेगा और भारत बंद के तहत ये सेवा बंद नहीं रहेगी. हालांकि बसों के संचालन के समय उन्हें लोहे की ग्रिल और प्रोटेक्टिव गियर के साथ चलाया जाएगा. ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके. दूसरी ओर मुंबई में कैब और ऑटो का सामान्य संचालन जारी रहेगा. मुंबई में टैक्सी यूनियन ने अभी तक बंद को समर्थन देने संबंधी घोषणा नहीं की है.
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किसानों के बंद के आह्वान को बैंकिंग, ऑटो सेक्टर से भी सपोर्ट मिल रहा है. 8 दिसंबर को बुलाए गए भारत बंद को कई सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने अपना समर्थन दिया है. दूसरी ओर केंद्र की सत्ता में विराजमान बीजेपी ने आंदोलन को राजनीति से प्रेरित बताया है. बीजेपी ने कहा है कि कृषि कानून ऐतिहासिक हैं और इससे किसानों की आय और जीवन शैली में बदलाव आएगा.

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केंद्र और किसान संगठनों के बीच 5 दौर की बातचीत हो चुकी है. 9 दिसंबर को छठें दौर की बातचीत होगी. किसान एमएसपी, तीनों कानूनों को रद्द करने सहित सभी किसानों के खिलाफ दर्ज मामले हटवाने समेत पांच मांगों को लेकर अडिग हैं.
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