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आरक्षण के खिलाफ अन्ना ने खोला मोर्चा, कहा-देश के लिए खतरनाक

NEW DELHI, INDIA - JULY 26: Social activist Anna Hazare (C) joined former servicemen during their protest against the Centre over the non-implementation of One Rank One Pension at Jantar Mantar on July 26, 2015 in New Delhi, India. Hazare said the veterans serve the country but don't get their due. He accused the National Democratic Alliance (NDA) government of not fulfilling even a "single promise", including the implementation of one rank one pension (OROP) scheme, and assured the defence personnel that he will do everything possible to help them. (Photo by Arun Sharma/Hindustan Times via Getty Images)

NEW DELHI, INDIA - JULY 26: Social activist Anna Hazare (C) joined former servicemen during their protest against the Centre over the non-implementation of One Rank One Pension at Jantar Mantar on July 26, 2015 in New Delhi, India. Hazare said the veterans serve the country but don't get their due. He accused the National Democratic Alliance (NDA) government of not fulfilling even a "single promise", including the implementation of one rank one pension (OROP) scheme, and assured the defence personnel that he will do everything possible to help them. (Photo by Arun Sharma/Hindustan Times via Getty Images)

जन आन्दोलनों की अगुवाई करने वाले अन्ना हजारे ने आरक्षण से देश को खतरा बताते हुए कहा कि आजादी के समय इसकी जरूरत थी लेकिन ...अधिक पढ़ें

    सीकर प्रसिद्ध समाजसेवी अन्ना हजारे ने आरक्षण के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जन आन्दोलनों की अगुवाई करने वाले अन्ना हजारे ने आरक्षण से देश को खतरा बताते हुए कहा कि आजादी के समय इसकी जरूरत थी लेकिन अब इसे खत्म किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नेताओं ने आरक्षण को वोट का हथियार बना लिया है। उन्होंने गोमांस मामले में नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि 68 साल तक इनको गोमांस नजर क्यों नहीं आया, आज हर कोई एक दूसरे पर आरोप लगा रहा है ।

    प्रसिद्ध समाजसेवी ने मौजूदा चुनाव प्रणाली पर भी सवालिया निशान खड़ा किया। उन्होंने कहा कि संविधान में चिन्ह के आधार पर चुनाव करवाने की व्यवस्था नहीं होने के बावजूद इस व्यवस्था से चुनाव हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग से हमारी मांग है कि बैलेट पेपर से चुनाव चिन्ह हटाए।

    अन्ना हजारे ने कहा कि देश को संविधान के आधार पर चलाना है और संविधान में चिन्ह पर चुनाव करवाने की व्यवस्था नहीं है फिर क्यों चिन्ह आधारित चुनाव करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में केवल उम्मीदवार का नाम और उसकी फोटो होनी चाहिए। हमारी लड़ाई सरकार से नहीं चुनाव आयोग से है ।

    हजारे ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए चरित्रवान उम्मीदवारों के पक्ष में मत देने की अपील करते हुए कहा कि कांग्रेस ने भ्रष्टाचार में ग्रेजुएट किया और बीजेपी पीएचडी करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी भ्रष्टाचार के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही हैं। भ्रष्टाचार को खत्म करने की चाबी मतदाताओं के हाथ में है।

    Tags: Anna Hazare, Election commission

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